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जनता दर्शन में सीएम योगी का बड़ा निर्देश, पूनम को मिलेगी निराश्रित गाय, दिव्यांग की जमीन से हटेगा कब्जा
गोपालन से आत्मनिर्भर बनने की इच्छा पर मुख्यमंत्री ने पशुधन विभाग को दिए निर्देश, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना से आर्थिक मदद भी मिलेगी

लखनऊ। सीतापुर के गुरुदेव नगर हरगांव की रहने वाली पूनम देवी 'जनता दर्शन' में मुख्यमंत्री से मिलीं और गोपालन की अभिलाषा बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल उनकी मांगों पर विचार करते हुए अपर मुख्य सचिव (पशुधन) को निर्देश दिया कि इन्हें निराश्रित गाय उपलब्ध कराई जाए और नियमानुसार योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाए। 

वहीं, एक दिव्यांग ने अवैध कब्जे की भी शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच कराकर निराकरण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में पूनम देवी ने लिखा कि वह गोपालन करके आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। अभी उनके पास 5 गाय हैं और अन्य गोमाता को रखने के लिए पर्याप्त जगह भी है। ऐसे में उन्हें और भी गाय दिला दी जाएं, जिससे वे दूध आदि की बिक्री कर परिवार को समृद्ध करेंगी।

इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल अपर मुख्य सचिव (पशुधन) को निर्देश दिया कि इन्हें निराश्रित गाय उपलब्ध कराई जाए और मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए आर्थिक सहायता भी दिलाई जाए। 'जनता दर्शन' में मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी का हालचाल जाना, फिर सभी की समस्याएं भी पूछीं। पूनम का प्रार्थना पत्र पढ़कर मुख्यमंत्री ने उनकी हौसलाअफजाई भी की। मुख्यमंत्री ने पूनम से कहा कि हम आपको सरकार की तरफ से नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। आप गोसेवा कीजिए क्योंकि गोमाता में 33 कोटि देवताओं का वास होता है।

मुख्यमंत्री ने उनसे अनुभव साझा किया कि आप मन से गोसेवा करो, सारी बाधाएं और कष्ट दूर होंगे। पूनम ने भी श्रावण मास में इच्छा पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे दिव्यांग ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी जमीन पर किसी ने कब्जा कर लिया है। इस पर मुख्यमंत्री ने जांच कराकर पीड़ित के यथासंभव मदद करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त सीएम योगी ने प्रदेश के अन्य जनपदों से आए लोगों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण का भी निर्देश दिया।
यूपी में 17 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली,
मुरादाबाद और अलीगढ़ को मिले नए मंडलायुक्त
संगीता सिंह को मुरादाबाद और ओम प्रकाश आर्य को अलीगढ़ का मंडलायुक्त बनाया गया, कई विभागों में भी फेरबदल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार देर रात 17 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। इस प्रशासनिक फेरबदल में मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडल के नए मंडलायुक्तों की तैनाती की गई है। इसके अलावा ग्राम्य विकास, आयुष, नगर विकास, नियोजन, जल निगम, सहकारिता और उच्च शिक्षा समेत कई विभागों में अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।
मुरादाबाद मंडलायुक्त का पद पिछले कुछ समय से खाली था। अलीगढ़ की मंडलायुक्त संगीता सिंह को मुरादाबाद का नया मंडलायुक्त बनाया गया है। वहीं राजस्व परिषद प्रयागराज में सदस्य (न्यायिक) के पद पर तैनात ओम प्रकाश आर्य को अलीगढ़ का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है। मुरादाबाद में मंडलायुक्त रहे सिक्किम कैडर के आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि 14 अगस्त को समाप्त हो गई थी।
प्रशासनिक बदलाव के तहत गौरी शंकर प्रियदर्शी को आयुक्त ग्राम विकास एवं सचिव ग्राम्य विकास विभाग के पद से हटाकर महानिदेशक आयुष एवं मिशन निदेशक राष्ट्रीय आयुष मिशन बनाया गया है। वहीं चैत्रा वी को महानिदेशक आयुष एवं मिशन निदेशक राष्ट्रीय आयुष मिशन से हटाकर सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रमोद कुमार उपाध्याय को सचिव समाज कल्याण विभाग से आयुक्त ग्राम्य विकास बनाया गया है। वहीं रवींद्र कुमार सचिव नगर विकास के पद पर बने रहेंगे, लेकिन उन्हें प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) और राज्य मिशन निदेशक (अमृत) के अतिरिक्त दायित्व से मुक्त कर दिया गया है।
मासूम अली सरवर को सचिव नियोजन विभाग और महानिदेशक अर्थ एवं संख्या के पद से कार्यमुक्त किया गया है। उन्हें प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) और राज्य मिशन निदेशक (अमृत) का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है। वह उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर बने रहेंगे।
इसी क्रम में डा. राज शेखर को प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) से हटाकर सचिव नियोजन विभाग तथा महानिदेशक अर्थ एवं संख्या बनाया गया है। योगेश कुमार को आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता के पद से हटाकर प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कुमार प्रशांत को सचिव राज्य सूचना आयोग से हटाकर आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता बनाया गया है। वहीं गुर्राला श्रीनिवासुलु को सचिव सचिवालय प्रशासन के पद से हटाकर सचिव उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग की जिम्मेदारी दी गई है।
सहकारी चीनी मिल्स संघ में भी बदलाव किया गया है। अमृत पाल कौर को प्रतीक्षारत किया गया है। वहीं नवनीत सेहारा को संयुक्त प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड के पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
इसके अलावा देवेंद्र कुमार पांडेय को विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा से विशेष सचिव उपभोक्ता मामले बनाया गया है। विवेक श्रीवास्तव को सचिव लखनऊ विकास प्राधिकरण से हटाकर विशेष सचिव पशुधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
अमृत त्रिपाठी को सचिव उच्च शिक्षा विभाग से हटाकर सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद प्रयागराज बनाया गया है। वहीं ओम प्रकाश राय को सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद प्रयागराज से विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग बनाया गया है।
सरकार की ओर से किए गए इस फेरबदल के बाद विभिन्न विभागों और मंडलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडल के साथ ही कई महत्वपूर्ण विभागों को नए अधिकारियों की जिम्मेदारी मिलने से प्रशासनिक स्तर पर नई व्यवस्था लागू होगी।
ईंट निर्मित स्तूप भारतीय बौद्ध स्थापत्य की समृद्ध परंपरा के प्रतीक: डॉ. राजेंद्र यादव

