बुलंदशहर में सपा की जनसभा की अनुमति न मिलने पर अखिलेश यादव बोले- भाजपा सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुलंदशहर में सपा की जनसभा की अनुमति नहीं मिलने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को जिम्मेदार बताया। गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर प्रशासन सपा के कार्यक्रमों की अनुमति रोक रहा है।

उन्होंने कहा कि बुलंदशहर में पार्टी के सावन में प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए अधिकारियों ने पहले अनुमति का आश्वासन दिया, बाद में सावन का महीना होने के कारण तारीख आगे बढ़ाने को कहा गया। सपा ने कार्यक्रम आगे बढ़ाया, लेकिन इसके बाद भी अनुमति नहीं दी गई।

अखिलेश ने कहा कि बाद में पुलिस लाइन में पानी भरे होने की बात कही गई। उन्होंने तंज किया कि “मैंने समझा शायद काली नदी की बाढ़ आ गई।” अखिलेश ने पुलिस लाइन का वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि वहां पानी नहीं था।

स्पा अध्यक्ष ने कहा कि “लोकतंत्र में इतनी खराब सरकार किसी ने नहीं देखी होगी, जहां अधिकारों को छीना जा रहा हो।” उन्होंने कहा कि “न तानाशाही रही, न दानाशाही रहेगी।”

हर जिले के मुद्दों पर बनेगा घोषणा पत्र

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अखिलेश ने कहा कि सपा प्रदेश के लिए घोषणा पत्र जारी करने के साथ जिलावार घोषणा पत्र भी तैयार करेगी। इसमें प्रत्येक जिले के स्थानीय मुद्दों और जरूरतों को प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समस्याओं के साथ स्थानीय स्तर के मुद्दों को भी चुनावी एजेंडे में शामिल किया जाएगा।

अखिलेश ने भाजपा पर आरक्षण के खिलाफ होने का आरोप लगाया। लखीमपुर के विकास को लेकर उन्होंने सरकार बनने पर पुल और घाटों का निर्माण कराने तथा दुधवा नेशनल पार्क और पीलीभीत के जंगल को एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर सभी को मुफ्त इलाज मिलेगा और इलाज के लिए किसी का कार्ड नहीं देखा जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब अखिलेश यादव से आकाश आनंद को समाजवादी पार्टी में शामिल किए जाने के संबंध में सवाल पूछा गया तो उनके जवाब के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गईं।

हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से आकाश आनंद को पार्टी में शामिल करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आकाश आनंद की अगली राजनीतिक राह और यूपी की सियासत में उसके असर पर सबकी नजर बनी हुई है।
भदोही पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को पकड़ा, केस दर्ज था: दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने वाला गिरफ्तार

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस ने दहेज के लिए एक विवाहिता को प्रताड़ित करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर विवाहिता को चोट पहुंचाने और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज था। पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल की निगरानी में यह कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने गुरुवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी को पकड़ा।

गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम मंगलम पाण्डेय (29 वर्ष) है। वह परगासपुर नई बाजार, थाना और जिला भदोही का रहने वाला है। उसके पिता का नाम अरुणेश पाण्डेय है।

आरोपी को पकड़ने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक दिवाकर राय, कांस्टेबल विकास कुमार, कांस्टेबल पीसी विश्वकर्मा, महिला कांस्टेबल वंदना और महिला कांस्टेबल शालिनी शामिल थीं।
भदोही में 10 हजार का इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार: धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने का था आरोपी, 3 लोगों पर दर्ज हुआ था केस*


-‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने 10 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर परवेज आलम को गिरफ्तार किया है। उस पर धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने जैसे कई आरोप हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।

परवेज आलम पर आरोप है कि उसने एक व्यक्ति से स्वेटर और कंबल के नाम पर 80 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके अलावा, पीवीसी पैनल की एजेंसी देने के बहाने 20 लाख रुपये और पुरानी बैटरी के कारोबार के नाम पर 7 लाख 70 हजार रुपये लिए थे। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो परवेज ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

