बारिश से टूटी सड़कों पर CM योगी सख्त, तत्काल मरम्मत के निर्देश; त्योहारों से पहले 681 प्रमुख मार्ग होंगे गड्ढामुक्त

- शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और प्रमुख बाजारों की सड़कों को प्राथमिकता पर लेकर मरम्मत कराने का निर्देश
- 09 विभागों के करीब 4.36 लाख किमी मार्गों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, 50 हजार किमी के गड्ढामुक्ति लक्ष्य पर चल रहा काम
लखनऊ। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों की हालत बारिश के कारण खराब हुई है, उन्हें तत्काल दुरुस्त कर आवागमन के योग्य बनाया जाए। वहीं, बरसात समाप्त होने के बाद जरूरत के मुताबिक ऐसी सड़कों का स्थायी नवीनीकरण भी कराया जाए।
शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश का दौर अभी जारी है, इसलिए सड़क की स्थिति पर लगातार निगरानी जरूरी है। उन्होंने बारिश के दौरान नए सिरे से क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों का भी सर्वे कराने को कहा, ताकि मरम्मत कार्य में देरी न हो।
- त्योहारों से पहले 681 अहम मार्गों पर विशेष फोकस
आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्गों को प्राथमिकता के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे पर्वों के दौरान अधिक भीड़ और आवागमन वाले रास्ते शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन मार्गों को त्योहारों से पहले बेहतर स्थिति में लाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, प्रमुख बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों तक पहुंचने वाली सड़कों की मरम्मत को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
- सिर्फ पैचवर्क से काम नहीं चलेगा
मुख्यमंत्री योगी ने गड्ढामुक्ति अभियान की गुणवत्ता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क की खराब स्थिति को केवल पैचवर्क करके खत्म करने की औपचारिकता न की जाए। जहां तत्काल मरम्मत जरूरी है, वहां पहले सड़क को मोटरेबल बनाया जाए और बारिश खत्म होने के बाद उसकी वास्तविक स्थिति का आकलन कर जरूरत के अनुसार स्थायी नवीनीकरण कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि मरम्मत और नवीनीकरण के काम में तेजी के साथ गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
- 4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा, 50 हजार किमी गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य
बैठक में प्रदेश के नौ विभागों के अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई। बताया गया कि इन विभागों के पास करीब 4.36 लाख किलोमीटर मार्ग हैं। मौजूदा अभियान के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक लगभग 5,751 किलोमीटर मार्गों पर काम पूरा होने की जानकारी दी गई। अतिवृष्टि के अलावा एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे समेत विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई। ऐसे मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों के आधार पर विभागवार गड्ढामुक्ति का लक्ष्य तय किया जाएगा।
- 30 हजार किमी सड़क के नवीनीकरण का लक्ष्य
सड़क नवीनीकरण और विशेष मरम्मत की प्रगति भी बैठक में रखी गई। अधिकारियों के अनुसार करीब 30 हजार किलोमीटर मार्गों के नवीनीकरण तथा 5 हजार किलोमीटर सड़कों की विशेष मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित है। अब तक करीब 14 हजार किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण पूरा किया जा चुका है, जबकि विशेष मरम्मत के तहत लगभग 700 किलोमीटर मार्गों पर काम होने की जानकारी दी गई।
- कई विभागों की कार्ययोजना की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों से भी सड़क सुधार की कार्ययोजना की जानकारी ली। इसके अलावा मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
योगी ने सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़कें सीधे आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी हैं, इसलिए जहां जनता की आवाजाही अधिक है, वहां काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री ब्रजेश सिंह, औद्योगिक विकास विभाग के राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद और ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
7 hours ago
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