- नालासोपारा स्तूप के संरक्षण की चुनौतियों और वैज्ञानिक संरक्षण पर हुआ विशेष व्याख्यान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय की ओर से आयोजित पुरातत्व अभिरुचि पाठ्यक्रम के चतुर्थ दिवस पर ईंट निर्मित स्तूपों की स्थापत्य परंपरा और उनके संरक्षण से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, लखनऊ सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजेंद्र यादव ने ‘Brick Stupa of India and its Conservation Issues with Special Reference to Stupa at Nalasopara, Maharashtra’ विषय पर सचित्र प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।

डॉ. यादव ने भारत में ईंटों से निर्मित स्तूपों की संरचना, बनावट, आकार और स्थापत्य विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय बौद्ध स्थापत्य के प्रमुख स्वरूपों—स्तूप, चैत्यगृह और स्तंभ—के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि स्तूपों की विभिन्न श्रेणियों में शारीरिक स्तूप विशेष महत्व रखते हैं, जिनका निर्माण भगवान बुद्ध के शारीरिक अवशेषों के ऊपर किया जाता था।
व्याख्यान के दौरान भारतीय स्तूप स्थापत्य के क्रमिक विकास की भी जानकारी दी गई। डॉ. यादव ने बताया कि भारतीय स्तूप परंपरा पर मौर्यकालीन स्थापत्य के साथ-साथ इंडो-ग्रीक, इंडो-सिथियन और कुषाणकालीन कला एवं स्थापत्य परंपराओं का प्रभाव भी देखने को मिलता है। विभिन्न सांस्कृतिक एवं कलात्मक परंपराओं के समन्वय ने भारतीय बौद्ध स्थापत्य को विशिष्ट और समृद्ध स्वरूप प्रदान किया।