इन आरोपों के बाद परवेज आलम और दो अन्य अभियुक्तों के खिलाफ भदोही थाने में गैंगस्टर एक्ट (मु0अ0सं0- 321/2026 धारा 3(1) उ0प्र0 गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986) के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस टीम तभी से इन आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के तहत, पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के मार्गदर्शन में यह गिरफ्तारी हुई। भदोही पुलिस टीम ने गुरुवार को परवेज आलम को पकड़ा।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान परवेज आलम पुत्र शमशेर आलम उर्फ लड्डू, निवासी बाजार सरदार खां, थाना भदोही, जनपद भदोही, उम्र 24 वर्ष के रूप में हुई है। उस पर मु0अ0सं0 404/2025 धारा 318(4)/61(2) बीएनएस के तहत भी एक और केस दर्ज है।

इस कार्रवाई में थाना भदोही के प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार राय, उप निरीक्षक शमशाद खां, हेड कांस्टेबल हरिकेश यादव, कांस्टेबल शाहरुख खां, कांस्टेबल अनुप कुमार, कांस्टेबल अरमान खां, कांस्टेबल कौशल कुमार, कांस्टेबल विपिन यादव और कांस्टेबल सेराफुल हसन शामिल थे।
पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में जनपद स्तरीय कला उत्सव का आयोजन

फर्रुखाबाद । पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ में जनपद स्तरीय कला उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत ने किया। कला उत्सव में जनपद के लगभग 20 विद्यालयों के करीब 200 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।कला उत्सव के अंतर्गत विभिन्न कला विधाओं में छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं में एकल नृत्य, समूह नृत्य, एकल गायन, समूह गायन, द्वि-आयामी दृश्य कला, त्रि-आयामी मूर्ति कला, स्थानीय शिल्प, कहानी वाचन, एकल वादन एवं समूह वादन सहित कुल 12 विधाओं में प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।
प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में डॉ. सुक्ष्मा पांडे, डॉ. अंजू पांडे, डॉ. गरिमा एवं सुधीर कुमार पाल शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति, रचनात्मकता, कला-कौशल एवं प्रतिभा का मूल्यांकन किया।कार्यक्रम की कला उत्सव नोडल शिक्षिका गुलशन जहाँ ने कार्यक्रम का संचालन करने के साथ-साथ आयोजन की समस्त व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराया। सरिता त्रिवेदी ने भी आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय सहभागिता की। इसके अतिरिक्त ऋचा तिवारी आरती यादव मोनी सिंह, दीप्ति सिंह, निर्मला सिंह, अर्चना गुप्ता, एवं शैलजा मौर्य सहित अन्य शिक्षिकाएँ उपस्थित रहीं।कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी कला एवं रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रत्येक विधा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी मंडल स्तर पर आयोजित कला उत्सव में जनपद का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रतिभाग करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में कला, सृजनात्मकता, आत्मविश्वास तथा भारतीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति रुचि को बढ़ावा देना रहा। छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया
12वीं के बाद करियर की राह दिखाई, विशेषज्ञों ने बताए सफलता के मंत्र
डी मॉनफोर्ट अकादमी में GLA यूनिवर्सिटी और क्वांटम यूनिवर्सिटी के सहयोग से करियर काउंसलिंग सत्र, विद्यार्थियों ने पूछे भविष्य से जुड़े सवाल

रामराज। डी मॉनफोर्ट अकादमी में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए GLA यूनिवर्सिटी एवं क्वांटम यूनिवर्सिटी के सहयोग से विशेष करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के विभिन्न विकल्पों, प्रोफेशनल कोर्स, प्रवेश प्रक्रिया और रोजगार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान दौर में विद्यार्थियों के सामने पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ करियर के कई नए विकल्प भी उपलब्ध हैं। ऐसे में अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम का चयन करना जरूरी है। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने भी उत्साह के साथ सवाल पूछे।

प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि कक्षा 12वीं के बाद लिया गया करियर संबंधी निर्णय विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा तय करता है। सही समय पर उचित मार्गदर्शन मिलने से विद्यार्थी बेहतर निर्णय ले सकते हैं।

निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर भी गंभीरता से कार्य कर रहा है। निर्देशक डॉ. केके शर्मा ने कहा कि बदलते समय में करियर के क्षेत्र में लगातार नए अवसर सामने आ रहे हैं, जिनकी जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाना आवश्यक है।

