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आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा को नहीं लगानी होगी दौड़
*कालीन नगरी के विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा के लिए दूसरे जनपदों को नहीं जाना पड़ेगा*


नितेश श्रीवास्तव



भदोही। जल्द ही काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय में बीसीए, बीबीए, बीजेएमएसी, बीएससी कृषि, कंप्यूटर साइंस समेत कई रोजगार पाठ्यक्रम शुरू हो जाएंगे। इससे बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी। समय के साथ ही धन की भी बचत होगी।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने बताया कि गत दिनों हुई बैठक में इसका अनुमोदन किया गया था। 2027-28 से विश्वविद्यालय में कई महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई के लिए सहमति भी प्रदान किया। स्नातक और स्नातकोत्तर में कक्षा संचालन की स्वीकृति दिया। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। जिससे छात्र-छात्राओं को काफी सहूलियत मिलेगी। अब उन्हें वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में पढ़ने के लिए नहीं जाना होगा। स्नातक, परास्नातक संग रोजगार परक पढ़ाई भी विद्यार्थी यहीं कर सकेंगे। जिससे कैंपस सेलेक्शन में छात्र-छात्राएं चयनित होंगे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बीएससी (कृषि, कंप्यूटर साइंस, माइक्रोबायोलॉजी, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, स्टैटिस्टिक्स एंड डेटा साइंस, बायोकैमिस्ट्री), बीसीए, बीबीए और बीजेएमसी जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा।

आगामी सत्र से विधि संकाय, फार्मेसी विभाग, इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स (गायन, वादन एवं नृत्य) और इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल की स्थापना की जाएगी। विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा व्यवस्था, पाठ्यक्रमों की स्थिति, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा को लेकर भी मंथन किया गया।.



बीसीए, बीबीए, बीजेएमएसी, बीएससी कृषि, कंप्यूटर साइंस की मिलेंगी जल्द सुविधाएं
टोल बचाने की जुगत में संपर्क मार्ग का सहारा, राजस्व का नुकसान, दुर्घटना की आशंका*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। टोल बचाने की जुगत में लगे भारी वाहन जिले की संपर्क सड़कों को खराब कर रहे हैं। लालानगर टोल से बचने के लिए वे एक तरफ तो औराई चौराहे से ही अंदर का रास्ता अपना लेते हैं। वहीं दूसरी तरफ ऊंज नहर का रास्ता पकड़ कर अंदर जाते हैं। जिले की अंदर की सड़कों पर भारी वाहनों के आने से एक तरफ सड़क खराब हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ दुर्घटना की आशंका भी रहती है। जिले में वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर लालानगर में टोल प्लाजा है। इस हाईवे से हर दिन करीब नौ से 10 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इसमें करीब 60 फीसदी भारी वाहन होते हैं। हाईवे से गुजरने वाले तमाम वाहन चालक ऐसे हैं, जो आते-जाते अंदर की सड़कों से भी भलीभांति परिचित हो चुके हैं।



ऐसे में वे टोल बचाने के चक्कर में अंदरूनी सड़कों का सहारा लेते हैं। वाराणसी की तरफ से आने वाले भारी वाहन औराई चौराहे से कट लेकर भदोही-औराई मार्ग पकड़ लेते हैं और असनाव बाजार से ज्ञानपुर हॉस्टल चौराहे का मार्ग अपना लेते हैं और ज्ञानपुर बाजार से होते हुए गोपीगंज या फिर नहर मार्ग पकड़कर चले जाते हैं।

आए दिन इस तरह के वाहनों का आना-जाना होता है। इसी तरह प्रयागराज की तरफ से आने वाले भारी वाहन भी ऐसा करते हैं। इसके अलावा लालानगर, ऊगापुर नहर समेत अन्य मार्गों का भी वाहन चालक इस्तेमाल करते हैं। इससे राजस्व का नुकसान तो होता ही है। भारी वाहनों के बस्तियों में प्रवेश से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। भारी वाहनों को अंदर के मार्ग पर आने से रोकने के लिए कई बार लोहे एंगल इत्यादि संपर्क मार्ग पर लगाए गए, लेकिन वाहन चालक उसे भी तोड़ देते हैं।



