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जनपद मऊ -: 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, अधिकाधिक मामलों के निस्तारण की तैयारी तेज
सुलह-समझौते से विवादों के समाधान पर जोर, राजस्व वादों और प्रीलिटिगेशन मामलों के चिन्हांकन के निर्देश

मऊ। आगामी 12 सितंबर 2026 को जनपद मऊ में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। अधिकाधिक लंबित एवं प्रीलिटिगेशन मामलों का प्रभावी और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ के तत्वावधान में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश संजय कुमार यादव ने की।

बैठक में जनपद न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए अधिक से अधिक पात्र वादों को चिन्हित कर उनका निस्तारण आपसी सुलह, समझौते एवं पक्षकारों की सहमति के आधार पर कराया जाए। विशेष रूप से राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों तथा प्रीलिटिगेशन स्तर के मामलों को प्राथमिकता से चिन्हित कर उनके निस्तारण की प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

अपर जनपद न्यायाधीश-प्रथम एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी बाक़र शमीम रिज़वी ने संबंधित अधिकारियों को अधिकाधिक मामलों का चिन्हांकन करने तथा उनकी प्रभावी पैरवी एवं निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रीलिटिगेशन मामलों में संबंधित पक्षकारों से संपर्क कर उन्हें लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान कराने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।

बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मऊ श्रीमती नाहेरा वसीम सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि चिन्हित प्रकरणों में पक्षकारों को सुलह-समझौते के लिए प्रेरित करते हुए पात्र मामलों का अधिकाधिक संख्या में निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए।

MACT मामलों पर भी विशेष जोर

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) से संबंधित मामलों के अधिकाधिक निस्तारण को लेकर भी बैठक आयोजित की गई। इसमें पक्षकारों, बीमा कंपनियों और अधिवक्ताओं के बीच समुचित समन्वय स्थापित कर मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराने पर चर्चा हुई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने आमजन, वादकारियों और संबंधित पक्षकारों से अपील की कि वे 12 सितंबर 2026 की राष्ट्रीय लोक अदालत
जनपद मऊ -: नियमित योग से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का संदेश
योग शरीर के साथ मन को भी रखता है स्वस्थ, प्राणायाम और ध्यान से बढ़ती है एकाग्रता

मऊ। वैदिक योगशाला के संस्थापक राजन वैदिक ने नियमित योगाभ्यास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों को स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली और बढ़ते मानसिक तनाव के बीच योग स्वास्थ्य संरक्षण का प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है। योग, प्राणायाम और ध्यान का नियमित अभ्यास व्यक्ति को शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत बनाने में सहायक होता है।

राजन वैदिक ने कहा कि योग को केवल बीमारी से बचाव तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। सुबह के समय कुछ समय योग, प्राणायाम और ध्यान के लिए निकालकर व्यक्ति अपनी दिनचर्या को अधिक व्यवस्थित और ऊर्जावान बना सकता है।

उन्होंने लोगों से नियमित योगाभ्यास अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक सोच ही संतुलित जीवन की मजबूत नींव है।
कमलेश बहादुर के अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था/अपराध समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया
जनपद मऊ -: आगामी त्योहारों को लेकर जनपद में शांति/सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत  पुलिस लाईन मऊ के सभागार कक्ष में पुलिस अधीक्षक मऊ  कमलेश बहादुर के अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था/अपराध समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया ।

इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक मऊ अनूप कुमार, समस्त क्षेत्राधिकारी/प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। इसी क्रम में महोदय द्वारा अपराध एवं कानून व्यवस्था के विभिन्न बिन्दुओं पर समीक्षा की गयी तथा शांति/कानून व्यवस्था के विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुये

निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिये गये –
1 . छोटी-छोटी घटनाओं पर भी विशेष नजर बनायें रखें तथा आवश्यक विधिक कार्यवाही की जाय।
2 . गंभीर घटना कारित होने पर तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया जाय एवं उच्चाधिकारियों को ब्रीफ किया जाय।
3 . जनशिकायतों/आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों का निस्तारण अतिशीघ्र गुणवत्तापूर्ण किया जाय तथा मौके का भ्रमण अवश्य किया जाय।
4 . अपराधों को रोकने हेतु पैदल गस्त एवं पिकेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।
5 . बीट व्यवस्था प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाय।
6 . गोवध के मामलों में अभियुक्तों के विरुद्ध गुण्डा/गैंगेस्टर की कार्यवाही अवश्य की जाय।
7 . अवैध म़द्य निष्कर्षण/बिक्री/परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाया जाय तथा सम्भावित क्षेत्रों में निरंतर चेकिंग/दबिश की कार्यवाही की जाय एवं इस अपराध में संलिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगेस्टर की कार्यवाही की जाय।
8 . लूट की घटनाओं को रोकने हेतु पूर्व में संलिप्त रहे अपराधियों का अभियान चलाकर सत्यापन किया जाय तथा उनके विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही की जाय।
9 . जमीन सम्बन्धी विवादों में राजस्व विभाग से समन्वय स्थापित कर मौके का भ्रमण कर समाधान कराया जाय।
10. सभी थाने पीस कमेटी मीटिंग का आयोजन कर आवश्यक दिशा-निर्देशों से सभी को अवगत करा दिया जाय।
11 . सम्पूर्ण समाधान तहसील/थाना दिवस में प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों का निस्तारण 05 दिवस में अवश्य कर लिया जाय।
12 . महिला सम्बन्धी अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाय।
13 . आगामी त्योहारों के अवसर पर भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर गस्त/पिकेट की व्यवस्था की जाय।
14 . सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि बनायें रखें तथा अफवाहों का खंडन अतिशीघ्र करें।
15 .    संगठित अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाय।
मऊ जिला अस्पताल की बदहाल सड़कें और जलभराव ने खोली व्यवस्था की पोल!
मऊ जिला अस्पताल में जलभराव और बदहाल सड़कों के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि परिजन पानी के बीच स्ट्रेचर लेकर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने को मजबूर नजर आ रहे हैं।

जिस अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज के साथ सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलनी चाहिए, वहां बदहाल सड़क और जलभराव खुद एक बड़ी समस्या बन गए हैं।

आखिर इस अव्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस बदहाली पर पड़ेगी और मरीजों की परेशानी दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?
जनपद मऊ -: 6 सितम्बर को मऊ में होगा PDA व्यापारी मंडलीय सम्मेलन
प्रदेश सचिव अभिषेक मद्धेशिया एवं जिलाध्यक्ष शिवम कुमार सोनी ने बैठक कर दी कार्यक्रम की जानकारी

मऊ। आगामी 6 सितम्बर 2026 को मऊ में आयोजित होने वाले PDA व्यापारी मंडलीय सम्मेलन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। सम्मेलन की तैयारियों, उद्देश्य एवं कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव अभिषेक मद्धेशिया एवं मऊ जिलाध्यक्ष शिवम कुमार सोनी ने संयुक्त रूप से बैठक कर पत्रकारों को विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में प्रदेश सचिव अभिषेक मद्धेशिया ने बताया कि आजमगढ़ मंडल के आजमगढ़, मऊ एवं बलिया जनपदों से बड़ी संख्या में व्यापारी एवं वैश्य समाज के लोग सम्मेलन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से व्यापारियों की समस्याओं, उनके अधिकार, सम्मान एवं राजनीतिक भागीदारी से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि PDA के सिद्धांतों के तहत व्यापारी समाज को संगठित कर उसकी आवाज को मजबूती प्रदान करना सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य है। सम्मेलन को ऐतिहासिक एवं सफल बनाने के लिए मंडल के तीनों जनपदों में लगातार बैठकें, जनसंपर्क एवं संगठनात्मक तैयारियां की जा रही हैं।

मऊ जिलाध्यक्ष शिवम कुमार सोनी ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं तथा अधिक से अधिक व्यापारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण PDA व्यापारी मंडलीय सम्मेलन के मुख्य अतिथि समाजवादी व्यापार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष जगन अग्रवाल एवं प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल होंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आजमगढ़ मंडल के समस्त व्यापारी भाइयों, वैश्य समाज तथा समाजवादी पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से सम्मेलन में झअधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसे सफल एवं ऐतिहासिक बनाने की अपील की गई।

6 सितम्बर को मऊ चले—व्यापारी एकता की आवाज बुलंद करें।
जनपद मऊ -: अंगूठा लगवाने के बाद राशन नहीं देने का आरोप, बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर की शिकायत
घोसी,मऊ। विकास खंड बड़रांव के ग्राम सभा रजपुरा में कोटेदार पर लाभार्थियों का अंगूठा लगवाने के बाद राशन नहीं देने और मांगने पर कथित रूप से धमकी देने का आरोप लगा है। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण घोसी तहसील पहुंचे और नायब तहसीलदार अमरनाथ यादव को शिकायती पत्र सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि 10 अगस्त को कोटेदार जयनाथ चौहान ने लाभार्थियों का अंगूठा लगवा लिया लेकिन राशन नहीं दिया। अगले दिन राशन देने का आश्वासन दिया गया था लेकिन बाद में भी राशन नहीं मिला। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पिछले दो माह का राशन भी नहीं दिया गया है।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार राशन मांगने पर कोटेदार द्वारा कथित रूप से धमकी दी जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार सुबह मामले की सूचना 112 पुलिस हेल्पलाइन पर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन आरोप है कि इससे पहले ही कोटेदार वहां से चला गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने पात्र लाभार्थियों को उनका राशन दिलाने और आरोपों की पुष्टि होने पर कोटेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
मऊ में AAP जिलाध्यक्ष ने शिक्षक पर लगाए गंभीर आरोप, SP से जांच की मांग