-  नालासोपारा स्तूप के संरक्षण पर विशेष चर्चा
महाराष्ट्र के नालासोपारा स्थित प्राचीन स्तूप के विशेष संदर्भ में डॉ. यादव ने ईंट निर्मित पुरातात्त्विक स्मारकों के संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों, संरचनात्मक समस्याओं और वैज्ञानिक संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राचीन ईंट निर्मित स्मारकों के संरक्षण में उनकी मूल संरचना और ऐतिहासिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय की निदेशक श्रीमती रेनू द्विवेदी ने मुख्य वक्ता डॉ. राजेंद्र यादव को पौधा एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का अभिवादन करते हुए पाठ्यक्रम में उनकी सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
व्याख्यान में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑफलाइन और 50 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। प्रतिभागियों ने भारतीय बौद्ध स्थापत्य, ईंट निर्मित स्तूपों के ऐतिहासिक विकास, उनकी स्थापत्य विशेषताओं और संरक्षण तकनीकों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
सचित्र प्रस्तुतीकरण और विषय की व्यापक व्याख्या के कारण व्याख्यान प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा। कार्यक्रम ने भारत की समृद्ध पुरातात्त्विक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रसोइया माताएं-बहनें ‘पीएम पोषण’ की आधारशक्ति, सम्मान से स्वास्थ्य-सुरक्षा तक सरकार प्रतिबद्ध : सीएम योगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विद्यालयों की रसोई में जलता चूल्हा केवल भोजन नहीं पकाता, बल्कि लाखों बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि अपने श्रम और ममत्व से इस पुनीत दायित्व को निभाने वाली रसोइया माताएं-बहनें ‘पीएम पोषण’ योजना की वास्तविक आधारशक्ति हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण का शुभारंभ सम्मान से स्वास्थ्य-सुरक्षा तक सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 

मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है विद्यालय की रसोई में जलता चूल्हा केवल भोजन नहीं पकाता, वह लाखों बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को ऊर्जा देता है। इस पुनीत दायित्व को अपने श्रम और ममत्व से निभाने वाली हमारी रसोइया माताएं-बहनें 'पीएम पोषण' की वास्तविक आधारशक्ति हैं। उन्होंने आगे लिखा कि आज इन कर्मयोगी रसोइयों के सम्मान के साथ प्रदेश की 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण का शुभारंभ होगा।

योगी ने कहा कि सम्मान से स्वास्थ्य-सुरक्षा तक की यह पहल हमारी रसोइया माताओं-बहनों के श्रम के प्रति 'डबल इंजन सरकार' की कृतज्ञता और उनके सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन के प्रति प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है। ज्ञात हो कि पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों के योगदान को केंद्र में रखते हुए आज लखनऊ में सम्मान समारोह एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रस्तावित इस कार्यक्रम में उनके हाथों मंच पर 11 रसोइयों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि प्रदेशभर से 1500 रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।

खास बात यह है कि इसी दिन जनपद एवं तहसील स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेशभर में रसोइयों के सम्मान का संदेश एक साथ पहुंचेगा। यह पहल पीएम पोषण योजना को जमीन पर प्रभावी ढंग से पहुंचाने वाले रसोइयों के योगदान को सार्वजनिक पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में प्रदेश के राजकीय, परिषदीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।

विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले इन रसोइयों को सम्मान देने के लिए राज्य से लेकर स्थानीय स्तर तक व्यापक तैयारियां की गई हैं। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ 23 अगस्त को जनपद एवं तहसील स्तर पर भी रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इनमें सांसद, मंत्री, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन को उपलब्ध सभागारों का उपयोग करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने तथा रसोइयों के सम्मान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों मंच पर 11 रसोइयों को सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 1500 रसोइयों को कार्यक्रम में सहभागी बनाया जाएगा।
मायावती का कांग्रेस पर निशाना, कहा- जंतर-मंतर पर आरक्षण विरोधी धरने से दूरी ने खोली कांग्रेस की मानसिकता
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन को आरक्षण विरोधी करार देते हुए कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी समाज को संविधान में मिले आरक्षण को खत्म करने की कोशिश देशहित में नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस दिन राहुल गांधी एक पीड़ित के लिए एफआईआर दर्ज कराने को लेकर धरने पर बैठे थे, उसी दिन जंतर-मंतर पर दलित और शोषित वर्गों के आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा था, लेकिन राहुल गांधी या कोई कांग्रेसी नेता वहां प्रदर्शनकारियों को समझाने तक नहीं गया। 

इससे इन वर्गों के प्रति कांग्रेस की आरक्षण विरोधी मानसिकता साफ झलकती है। बसपा मुखिया मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है कि दिल्ली के जंतर मंतर पर संविधान में एस.सी., एस.टी. व ओ.बी.सी. समाज को दिये गये आरक्षण के विरुद्ध अभी हाल ही में जमा हुये कुछ लोगों द्वारा आर्थिक आधार पर आरक्षण को लागू करने की उठाई गई यह नई माँग कतई भी उचित व देशहित में नहीं है। उन्हें आरक्षण के सम्बंध में ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिये जिससे समतामूलक समाज, विकसित व सम्मानित देश बनाने के संवैधानिक कार्यों को आघात पहुंचे।