उप प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने कहा कि विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद से विद्यार्थियों की करियर संबंधी दुविधाएं दूर होती हैं और उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। विद्यालय प्रबंधन ने विश्वविद्यालयों से आए विशेषज्ञों का आभार जताया।
तीन तलाक के बाद पत्नी के गंभीर आरोप, बोली- पति किन्नर संग फरार
लखनऊ, मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी के नाम प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न किया जाता रहा। हद तो तब हो गई, जब उसके साथ कथित तौर पर मारपीट कर गला घोंटने की कोशिश की गई। महिला का यह भी दावा है कि उसके पति के एक किन्नर से संबंध हैं और वह उसे कई बार घर भी लेकर आया।

महिला के मुताबिक, वह शामली जिले की रहने वाली है और करीब छह वर्ष पहले मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन क्षेत्र के आर्यपुरी निवासी इस्तीखर बैग से मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार उसका निकाह हुआ था। शादी में मायके वालों ने अपनी हैसियत के मुताबिक सामान दिया, लेकिन आरोप है कि ससुराल पक्ष उससे संतुष्ट नहीं था। कुछ समय बाद ही अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू हो गई और मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की जाने लगी।

तीन बच्चों के साथ मायके का सहारा

महिला ने बताया कि उसके तीन बच्चे हैं। आरोप है कि घरेलू विवाद बढ़ने के बाद अब वह बच्चों को लेकर अपने मामा के घर रहने को मजबूर है। उसका कहना है कि बच्चों की जिम्मेदारी के साथ वह इंसाफ के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही है।

महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में पति पर शादी से पहले से ही जोया नाम की किन्नर से संबंध होने का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि उसके पास इस संबंध से जुड़े कुछ वीडियो भी सुरक्षित हैं। महिला के अनुसार, पति कथित तौर पर जोया को कई बार घर लेकर आया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।

2 जून की घटना का लगाया आरोप

पीड़िता का आरोप है कि 2 जून को पति, नन्दोई और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों ने उसके साथ जमकर मारपीट की। महिला ने दावा किया कि इसी दौरान दुपट्टे से उसका गला घोंटने की कोशिश की गई, जिससे वह बेहोश हो गई।होश में आने के बाद उसने अपने मायके वालों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मीमलाना रोड निवासी उसके मामा ससुराल पहुंचे और परिवार के लोगों से बातचीत की।

बातचीत के बीच दिया तीन तलाक

महिला का आरोप है कि इसी दौरान उसके पति इस्तीखर बैग ने उसे तीन तलाक दे दिया और घर से निकल जाने के लिए कह दिया। इसके बाद से वह अपने मामा के घर रह रही है और तीनों बच्चों के साथ न्याय की गुहार लगा रही है।

महिला का यह भी आरोप है कि उसका पति फिलहाल जोया किन्नर के साथ कहीं चला गया है। इसी वजह से वह पुलिस अधिकारियों से अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है।फिलहाल महिला के लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
कजरी तीज मेले/त्यौहार के दृष्टीगत यातायात में इस प्रकार से रहेगा बदलाव
गोण्डा। A. भारी वाहनों का रूट डायवर्जन -
1. लखनऊ से चलकर जनपद बहराइच / बलरामपुर व श्रावस्ती जाने वाले वाहनों का डायवर्जन- ऐसे वाहन जो लखनऊ से चलकर कर्नलगंज होते हुए जनपद बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती को जाने हेतु जनपद गोण्डा की सीमा में प्रवेश करते है उन्हें जरवल रोड से ही कैसरंगज मार्ग पर डायवर्ट कराकर बहराइच-पयागपुर के रास्ते गन्तव्य को प्रस्थान कराया जायेगा ।
2. जनपद बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच से चलकर लखनऊ को जाने वाले वाहन- ऐसे वाहन जिन्हें उतरौला, बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच से चलकर लखनऊ को जाना है, ऐसे सभी वाहनों को बलरामपुर-श्रावस्ती-बहराइच-पयागपुर-कैसरगंज के रास्ते जरवलरोड़ बाराबंकी होते हुए लखनऊ को प्रस्थान कराया कराया जायेगा । 
3. जनपद बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती से अयोध्या को जाने वाले वाहन- ऐसे वाहन जिन्हें गोण्डा शहर से होकर वाया-वजीरगंज-नवाबगंज होकर अयोध्याधाम को जाना है ऐसे सभी वाहनों को जनपद बलरामपुर से ही उतरौला रोड़ से डुमरियागंज-बस्ती के रास्ते अयोध्या को प्रस्थान कराया जायेगा ।
4. जनपद अय़ोध्या से चलकर बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती को जाने वाले वाहन- ऐसे वाहन जिन्हें अय़ोध्या से जनपद बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच को जाना है, ऐसे सभी वाहनों को लोलपुर पुल से ही जनपद बस्ती की ओर डायवर्ट कराकर बस्ती-डुमरियागंज के रास्ते उतरौला रोड़ होते हुए गन्तव्य को प्रस्थान कराया जायेगा ।
5. गोण्डा शहर में वाहनों के प्रवेश का प्रतिबंध- उक्त अवधि में जनपद की सीमा में भारी वाहनों (आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को छोड़कर) का प्रवेश पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा ।