बाजार से होकर अक्सर बड़े वाहन ज्ञानपुर की तरफ जाते हैं या उधर से आते हैं। इससे बाजार में भीड़ वाले बाजार में दुर्घटना की आशंका रहती है। इसे रोकने की जरूरत है। - राजू गौतम, असनाव बाजार।
अंदर की सड़कों पर भारी वाहनों के आने से सड़कें भी खराब होती हैं, क्योंकि इनकी क्षमता भारी वाहनों को सहने की नहीं होती है। इसकी शिकायत के साथ ही सड़क परिवहन केंद्रीय मंत्री को पत्र भी भेजा था। - राहुल सिंह, बभनौटी।

टोल बचाने के चक्कर में कई भारी वाहन असनाव से न आकर उगापुर व लालानगर वाले रोड का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आगे नो एंट्री रहती है और किसी हाल में आगे नहीं जाने दिया जाता। जिससे वे खड़े रहते हैं। इसको लेकर सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बताया गया है। वहीं एनएचएआई को हाईगेज लगाने को कहा गया है, क्योंकि यह मूल समस्या एनएचएआई की है। - राकेश सिंह, यातायात प्रभारी।
वैश्विक अस्थिरता के बीच ऊन की कीमतों में उछाल, निर्यातकों पर असर

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। खाड़ी देशों में युद्ध के माहौल से कालीन उत्पादन में एक साथ कई समस्या खड़ी हो गई है। पहले से ही ट्रंप के टैरिफ से अब तक उबरने की जद्दोजहद कर रहे कालीन उद्यमियों के सामने ऊनी यार्न की बढ़ती कीमतों ने निर्यातकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। एक ओर उत्पादक परेशान हैं, तो दूसरी ओर यार्न व्यावसायी भी त्रस्त हैं। इस समय यार्न (काती) की कीमतों में करीब 15 से 20 फीसदी का उछाल देखा जा रहा है। भारतीय कालीनों में अधिकतर ऊलेन यार्न आयातित होता है। जिसमें प्रमुख रूप से चीन, न्यूजीलैंड, आस्ट्रेलिया और रूस से सर्वाधिक ऊनी धागा आयात होता है। इसके अलावा सीरिया, सऊदी अरब और मंगोलिया, इंडोनेशिया, टर्की, मिस्र, समेत मिडिल ईस्ट के अन्य देशों से भी भारत ऊनी धागे का आयात करता है। उसी समय अमेरिकी इस्राइल सेनाओं द्वारा ईरान के साथ युद्ध में कूद जाने से ऊन का आयात बाधित हो गया। जिससे विदेशों से भारत आ रहे ऊन के ट्रांसपोर्टेशन में दिक्कतें शुरू हो गई। युद्ध का असर रहा कि शिपिंग एजेंटों ने 20 फीसदी तक ट्रांसपोर्टेशन खर्चों में बढ़ोतरी कर दी। यह बोझ भी निर्यातकों पर ही पड़ रहा है। भारतीय काती सप्लायर्स ऊनी धागे का चीन कनेक्शन भी गिना रहे हैं। निर्यातकों का यह भी कहना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में अस्थिरता का माहौल बना रहेगा, तब तक कीमतें नीचे नहीं आएगी।
फर्जी दस्तावेजों से जमानत कराने वाला गिरफ्तार:भदोही पुलिस ने पेशेवर जमानतदार को पकड़ा, गंभीर अपराधियों को दिलाता था रिहाई
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गंभीर अपराधों के अभियुक्तों की जमानत कराने वाले एक पेशेवर जमानतदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान लालजी पुत्र सरजू, निवासी केशवपुर, थाना ज्ञानपुर के रूप में हुई है।
लालजी पर आरोप है कि वह आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से एक ही संपत्ति को बार-बार बंधक के रूप में प्रस्तुत करता था। इसके लिए वह फर्जी शपथ पत्र, फर्जी खतौनी और अन्य कूट रचित दस्तावेज तैयार करता था। इन जाली दस्तावेजों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर वह गंभीर अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों को जमानत पर रिहा करवाता था, जिसके बाद अभियुक्त अक्सर फरार हो जाते थे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब उप-निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार राय (थाना ज्ञानपुर) अपनी टीम के साथ माननीय न्यायालय द्वारा स्वीकृत एक जमानत के सत्यापन हेतु ग्राम केशवपुर और लखनो पहुंचे। स्थानीय छानबीन और पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि लालजी एक पेशेवर जमानतदार है और फर्जीवाड़े में लिप्त है।
जांच में पाया गया कि लालजी ने शातिर अभियुक्त मनोज कुमार उर्फ राहुल सैनी पुत्र रण सिंह, निवासी आवादाग, थाना भवन, जनपद शामली, जो वर्तमान में जिला कारागार ज्ञानपुर में बंद है, के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह की तरह काम किया। उसने दुर्दांत अपराधियों को जेल से बाहर निकालने के लिए छल-कपट और साजिश के तहत कूट रचित सरकारी कागजात तैयार किए।
अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक भदोही के निर्देशन और शुभम अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक भदोही के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना ज्ञानपुर पुलिस टीम ने शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम आरटीओ ऑफिस के पास गश्त कर रही थी, तभी करीब 11:30 बजे मुख्यालय की तरफ आते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया, जिसकी पहचान लालजी के रूप में हुई। वांछित अभियुक्त होने के कारण उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उप-निरीक्षक श्यामनारायण यादव और कांस्टेबल अनुराग कुशवाहा शामिल थे। आरोपी लालजी की उम्र लगभग 56 वर्ष बताई गई है।
भदोही में मुठभेड़, दो अंतरजनपदीय चोर गिरफ्तार :लाखों की चोरी के आरोपी, हथियार और हेरोइन बरामद
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद दो अंतरजनपदीय शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। ये चोर एक ग्राहक सेवा केंद्र से लाखों रुपये की चोरी के आरोपी थे। पुलिस ने इनके पास से हथियार, हेरोइन और चोरी की नकदी बरामद की है।

