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विश्व पर्यावरण दिवस पर दिव्यांगजनों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, आकांक्षा सोसाइटी ने कराया पौधारोपण

संभल।  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आकांक्षा सोसाइटी द्वारा दिव्यांग एवं निराश्रित दिव्यांगजनों हेतु संचालित आवश्यक ग्रह से प्रशिक्षण केंद्र में पर्यावरण जागरूकता एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर  पर दिव्यांगजनों द्वारा गमलों में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ दिव्यांगजनों को सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना था। पौधारोपण के दौरान दिव्यांगजनों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ सहभागिता की। उन्होंने पौधे लगाकर यह संदेश दिया कि समाज के हर वर्ग की तरह दिव्यांगजन भी पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इस अवसर पर आकांक्षा सोसाइटी की अध्यक्ष श्री मति संगीता भार्गव जी ने उपस्थित लोगों को बताया   कि विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष 5 जून को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वृक्षों की लगातार हो रही कटाई चिंता का विषय है। ऐसे में अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आज दिव्यांगजनों द्वारा किया गया यह पौधारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है। यह पहल दर्शाती है कि यदि अवसर और प्रोत्साहन मिले तो दिव्यांगजन भी समाज और पर्यावरण के हित में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और वर्ष में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों ने पौधों की देखभाल करने का संकल्प भी लिया। सभी ने पर्यावरण को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण, प्लास्टिक के कम उपयोग और स्वच्छता के महत्व पर भी चर्चा की।

कार्यक्रम को सफल बनाने में आकांक्षा सोसाइटी के सदस्य सरिता, सोनल ,काजल, निशा, शालू, अध्या, रूपाली, हर्ष, कुमुद एवं अंकुश सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। सभी ने मिलकर दिव्यांगजनों का उत्साहवर्धन किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंत में सभी ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, उनकी देखभाल करने तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है।
रामशरण रस्तोगी के परिजनों ने सरकार द्वारा पट्टा मिलने पर सीएम योगी को कहा धन्यवाद

संभल। जनपद संभल में 1978 में हुए दंगों में दंगाइयों के हाथों जान गंवाने वाले रामशरण रस्तोगी के परिजनों ने सरकार द्वारा पट्टा मिलने पर सीएम योगी को कहा धन्यवाद।सन 1978 में संभल में हुए दंगों में रामशरण रस्तोगी की हत्या कर शव को क्षत-विक्षत कर कुएं में फेंक दिया था इसके खिलाफ उनके पुत्र सुभाष चंद्र रस्तोगी के द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई थी पिछले वर्ष उनका पौत्र कपिल रस्तोगी अपनी माता के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे मुख्यमंत्री ने उक्त परिवार के पुनर्वास हेतु भूमि उपलब्ध करने का आश्वासन दिया था इसके बाद अब प्रशासन ने मृतक की पुत्रवधू रुक्मन रस्तोगी को आज ग्राम शेरखां सराय बाहर चुंगी में 100 वर्ग मीटर भूमि का आवासीय पट्टा आवंटित कर दिया है। जिसका प्रमाण पत्र प्रदेश सरकार में सहकारिता राज्यमंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने मंडालायुक्त आनंजेन्य कुमार,जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई की उपस्थिति में मृतक रामशरण रस्तोगी के परिजनों को सौपा साथ ही भूमि पर कब्जा हस्तांतरित करके नींव की प्रथम ईट भी प्रभारी मंत्री के द्वारा रखी गई।

वहीं मृतक रामशरण रस्तोगी के पौत्र कपिल रस्तोगी ने बताया कि 29 मार्च 1978 को मेरे दादा जी रामशरण रस्तोगी अपनी दुकान पर बैठे थे तभी दंगाईयों की भीड़ आती है दुकान में लुट पाट करती है लुट पाट का विरोध मेरे दादा जी ने किया जिस पर दंगाइयों ने मेरे दादा जी पर चाकुओं से वार किए मेरे दादा जी चिल्लाते रहे उन्होंने 109 चाकू मारे ओर उनकी हत्या कर दी हत्या करने के बाद दुकान पर रखे तराजू ओर बाट में बांध कर उन्हें कुएँ में फेंक दिया हम इस समय दिल्ली में रहते हैं 2005 में दंगाइयों की धमकी मुकदमे को लेकर मिली जिसकी वजह से हमने यहां से पलायन किया विधानसभा में योगी जी ने संभल में 184 हिंदुओं की किस तरह से निर्मम हत्या हुई बताया जिसका योगी जी ने संज्ञान लिया मैने एक पत्र योगी जी के आवास पर दिया फिर योगी जी से हमारी मुलाकात हुई जिसके बाद योगी जी ने जिला प्रशासन को कार्यवाही के लिए कहा अब हमें संभल में बसाने के लिए शेरखां सराय में 100 वर्ग मीटर जमीन का पट्टा मिल रहा है पट्टा देने का घर यहां बसाने से हमें यह लग रहा है कि हमारे साथ कहीं न कहीं अब जाकर न्याय हुआ है 48 साल की लम्बी लड़ाई के बाद योगी जी और जिला प्रशासन ने हमारी सुध ली है। इस मौके पर संभल के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश सरकार में सहकारिता राज्य मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि ऐसा है कि हमारे लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि 1978 के दंगों में 100 से अधिक लोगों की जानें गई उनके घरों को जलाया गया लोगो को जलाने का काम यहां हुआ इस धरती को अपवित्र करने का काम यहां हुआ यहां लोगों पर जुल्म ढाये गए थे लोग यहां से घर छोड़ कर चले गए थे उनके घरों में फिर से आशियाना बनाने के लिए 100/100 वर्ग मीटर का पट्टा देने का काम कर रहे माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा ऐसा निर्णय लिया गया है ओर ऐसे लोगों की पुनर्वापसी घर वापसी हो ओर ऐसे लोग आए ओर सुकून की नींद यहां सोयें ।
वही इस विषय में मृतक रामशरण रस्तोगी की पुत्रवधू रुक्मन रस्तोगी ने कहा कि 1978 के दंगों के बाद हमें धमकी मिलने लगी जिसके चलते हम पलायन को मजबूर हुए अब हमें पट्टा मिल गया है हम यहां बसना चाहते हैं और घर बनाना चाहते हैं योगी जी का बहुत बहुत धन्यवाद और संभल के शासन प्रशासन का बहुत बहुत धन्यवाद हमने लंबे अरसे तक बहुत मुश्किले झेली हमें पट्टा मिला है बहुत खुशी हो रही है योगी जी का बहुत बहुत धन्यवाद।