B-छोटे / हल्के वाहनों का डायवर्जन-
1. लखनऊ से चलकर जनपद बहराइच / बलरामपुर व श्रावस्ती जाने वाले वाहनो का डायवर्जन- ऐसे वाहन जो लखनऊ से चलकर कर्नलगंज होते हुए जनपद बहराइच,बलरामपुर व श्रावस्ती को जाने हेतु जनपद गोण्डा की सीमा में प्रवेश करते है ऐसे सभी वाहनों को जरवल रोड से ही कैसरंगज मार्ग पर डायवर्ट कराकर बहराइच पयागपुर के रास्ते गन्तव्य को प्रस्थान कराया जाय ।
2. जनपद बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच से लखनऊ को जाने वाले वाहनो का डायवर्जन- ऐसे वाहन जिन्हें उतरौला, बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच से चलकर लखनऊ को जाना है, ऐसे सभी वाहनों को बलरामपुर-श्रावस्ती-बहराइच-पयागपुर कैसरगंज के रास्ते जरवलरोड़ बाराबंकी होते हुए लखनऊ को प्रस्थान कराया जाय ।
3. जनपद बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती से चलकर अयोध्या को जाने वाले वाहनों का डायवर्जन- ऐसे वाहन जिन्हें बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती से चलकर अयोध्या को जाना है, ऐसे सभी वाहनों को बलरामपुर से उतरौला रोड़ की डायवर्ट कराकर, रेहरा बाजार, मनकापुर,कोल्हमपुर होकर लोलपुर नवाबगंज के रास्ते गन्तव्य को प्रस्थान कराया जाय ।
4. जनपद अयोध्या से चलकर जनपद बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती को जाने वाले वाहनों का डायवर्जन- ऐसे वाहन जिन्हें अयोध्या से चलकर गोण्डा शहर के रास्ते बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती को जाना है, ऐसे सभी वाहनों को लोलपुर पुल से कोल्हमपुर मार्ग (थाना नवाबगंज क्षेत्र) के रास्ते मनकापुर-उतरौला होते हुए प्रस्थान कराया जाय ।
5. लखनऊ व अय़ोध्या जनपद से चलकर गोण्डा शहर को आने वाले छोटे वाहनों का डायवर्जन-
* ऐसे वाहन जिन्हें लखनऊ से प्रस्थान कर लखनऊ,बाराबंकी होकर जनपद गोण्डा को आते है ऐसे सभी वाहनों को जरवलरोड़ से भंभुवा (थाना कर्नलगंज गोण्डा) से दाहिने भौरीगंज होते हुए परसपुर-डेहरास के रास्ते गोण्डा भेजा जाय ।
• इसी प्रकार जनपद अयोध्या के रास्ते गोण्डा शहर को आने वाले वाहनों को लोलपुर के रास्ते जनपद की सीमा में प्रवेश दिया जाये ।
* जनपद गोण्डा के हल्के वाहनों व आपात सेवाओं में लगे वाहनों के अतिरिक्त अन्य सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूर्णता प्रतिबंधित रहेगा ।