यह मामला औराई थाना क्षेत्र का है। 11/12 जुलाई 2026 की मध्य रात्रि करीब 2:30 बजे भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के एक ग्राहक सेवा केंद्र की छत की जाली तोड़कर 4,80,000 रुपये नकद चोरी कर लिए गए थे। केंद्र संचालक ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में अपराध नियंत्रण के लिए एक अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में औराई पुलिस और स्वाट टीम संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी।

चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि इमरान और शाकिर उर्फ अण्डा नामक दो अंतरजनपदीय शातिर चोर, जिनके पास अवैध हथियार और कारतूस भी हो सकते हैं, क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन दोनों के खिलाफ विभिन्न थानों और जनपदों में पहले से ही मुकदमे दर्ज हैं।

इस सूचना पर माधव सिंह रेलवे स्टेशन के पास पुलिस टीम ने घेराबंदी की। यहां पुलिस मुठभेड़ के दौरान औराई थाने में दर्ज मु0अ0सं0 304/26 से संबंधित वांछित अभियुक्त इमरान पुत्र बाबू (निवासी 60 फुटा रोड समर गार्डेन कॉलोनी, थाना लिसाड़ीगेट, मेरठ) और शाकिर उर्फ अण्डा पुत्र यासीन (निवासी दरबार मोहल्ला कस्बा लावड, थाना इंचौली, मेरठ) को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान अभियुक्तों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर भी किया था।

गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से दो तमंचे 315 बोर, दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस 315 बोर, 4.84 ग्राम हेरोइन, तीन मोबाइल फोन और मु0अ0सं0 304/26 से संबंधित चोरी के 3600 रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस अन्य घटनाओं में इनकी संलिप्तता के बारे में जानकारी जुटा रही है।



*गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम:-*
*टीम-1.* राजेश कुमार सिंह प्रभारी निरीक्षक थाना औराई, उ0नि0 अजय कुमार ओझा, कां0 रंजीत सिंह, का0 वैभव सिंह,चालक हे0का0 एकलाख खान थाना औराई जनपद भदोही
*टीम -2.* निरीक्षक अपराध शेतांषु शेखर पंकज, उ0नि0 श्याम जी यादव, उ0नि0 अजय कुमार ओझा, हे0का0 कमलेश यादव, का0 पवनेश राय, का0 शेषनाथ थाना औराई जनपद भदोही।
*टीम - 3.* उ0नि0 राजकुमार पाण्डेय प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल, हे0कां0 राधेश्याम कुशवाहा, हे0कां0 धीरेन्द्र श्रीवास्तव, हे0कां0 बृजेश सूर्यवंशी,हे0कां0 नागेन्द्र यादव, कां0 गोपाल खरवार, कां0 नीरज यादव, कां0 राघवेन्द्र कुशवाहा,कां0 मन्नू सिंह, कां0 सुनील पाल, कां0 सुनील कन्नौजिया,कां0 हिमांशु सिंह, कां0 दीपक यादव, कां0 प्रत्युष पाठक समस्त सर्विलांस/स्वाट टीम।
ज्ञानपुर पुलिस लाइन में 'ई-साक्ष्य' ऐप प्रशिक्षण:विवेचकों को डिजिटल साक्ष्य संकलन के आधुनिक गुर सिखाए गए*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जनपद में पुलिसिंग और विवेचना प्रणाली को आधुनिक तकनीक से सुदृढ़, पारदर्शी और हाईटेक बनाने के उद्देश्य से पुलिस लाइन ज्ञानपुर के मुख्य सभागार में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक भदोही के मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यशाला में डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर और तकनीकी विशेषज्ञ सौरभ तिवारी ने मुख्य वक्ता के रूप में विवेचकों को 'ई-साक्ष्य' (eSakshya) मोबाइल एप्लिकेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभागार में उपस्थित जनपद के सभी थानों के विवेचकों को ऐप के उपयोग और डिजिटल साक्ष्य संकलन के आधुनिक गुर सिखाए।
श्री तिवारी ने लाइव डेमो के माध्यम से प्रदर्शित किया कि कैसे विवेचक घटना स्थल से ही ऑडियो, वीडियो और फोटोग्राफ्स को सीधे ऐप पर सुरक्षित रूप से अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह ऐप साक्ष्यों की विश्वसनीयता को बनाए रखता है, जिससे न्यायालय में पुलिस का पक्ष मजबूत होता है। डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर ने विवेचकों के तकनीकी सवालों और व्यावहारिक चुनौतियों का भी समाधान किया।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने कहा, "नए आपराधिक कानूनों के युग में डिजिटल साक्ष्य ही न्याय की मुख्य धुरी हैं। सभी विवेचक पूरी कर्मठता के साथ इस नई तकनीक को अपनी कार्यप्रणाली में अपनाएं।" क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा ने भी इस प्रशिक्षण को पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
भदोही DM-SP ने सीतामढ़ी लवकुश मेले का निरीक्षण किया:श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और सुविधाओं का जायजा लिया

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के सीतामढ़ी धाम में आयोजित लवकुश (गंगा) मेले के मद्देनजर, जिलाधिकारी शैलेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बृहस्पतिवार को मेला क्षेत्र का संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।

अधिकारियों ने गंगा स्नान घाटों, बैरिकेडिंग, चेंजिंग रूम, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, कंट्रोल प्वाइंट और पार्किंग व्यवस्था सहित सभी आवश्यक प्रबंधों का गहनता से निरीक्षण किया।

जिला प्रशासन, पुलिस, जिला पंचायत, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और आपदा राहत विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए, संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जाए।