उन्होंने कहा कि वैसे भी देश में सदियों से जातिवाद की अमानवीयता का शिकार रहे एस.सी., एस.टी. व ओबीसी समाज के लोगों हेतु संविधान में की गई आरक्षण की व्यवस्था के बारे में परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का यह कहना था कि ’जातिवाद का परित्याग ही सबसे बड़ी देशभक्ति है’। अतः लोग सही देशभक्ति का परिचय ज्यादा दें तो यही उचित होगा। मायावती ने कहा कि जहां तक आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की बात है, तो केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा भी गरीबी उन्मूलन के एक नहीं बल्कि अनेकों कार्यक्रमों पर काफी सरकारी धन हर वर्ष ख़र्च किया जाता है लेकिन उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार आदि के कारण इसका सही लाभ अगर देश के लोगों को नहीं मिलता है तो यह तो सरकारी व्यवस्था का सीधा-सीधा दोष है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, आर्थिक आधार पर आरक्षण की नई व्यवस्था भी देश में लागू है, जिसका भी सही लाभ अपरकास्ट समाज के ग़रीब परिवारों को नहीं मिल पा रहा है बल्कि इसमें छलावा अधिक है। मायावती ने कहा कि वास्तव में ख़ासकर यही वह भ्रष्ट व जातिवादी सरकारी व्यवस्था है जिसने आरक्षण के संवैधानिक रचनात्मक प्रावधान को कभी सही से ज़मीन पर लागू ही नहीं होने दिया है, जिस कारण एससी, एसटी व ओबीसी समाज के लोग, आज़ादी के इतने लम्बे अरसे के बाद आज तक भी गरीबी, जातिवादी द्वेष, शोषण, अत्याचार व जातिवाद के ज़हर का दंश हर दिन हर स्तर पर लगातार झेलते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि सभी सरकारें भी आरक्षण विरोधी तत्वों को शरण व संरक्षण बिल्कुल भी ना दें तो यह व्यापक देश व जनहित में होगा। लोगों से भी अपील है कि वे आरक्षण जैसे अहम् एवं संवेदनशील मुद्दे पर सस्ती राजनीति ना करें और ना ही होने दें। बसपा प्रमुख ने कहा कि उसी दिन पार्लियामेन्ट थाने के बाहर एक पीड़ित व्यक्ति के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी कई घन्टों तक धरने पर बैठे रहे, जिसका पार्टी को कोई ऐतराज नहीं है। हालांकि उसके बग़ल में जंतर-मंतर पर दलित व शोषितों के जातीय आधार पर दिये जाने वाले आरक्षण को खत्म करवाने के लिए धरना-प्रदर्शन भी चल रहा था, वहां पर वे व उनका कोई भी कांग्रेसी साथी उन्हें समझाने तक के लिये भी नहीं गये, जिससे इन वर्गों के प्रति इनकी आरक्षण विरोधी मानसिकता अभी भी साफ झलकती है।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को सीएम योगी का तोहफा, 27-28 अगस्त को बस में फ्री सफर कर सकेंगी महिलाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर माताओं, बहनों और बेटियों को विशेष उपहार देते हुए राज्य परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की है। इसके तहत 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक महिला यात्री तथा उनके साथ एक सहयोगी मुफ्त यात्रा कर सकेंगे।



मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, जलभराव, बाढ़ राहत, शिक्षा व्यवस्था और चीनी की उपलब्धता समेत विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह का पर्व है और इस अवसर पर महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नि:शुल्क बस यात्रा की व्यवस्था की है। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि इस दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

प्रदेश में हो रही बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पंपिंग स्टेशन लगाने और नालों की तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल निकासी की व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री योगी ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित हर परिवार तक राहत सामग्री और सरकारी सहायता समय पर पहुंचाई जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। इसके अलावा जून और जुलाई के दौरान 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की जा चुकी है, जिसका बड़ा हिस्सा अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू कराया जाए ताकि बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।

सीएम योगी ने अधिकारियों को चीनी की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चीनी की कमी को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी डीलर 30 दिनों से अधिक का स्टॉक नहीं रखेगा और एक समय में 400 टन से ज्यादा चीनी का भंडारण नहीं करेगा। वहीं, बड़े उपभोक्ताओं को भी 15 दिनों से अधिक का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को थोक और खुदरा विक्रेताओं तथा चीनी मिलों के गोदामों का सत्यापन कर वास्तविक स्टॉक की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि जिलाधिकारी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाज में भ्रम और अशांति फैलाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जमीन विवाद को लेकर टावर पर चढ़ी महिला, पुलिस के समझाने के बाद नीचे उतरी

