उत्तर प्रदेश को आपदा-रोधी राज्य के रूप में और सुदृढ़ करने के लिए राज्यव्यापी अभ्यास आयोजित
- *भूकंप, रासायनिक एवं अग्नि आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सिम्पोजियम सम्पन्न*
- *18 सितम्बर को प्रदेश की 157 तहसीलों में होगी राज्यव्यापी मेगा मॉक एक्सरसाइज*
- *विभिन्न विभागों, विशेषज्ञ संस्थाओं एवं आपदा प्रतिक्रिया बलों ने साझा किए अनुभव; समन्वित एवं त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और सुदृढ़ करने पर जोर*
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) एवं अग्नि जैसी बहु-जोखिम वाली आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों, प्रतिक्रिया क्षमता एवं अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित दो दिवसीय Symposium-cum-Table Top Exercise (TTEx) – State Mock Exercise on Earthquake, Chemical and Fire Hazards आज यूपी एसडीएमए भवन, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम दिन उद्घाटन सत्र में UP SDMA के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, PVSM, AVSM, VSM (सेवानिवृत्त) ने कहा कि इस प्रकार की अभ्यासों का उद्देश्य राज्य, मण्डल एवं जनपद स्तर पर आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की वास्तविक समय में कार्यक्षमता को परखना, संभावित कमियों की पहचान करना तथा उन्हें समयबद्ध रूप से दूर करना है। उन्होंने कहा कि अभ्यास केवल तैयारियों के आकलन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एकीकृत, त्वरित एवं प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश की आपदा-रोधी क्षमता एवं Resilience को और मजबूत करना है।
प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग, श्रीमती अपर्णा यू., IASus ने कहा कि प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था का लक्ष्य केवल आपदा के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि आपदा से पूर्व जोखिम को कम करना, समय रहते तैयारी सुनिश्चित करना तथा आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से जन-धन की हानि को न्यूनतम करना है।
अपर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ, पद्मजा चौहान, IPSus ने कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य, परिवहन, सुरक्षा एवं आपदा प्रतिक्रिया बलों की क्षमताओं को एकीकृत करते हुए Whole of Government एवं Whole of Society दृष्टिकोण को और मजबूत किए जाने पर बल दिया।
पुलिस महानिदेशक, पी.ए.सी. उत्तर प्रदेश, डॉ. आलोक सिंह, IPSus ने बताया कि आपदा के समय प्रत्येक सेकंड महत्वपूर्ण होती है। प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए संबंधित विभागों एवं एजेंसियों की भूमिका, कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था तथा संसाधनों की उपलब्धता पहले से स्पष्ट और समन्वित होना आवश्यक है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की सदस्या सुश्री रीता मिसल ने कहा कि उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि आपदाएं केवल आपातकालीन प्रतिक्रिया की चुनौती नहीं हैं, बल्कि वेपूर्व तैयारी, जोखिम न्यूनीकरण, संस्थागत क्षमता तथा समन्वित नेतृत्व की भी कसौटी हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, PVSM, UYSM, AVSM, YSM, आर्मी कमांडर, सेंट्रल कमांड, भारतीय सेनाने आधुनिक तकनीक, अर्ली वार्निंग, त्वरित संचार, विशेषज्ञ संसाधनों एवं फील्ड स्तर की क्षमताओं को आपदा तैयारी की महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए मिलिट्री - सिविल कोऑर्डिनेशन पर बल दिया और इस्के निरंतर सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
अभ्यास में उत्तर प्रदेश के भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील 34 जनपदोंको केंद्रित किया गया। इन जनपदों केअपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उप जिलाधिकारी एवं आपदा विशेषज्ञों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त 11 मण्डलों से पुलिस, स्वास्थ्य तथा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियोंने भी सहभागिता की। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के संबंधित विभागों, विशेषज्ञ संस्थाओं, आपदा प्रतिक्रिया बलों एवं अन्य हितधारकों की भागीदारी के माध्यम से विभिन्न आपदा परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, सूचना के निर्बाध आदान-प्रदान तथा समन्वित प्रतिक्रियाकी व्यवस्थाओं को परखा गया।
दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिन आयोजित सिम्पोजियम में भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) एवं अग्नि आपदाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर NDMA, DRDE-DRDO, NCS, UP SDMA, उत्तर प्रदेश फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज, भारतीय रेल, NDRF, स्वास्थ्य विभाग तथा भारतीय सेना के सेंट्रल कमांड सहित विभिन्न संस्थाओं के विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने अनुभव, तकनीकी जानकारी एवं सर्वाेत्तम कार्यप्रणालियां साझा कीं। सिम्पोजियम के दौरान अग्नि एवं औद्योगिक आपदाओं से संबंधित केस स्टडीज भी प्रस्तुत की गईं। प्रथम दिन एक्सरसाइज का संचालन प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी श्री मान्धाता प्रताप सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन आज टेबल टॉप एक्सरसाइज में आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था परखी गयी। TTEx के माध्यम से भूकंप, रासायनिक एवं अग्नि आपदाओं से संबंधित विभिन्न परिदृश्यों में जनपदों, विभागों एवं आपदा प्रतिक्रिया बलों की तैयारी, निर्णय लेने की क्षमता, कमांड एवं कंट्रोल तथा अंतर-विभागीय समन्वय का परीक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान भूकंप के तत्काल बाद की कार्रवाई, विद्यालयों, अस्पतालों एवं प्रशासनिक कार्यालयों की स्थिति, रासायनिक गैस रिसाव एवं तरल रसायन के फैलाव तथा अस्पतालों, विद्यालयों एवं बहुमंजिला भवनों में अग्नि आपात स्थिति जैसे परिदृश्यों पर प्रतिभागियों द्वारा प्रतिक्रिया रणनीतियों पर चर्चा की गयी। टेबल टॉप एक्सरसाइज का संचालन प्राधिकरण के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर- प्रशिक्षण प्रवीन किशोर द्वारा किया गया।
अभ्यास के अगले चरण में 18 सितम्बर 2026 को राज्यव्यापी मेगा मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। 34 जनपदों की 157 तहसीलों में विभिन्न चिन्हित स्थलों पर एक साथ भौतिक रूप से आयोजित होने वाला यह अभ्यास प्रदेश की भूकंप संबंधी तैयारियों एवं बहु-स्तरीय आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की वास्तविक परिस्थितियों में व्यापक परख करेगा। इस दौरान सभी संबंधित जनपदों में जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) एवं Incident Response Teams (IRT) को सक्रिय किया जाएगा। इसके माध्यम से कमांड, नियंत्रण, सूचना संप्रेषण एवं अंतर-विभागीय समन्वय की व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जाएगा। प्रत्येक जनपद मेंफील्ड हॉस्पिटल स्थापित कर बड़े पैमाने पर घायलों के त्वरित उपचार, ट्रायेज, रेफरल एवं चिकित्सा सेवाओं की तैयारियों को भी परखा जाएगा। मॉक एक्सरसाइज के दौरान भूकंप के पश्चात भवनों से सुरक्षित निकासी, ध्वस्त संरचनाओं में खोज एवं बचाव, अग्निकांड, गैस/रासायनिक रिसाव एवं अन्य संभावित द्वितीयक आपदा परिस्थितियों का सजीव अभ्यास किया जाएगा। इन परिदृश्यों को विद्यालयों, मॉल, कार्यालयों, बहुमंजिला भवनों तथा औद्योगिक इकाइयों-विशेषकर MAH एवं Non-MAH इकाइयों में व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित एवं अभ्यासित किया जाएगा। अभ्यास को और अधिक व्यापक एवं यथार्थपरक बनाने के लिए भारतीय रेल द्वारा भूकंप के कारण ट्रेन के पटरी से उतरने (Derailment) की विशेष आपदा परिस्थिति का भी सिमुलेशन किया जाएगा। इसमें खोज एवं बचाव, घायलों की निकासी, चिकित्सा सहायता, राहत तथा विभिन्न संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वित प्रतिक्रिया की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। पूरे मेगा मॉक एक्सरसाइज की UP SDMA द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तर से लाइव मॉनिटरिंग एवं कमांड-एंड-कंट्रोल किया जाएगा।
Sep 12 2026, 13:13
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