जल सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में नावें और प्रशिक्षित बचाव दल तैनात किए गए हैं। मेला क्षेत्र में तैनात पुलिस बल को निर्देश दिया गया कि वे श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण और विनम्र व्यवहार करें, साथ ही पूरी सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं। भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निरंतर भ्रमणशील रहकर निगरानी बनाए रखने को कहा गया।

मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र गंगा स्नान के बाद वाल्मीकि आश्रम, लव-कुश मंदिर और पौराणिक सीता समाहित स्थल पर दर्शन-पूजन कर रहे हैं। नौ दिवसीय रामायण पाठ के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर, थानाध्यक्ष कोइरौना सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशासन का अलर्ट मोड,22 बाढ़ चौकियां सक्रिय, कंट्रोल रूम से हो रही निगरानी*
*गंगा, वरुणा से सटे 193 गांवों संवेदनशील की श्रेणी में शामिल, गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से अभी करीब 11 मीटर नीचे*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बारिश शुरु होने के साथ ही प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर सभी 22 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों की सहायता एवं सुरक्षा के लिए कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं। इसमें एक कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट, तीन तहसील, छह ब्लॉकों में स्थापित किए गए हैं। बाढ़ प्रभावितों के लिए चौकियों के आसपास शरणालय स्थल भी बनाए जा रहे हैं। जहां बाढ़ प्रभावितों को ठहराया जाएगा।

जिले में गंगा तट इलाका करीब 35 से 40 किमी क्षेत्र में है। इनमें कई गांव ऐसे हैं, जहां गंभीर रूप से बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है। खास तौर पर डीघ ब्लॉक के कोनिया क्षेत्र के छेछुआ, भुर्रा, इटहरा और मवैया थानसिंह, हरिरामपुर गांव बाढ़ की दृष्टिकोण से अति संवेदनशील की श्रेणी में चिह्नित हैं।


मानसून की बारिश इस बार करीब 20 दिन विलंब से शुरू हुई है। अभी तक अच्छी बारिश नहीं हुई, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश से जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। गंगा का जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु 80.200 मीटर से करीब 11 मीटर कम यानी 69.50 मीटर पर ही है। हालांकि प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।


बाढ़ से प्रभावित होने वाले 193 गांवों में विभागीय टीमों को समय-समय पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित लोगों के लिए 22 बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार 22 बाढ़ चौकियों पर दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। एक कर्मचारी चौकी पर 12 घंटे मौजूद रहेगा।
जिला स्तरीय बाढ़ कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट में स्थापित किया गया है। इसका नंबर 05414-250223 और 05414-250308 है। इसके अलावा राहत एवं बचाव कार्य में मदद के लिए सभी छह ब्लॉक कार्यालयों और तीनों तहसीलों में बाढ़ राहत कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।

यहां स्थापित की गई हैं बाढ़ चौकियां
औराई ब्लॉक में डेरवां, खमरिया, द्वारिकापुर, सहसेपुर, डीघ में धनतुलसी, लखनपुर, भदरांव, कटरा, इटहरा, कलिजरा, इनारगांव, बिहरोजपुर में बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इसी तरह सुरियावां विकास खंड के करियांव, अबरना, सांडा, रामनगर तथा भदोही में सर्रोई, मुंसीलाटपुर, तुलसीचक, मईहरदोपट्टी और ज्ञानपुर विकास खंड में रमईपुर, मतेथु, कसियापुर, श्रीकांतपुर व भगवानपुर में बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।

प्रशासन की तरफ से क्या है तैयारी
कुल बनने वाली बाढ़ चौकियां- 22
बाढ़ राहत शिविर की संख्या - 22
अति संवेदनशील गांव- 12
संवेदनशील गांव- 193
छोटी नाव- 40
बड़ी नाव- 15
मझौली नाव- 10
मोटर बोट: तीन
कुल गोताखोर- 13

