रामशरण रस्तोगी के परिजनों ने सरकार द्वारा पट्टा मिलने पर सीएम योगी को कहा धन्यवाद
संभल। जनपद संभल में 1978 में हुए दंगों में दंगाइयों के हाथों जान गंवाने वाले रामशरण रस्तोगी के परिजनों ने सरकार द्वारा पट्टा मिलने पर सीएम योगी को कहा धन्यवाद।सन 1978 में संभल में हुए दंगों में रामशरण रस्तोगी की हत्या कर शव को क्षत-विक्षत कर कुएं में फेंक दिया था इसके खिलाफ उनके पुत्र सुभाष चंद्र रस्तोगी के द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई थी पिछले वर्ष उनका पौत्र कपिल रस्तोगी अपनी माता के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे मुख्यमंत्री ने उक्त परिवार के पुनर्वास हेतु भूमि उपलब्ध करने का आश्वासन दिया था इसके बाद अब प्रशासन ने मृतक की पुत्रवधू रुक्मन रस्तोगी को आज ग्राम शेरखां सराय बाहर चुंगी में 100 वर्ग मीटर भूमि का आवासीय पट्टा आवंटित कर दिया है। जिसका प्रमाण पत्र प्रदेश सरकार में सहकारिता राज्यमंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने मंडालायुक्त आनंजेन्य कुमार,जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई की उपस्थिति में मृतक रामशरण रस्तोगी के परिजनों को सौपा साथ ही भूमि पर कब्जा हस्तांतरित करके नींव की प्रथम ईट भी प्रभारी मंत्री के द्वारा रखी गई।
वहीं मृतक रामशरण रस्तोगी के पौत्र कपिल रस्तोगी ने बताया कि 29 मार्च 1978 को मेरे दादा जी रामशरण रस्तोगी अपनी दुकान पर बैठे थे तभी दंगाईयों की भीड़ आती है दुकान में लुट पाट करती है लुट पाट का विरोध मेरे दादा जी ने किया जिस पर दंगाइयों ने मेरे दादा जी पर चाकुओं से वार किए मेरे दादा जी चिल्लाते रहे उन्होंने 109 चाकू मारे ओर उनकी हत्या कर दी हत्या करने के बाद दुकान पर रखे तराजू ओर बाट में बांध कर उन्हें कुएँ में फेंक दिया हम इस समय दिल्ली में रहते हैं 2005 में दंगाइयों की धमकी मुकदमे को लेकर मिली जिसकी वजह से हमने यहां से पलायन किया विधानसभा में योगी जी ने संभल में 184 हिंदुओं की किस तरह से निर्मम हत्या हुई बताया जिसका योगी जी ने संज्ञान लिया मैने एक पत्र योगी जी के आवास पर दिया फिर योगी जी से हमारी मुलाकात हुई जिसके बाद योगी जी ने जिला प्रशासन को कार्यवाही के लिए कहा अब हमें संभल में बसाने के लिए शेरखां सराय में 100 वर्ग मीटर जमीन का पट्टा मिल रहा है पट्टा देने का घर यहां बसाने से हमें यह लग रहा है कि हमारे साथ कहीं न कहीं अब जाकर न्याय हुआ है 48 साल की लम्बी लड़ाई के बाद योगी जी और जिला प्रशासन ने हमारी सुध ली है। इस मौके पर संभल के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश सरकार में सहकारिता राज्य मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि ऐसा है कि हमारे लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि 1978 के दंगों में 100 से अधिक लोगों की जानें गई उनके घरों को जलाया गया लोगो को जलाने का काम यहां हुआ इस धरती को अपवित्र करने का काम यहां हुआ यहां लोगों पर जुल्म ढाये गए थे लोग यहां से घर छोड़ कर चले गए थे उनके घरों में फिर से आशियाना बनाने के लिए 100/100 वर्ग मीटर का पट्टा देने का काम कर रहे माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा ऐसा निर्णय लिया गया है ओर ऐसे लोगों की पुनर्वापसी घर वापसी हो ओर ऐसे लोग आए ओर सुकून की नींद यहां सोयें ।
वही इस विषय में मृतक रामशरण रस्तोगी की पुत्रवधू रुक्मन रस्तोगी ने कहा कि 1978 के दंगों के बाद हमें धमकी मिलने लगी जिसके चलते हम पलायन को मजबूर हुए अब हमें पट्टा मिल गया है हम यहां बसना चाहते हैं और घर बनाना चाहते हैं योगी जी का बहुत बहुत धन्यवाद और संभल के शासन प्रशासन का बहुत बहुत धन्यवाद हमने लंबे अरसे तक बहुत मुश्किले झेली हमें पट्टा मिला है बहुत खुशी हो रही है योगी जी का बहुत बहुत धन्यवाद।
Jun 04 2026, 19:40
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