मऊ। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्य विक्रम जीत सिंह ने प्राथमिक विद्यालय रकौली के शिक्षक सतीश सिंह के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और विधिक कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की व्यवस्थाओं के निरीक्षण के बाद शिक्षक के सोशल मीडिया अकाउंट से कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां और धमकी भरे पोस्ट किए गए। विक्रम जीत सिंह ने शिक्षकों के शोषण से जुड़े आरोपों को निराधार बताते हुए सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की जांच कराने की मांग की है।

उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर, आरोप सही पाए जाने पर BNS की धारा 356 समेत अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

हालांकि, शिक्षक की ओर से इस मामले में क्या पक्ष है, यह सामने आना अभी बाकी है। मामले में जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
जनपद मऊ -: फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो UPI, SIM और बैंक अकाउंट को तुरंत कैसे सुरक्षित करें? जानें 5 जरूरी कदम

फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन केवल कॉल और इंटरनेट चलाने का माध्यम नहीं है। हमारे फोन में UPI ऐप्स, मोबाइल बैंकिंग, ईमेल, सोशल मीडिया, OTP और निजी दस्तावेजों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद रहती है।

ऐसे में फोन खो जाने या चोरी हो जाने पर सबसे बड़ा खतरा केवल फोन के नुकसान का नहीं, बल्कि उससे जुड़े बैंक अकाउंट, UPI, SIM और ऑनलाइन अकाउंट के दुरुपयोग का भी होता है।

इसलिए फोन खोने के बाद घबराने के बजाय कुछ जरूरी कदम तुरंत और सही क्रम में उठाने चाहिए।

1. फोन को तुरंत Remote Lock करें

फोन खोने के बाद सबसे पहले किसी दूसरे मोबाइल या कंप्यूटर से अपने डिवाइस को Remote Lock करने का प्रयास करें।
Android और iPhone दोनों में डिवाइस को खोजने तथा लॉक करने की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि फोन वापस मिलने की संभावना कम है और उसमें संवेदनशील व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी मौजूद है, तो उपलब्ध होने पर Remote Erase विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि फोन को रिमोटली लॉक या erase करने के बाद भी अपने महत्वपूर्ण ऑनलाइन अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए आगे के कदम जरूर उठाएं।

2. UPI और Mobile Banking को तुरंत सुरक्षित करें

फोन खोने के बाद UPI और मोबाइल बैंकिंग को प्राथमिकता से सुरक्षित करना चाहिए।
अपनी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या आधिकारिक Customer Care के माध्यम से बैंक को फोन खोने की जानकारी दें। आवश्यकता पड़ने पर:
* Mobile Banking को अस्थायी रूप से ब्लॉक करवाएं।
* UPI सेवा या संबंधित UPI प्रोफाइल को सुरक्षित करवाएं।
* कार्ड/बैंकिंग credentials के दुरुपयोग की आशंका हो तो बैंक को तुरंत सूचित करें।
* अपने बैंक खाते के transactions पर नजर रखें।
* कोई अनजान transaction दिखाई दे तो तुरंत बैंक को रिपोर्ट करें।
महत्वपूर्ण: बैंक से संपर्क करने के लिए इंटरनेट पर मिले किसी अनजान नंबर पर कॉल न करें। केवल बैंक के आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें।

3. SIM Card को तुरंत Block करवाएं
फोन चोरी या गुम होने के बाद SIM को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि मोबाइल नंबर का इस्तेमाल OTP और account recovery जैसी सेवाओं में हो सकता है।
अपने Telecom Operator से संपर्क करके:
1. पुराने SIM को ब्लॉक करवाएं।
2. उसी नंबर का replacement/duplicate SIM प्राप्त करें।
3. SIM दोबारा सक्रिय होने के बाद अपने महत्वपूर्ण खातों की सुरक्षा सेटिंग्स जांचें।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि किसी व्यक्ति को आपका फोन और सक्रिय SIM दोनों मिल जाते हैं, तो वह आपके नंबर से जुड़े कुछ account-recovery या authentication प्रयास कर सकता है।