कटान से विस्थापित हो चुके हैं कई परिवार
गंगा से सटे 46 गांवों में प्रशासन की नजर रहती है। हालांकि सबसे ज्यादा छेछुआ, भुर्रा, मवैयाथान सिंह, नारेपार, इटहरा आदि गांव प्रभावित होते हैं। छेछुआ, भुर्रा में कई परिवार तो दो दशक में विस्थापित हो चुके हैं। 50 बिंद और 20 दलित परिवार भूमिहीन होकर बेघर हो चुके हैं। छेछुआ गांव के बिनोद सिंह, रामू सिंह, जितेंद्र सिंह, श्यामू सिंह, धर्मेंद्र सिंह आदि की बहुत अधिक जमीन कटान में जा चुकी है। हर साल आने वाली बाढ़ में एक से दो बीघे उपजाऊ जमीन गंगा में समा जाती है।



गंगा का जलस्तर अभी काफी कम है। तटवर्ती गांवों के लिए कोई दिक्कत नहीं है। सभी 22 बाढ़ चौकियां सक्रिय की जा चुकी हैं। कंट्रोल रूम भी चालू है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुपालन, पूर्ति समेत अन्य विभागों को दिशा-निर्देश भी दिए जा चुके हैं। - शुभांगी शुक्ला, एडीएम।
*भदोही में FMD टीकाकरण अभियान का आठवां चरण शुरू: जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने 2.18 लाख पशुओं के लिए वाहन रवाना किए*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान के आठवें चरण का बुधवार को शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर से 10 टीकाकरण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान पशुओं को इस संक्रामक और आर्थिक रूप से हानिकारक बीमारी से बचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 2,18,650 गोवंश और महिषवंश पशुओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शासन द्वारा 2.09 लाख एफएमडी वैक्सीन उपलब्ध कराई गई हैं, और शेष आवश्यकता की पूर्ति समय पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और लक्ष्य हासिल करने के लिए कार्ययोजना तैयार है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनिल सचान ने बताया कि टीकाकरण कार्य पूर्व निर्धारित माइक्रो प्लान के अनुसार होगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत और पशुपालक तक पहुंचकर पात्र पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे अपनी टीम के गांव पहुंचने पर अपने पशुओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं और अभियान में सहयोग करें।
जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय पर टीकाकरण है। इससे पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, दुग्ध उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता और पशुपालकों को आर्थिक हानि से बचाया जा सकता है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपने पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की।
इस कार्यक्रम में पशुपालन विभाग की नोडल अधिकारी उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. गीता, विभाग के कर्मचारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने जनपद में एफएमडी टीकाकरण अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
*भदोही में 107 खोए मोबाइल फोन बरामद:19.26 लाख रुपये के फोन मालिकों को वापस सौंपे गए*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 107 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की अनुमानित कीमत 19 लाख 26 हजार रुपये है। बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर भदोही जनपद में गुम हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के खोए हुए मोबाइलों को ढूंढकर उनके मालिकों तक पहुंचाना है।

अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने जनपद के सभी थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के निर्देश दिए थे। शिकायतें प्राप्त होते ही IMEI नंबर और संबंधित जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाती है। इसके बाद पोर्टल से प्राप्त ट्रेसबिलिटी डिटेल्स, जैसे सिम नंबर और लोकेशन, का गहन विश्लेषण कर त्वरित कार्रवाई की जाती है।

जनसुनवाई और डायल 112 जैसे माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर भी लगातार प्रयास किए गए। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप कुल 107 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए। बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन ज्ञानपुर सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित कर अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने इन मोबाइलों को उनके मालिकों को सुपुर्द किया।

अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर मोबाइल मालिकों ने अपार प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक भदोही और जनपदीय पुलिस टीम को धन्यवाद देते हुए उनकी कार्यप्रणाली की सराहना की।

बरामद किए गए मोबाइलों का थानावार विवरण इस प्रकार है: ज्ञानपुर-24, गोपीगंज-16, कोईरौना-07, भदोही-13, चौरी-08, औराई-15, ऊँज-04, सुरियावां-17, दुर्गागंज-03। कुल योग 107 मोबाइल फोन।