- बाजारखाला थाना क्षेत्र में मचा हड़कंप, सूचना पर पहुंची पुलिस; मामले की जांच जारी


लखनऊ। बाजारखाला थाना क्षेत्र में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला जमीन विवाद को लेकर कथित तौर पर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया।
थाना प्रभारी बृजेश सिंह ने महिला से बातचीत कर उसे शांत कराया। पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक समझाने के बाद महिला को नीचे उतरने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद वह सुरक्षित टावर से नीचे उतर आई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, महिला के टावर पर चढ़ने की वजह जमीन से जुड़ा विवाद बताई जा रही है। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम की पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमीनाबाद में कथित नकली दवा नेटवर्क का खुलासा, 39.20 लाख Zoryl-M1 टैबलेट पर उठे सवाल

-  FSDA की जांच में फर्जी बिलिंग और क्रॉस-बिलिंग का आरोप; चार कारोबारियों के खिलाफ FIR, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल


लखनऊ। राजधानी के अमीनाबाद में कथित नकली दवा नेटवर्क की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की जांच के मुताबिक, कुछ दवा फर्मों के बीच वास्तविक दवा की आपूर्ति के बिना फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और कागजी लेनदेन किए जाने की आशंका है।
विभागीय जांच में एक फर्म की ओर से वित्तीय वर्ष 2026 में करीब 8.87 करोड़ रुपये की दवाओं की खरीद दर्शाए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच का एक अहम बिंदु 39.20 लाख Zoryl-M1 टैबलेट का स्टॉक और उनके लेनदेन से जुड़ा रिकॉर्ड है, जिसका पूरा हिसाब विभागीय जांच में नहीं मिल सका।

-  कंपनियों ने बिक्री से किया इनकार
FSDA के अनुसार, संबंधित दवा कंपनियों से दवाओं और बैचों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान कंपनियों की ओर से इन दवाओं की बिक्री किए जाने से इनकार किया गया। विभाग के मुताबिक, जांच में संबंधित बैचों को कथित तौर पर काउंटरफिट बताया गया है।

-  चार कारोबारियों के खिलाफ FIR
FSDA की शिकायत के आधार पर अमीनाबाद थाने में चार कारोबारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामले में Health Plus, MK Pharma, Ram Pharma और सहारनपुर की Patient Care Surgical House से जुड़े लोगों को आरोपी बनाया गया है।
विभाग के अनुसार, जांच अभी जारी है। फर्जी बिलिंग, दवाओं की खरीद-बिक्री और कथित काउंटरफिट दवाओं के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फर्मों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ : जेन-जी छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन


-  राजभवन कूच के दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक


लखनऊ। जेन-जी छात्रों के समर्थन और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने शनिवार को लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के नेतृत्व में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परिवर्तन चौक से राजभवन तक मार्च निकाला। प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपक शिवहरे ने मार्च की कमान संभाली।
प्रदर्शन में सैकड़ों युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर कथित अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। राजभवन घेराव के ऐलान के बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए राजभवन की ओर बढ़े।
मार्च में यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, जगदीश चंद्र जांगीड़ और पूर्व एमएलसी दीपक सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे। राजभवन कूच के दौरान पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें ईको गार्डन भेज दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर संवाद करना चाहिए।
चीनी की कालाबाजारी पर सख्ती, 30 दिन से ज्यादा स्टॉक रखने पर कार्रवाई

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चीनी की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए चीनी की कालाबाजारी एवं अनधिकृत भंडारण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर चीनी की कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतों को प्रभावित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल चीनी का भंडार शामिल है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कोई भी व्यापारी या डीलर 30 दिनों से अधिक समय तक चीनी का स्टॉक भंडारित नहीं कर सकेगा। वहीं, एक समय में किसी भी डीलर के पास 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कालाबाजारी या जमाखोरी में संलिप्त लोगों के खिलाफ एस्मा के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

-  48 लाख किसानों को 3,217 करोड़ रुपये का भुगतान
समीक्षा के दौरान प्रदेश में गन्ना किसानों को किए गए भुगतान की भी जानकारी दी गई। सरकार के अनुसार करीब 48 लाख किसानों को 3,217 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया गया है। सरकार का दावा है कि प्रदेश में किसानों को रिकॉर्ड स्तर पर गन्ना भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है।

- 15 अक्टूबर से शुरू होगा नया पेराई सत्र
प्रदेश में गन्ने का नया पेराई सत्र 15 अक्टूबर से शुरू होने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चीनी की उपलब्धता, वितरण और गन्ना पेराई सत्र की तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।