4. Email और Social Media के Password बदलें

फोन में लॉग-इन आपके Gmail/Email, सोशल मीडिया और अन्य महत्वपूर्ण अकाउंट्स हो सकते हैं।
किसी दूसरे सुरक्षित डिवाइस से:
* Primary Email का password बदलें।
* Recovery Email की सुरक्षा जांचें।
* सोशल मीडिया अकाउंट्स के password बदलें।
* Unknown या पुराने devices से logout करें।
* जहां संभव हो, Two-Factor Authentication (2FA) चालू करें।
* Account recovery options की समीक्षा करें।
सबसे पहले उस मुख्य Email Account को सुरक्षित करना समझदारी है, क्योंकि कई अन्य ऑनलाइन सेवाओं का password reset उसी Email के माध्यम से किया जा सकता है।

5. पुलिस शिकायत करें और CEIR से IMEI Block करें

यदि फोन चोरी हुआ है, तो स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है। फोन का IMEI Number भी सुरक्षित रखें। यह नंबर आमतौर पर फोन के बॉक्स, बिल या खरीद से जुड़े दस्तावेजों में मिल सकता है।
भारत में चोरी या खोए हुए मोबाइल डिवाइस के IMEI को ब्लॉक करने और संबंधित प्रक्रिया के लिए Central Equipment Identity Register (CEIR) का उपयोग किया जा सकता है।
CEIR के माध्यम से पात्र मामलों में खोए/चोरी हुए मोबाइल डिवाइस को नेटवर्क पर इस्तेमाल होने से रोकने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पुलिस शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों को संभालकर रखना भी उपयोगी है।

किन गलतियों से बचना चाहिए?
फोन खोने के बाद कुछ लोग केवल SIM बंद करवाकर सुरक्षित समझ लेते हैं। लेकिन यह पर्याप्त नहीं हो सकता।
इन गलतियों से बचें:
* अनजान व्यक्ति को OTP न बताएं।
* बैंक PIN, UPI PIN या Password किसी के साथ साझा न करें।
* बैंक की समस्या बताकर आने वाले संदिग्ध कॉल/मैसेज पर भरोसा न करें।
* किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
* Fake Customer Care Number से सावधान रहें।
* फोन वापस मिलने के नाम पर Remote Lock हटाने या credentials देने की जल्दबाजी न करें।

फोन खोना केवल डिवाइस खोना नहीं है। आज स्मार्टफोन बैंकिंग, UPI, Email और कई डिजिटल सेवाओं की चाबी बन चुका है। इसलिए फोन गुम या चोरी होने पर जितनी जल्दी कार्रवाई की जाए, उतना ही संभावित वित्तीय और डिजिटल नुकसान कम किया जा सकता है।

साइबर क्राइम थाना
मऊ

कृपया केवल पढ़े नहीं ज्यादा से ज्यादा शेयर करे क्योकि बस जागरूक रहकर ही साइबर अपराध से बचा जा सकता है
मऊ में तमसा नदी का जलस्तर बढ़ा, महादेव घाट पर सुरक्षा बढ़ाई गई!
मऊ में तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से महादेव घाट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। घाट पर रस्सियों से बैरिकेडिंग की गई है और सुरक्षा कर्मी लगातार लोगों को नदी के पास जाने से अलर्ट कर रहे हैं।

लोगों से अपील है कि बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए नदी के किनारे जाने या पानी में उतरने से बचें।
छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों के लिए राहत, दोबारा खुला पोर्टल
जनपद मऊ -: शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए नई समय-सारिणी जारी, शिक्षण संस्थानों को तय समय में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

मऊ। वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं के लिए राहत की खबर है। शिक्षण संस्थाओं से आवेदन अग्रसारित न होने, पीएफएमएस से आवेदन रिजेक्ट होने तथा अन्य कारणों से भुगतान से वंचित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र विद्यार्थियों के लिए पोर्टल खोले जाने की समय-सारिणी निर्धारित कर दी गई है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी रश्मि मिश्रा ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संबंधित शिक्षण संस्थानों को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित अवधि में पूरी करनी होंगी, ताकि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिल सके।

उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्था द्वारा मास्टर डाटा तैयार करने की प्रक्रिया एक से सात सितंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। वहीं विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा रिजल्ट अपडेट करने की अवधि तीन से 10 सितंबर निर्धारित की गई है।

इसके बाद त्रुटिपूर्ण आवेदनों को शिक्षण संस्थान स्तर से सही करने का कार्य 16 से 18 सितंबर तक किया जाएगा। वहीं शिक्षण संस्थाओं द्वारा सत्यापित एवं पात्र डाटा 17 से 19 सितंबर 2026 तक अग्रसारित किया जाना है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जनपद के सभी दशमोत्तर शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य एवं प्राचार्य से अपील की है कि निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सभी प्रक्रियात्मक कार्रवाई समय से पूरी करें। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ से वंचित न रह जाए।