*कजरी तीज मेले को सकुशल व शांतिपूर्ण संपन्न कराने हेतु समस्त वाहन चालकों एवं जनसामान्य से अनुरोध है कि वे यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें तथा निर्धारित डायवर्जन मार्गों का ही प्रयोग करें।
Mirzapur: मनाया गया विश्व हिंदू परिषद का 62वां स्थापना दिवस
मीरजापुर। नगर में विश्व हिंदू परिषद की स्थापना दिवस कार्यक्रम गुरु कृपा मण्डपम धुंधी कटरा में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के प्रान्त उपाध्यक्ष विद्याभूषण ने बताया की विश्व हिंदू परिषद की स्थापना 29 अगस्त 1964, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन सांदीपनि साधनालय, पवई, मुंबई स्वामी चिन्मयानंद जी का आश्रम में परम पूज्य गुरुजी श्री माधव सदाशिवराव गोलवलकर  द्वितीय सरसंघचालक दादासाहब आप्टे, हिंदुस्तान समाचार एजेंसी के संस्थापक आदि ने 1960 के दशक में संघ के चिंतन में आया कि हिंदू समाज जाति, भाषा, पंथ में बंटा है, उसे एक सूत्र में बांधना जरूरी है, ईसाई मिशनरियों द्वारा वनवासी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण, विदेशों में रह रहे हिंदुओं का कोई संगठनात्मक सहारा नहीं था, हिंदू की आस्था राम, कृष्ण, गोमाता, मंदिरों का अपमान न हो, इसी चिंतन से दादासाहब आप्टे ने समाज के सभी संप्रदायों के प्रमुखों को एक मंच पर बुलाने का विचार रखा, जिसमें पहली बैठक - 29 अगस्त 1964 को हुई।
उस दिन कुल 40-45 विशेष आमंत्रित लोग थे, जो भारत के सभी मत-पंथों का प्रतिनिधित्व करते थे:
इस बैठक में संत स्वामी चिन्मयानंद, राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज, स्वामी सत्यमित्रानंद सिख समुदाय से मास्टर तारा सिंह, जैन समाज से आचार्य सुशील मुनि जी महाराज
बौद्ध से के.एम. मुंशी (भारत के पूर्व कृषि मंत्री), गीता प्रेस गोरखपुर के संस्थापक हनुमान प्रसाद पोद्दार  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से श्री गुरुजी गोलवलकर उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि जी.डी.बिन्नानी पी. जी. कालेज के प्राचार्य डॉ. अशोक सिंह ने अपने वक्तव्य में बताया की हिंदू समाज को संगठित और जागृत करना ,हिंदू धर्म के स्वत्वों, मानबिंदुओं और जीवन मूल्यों की रक्षा और संवर्धन ,विश्वभर में फैले हिंदुओं से संपर्क, उनकी सहायता और सुदृढ़ीकरण
और हिंदू की परिभाषा दी गई "भारत में विकसित हुए जीवन मूल्यों में आस्था रखने वाला या स्वयं को हिंदू कहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है।"मुख्य बिंदुओं पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर विभाग मंत्री रामचन्द्र शुक्ल ने बताया की प्रथम विश्व हिंदू सम्मेलन - प्रयाग कुंभ 22 से 24 जनवरी 1966, प्रयागराज में 12 देशों के 25,000 प्रतिनिधि, 300 बड़े संत सम्मिलित हुए और इतिहास में पहली बार चारों शंकराचार्य एक मंच पर आए , इस सम्मेलन में मैसूर के महाराज चामराज वाडियार को प्रथम अध्यक्ष और दादासाहब आप्टे को प्रथम महामंत्री घोषित किया गया।
इसके बाद उडुपी धर्म संसद
13-14 दिसंबर 1969 को गुरुजी के विशेष प्रयास से भारत के सभी बड़े संतों ने एक स्वर में प्रस्ताव पारित किया- "हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत्" सभी हिंदू भाई-भाई हैं, कोई हिंदू पतित (अछूत) नहीं है। यहीं से सामाजिक समरसता और छुआछूत उन्मूलन विहिप का स्थायी कार्यक्रम बना।
इस अवसर पर प्रान्त सत्संग प्रमुख महेश तिवारी ने बताया की विश्व हिंदू परिषद ने श्री राम जन्मभूमि मुक्ति के लिए संतों के नेतृत्व में आंदोलन का बिगुल बजाया और 1984 में बजरंग दल व 1991 दुर्गा वाहिनी की स्थापना की गई। विश्व हिंदू परिषद के द्वारा सेवा प्रकल्प, गौ शाला, विद्यालय, धर्मांतरण, लव जिहाद, लैंड जेहाद जैसे अनेक कार्य कर रहा है।
जिलाध्यक्ष हरिशंकर मिश्र ने कहा कि इस समय अपने बच्चों को संस्कार देने की जरूरत है, हर घर में साप्ताहिक सत्संग हो, एक समय का भोजन परिवार के सभी लोग साथ में करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष राज माहेश्वरी व कुशल संचालन नगर मंत्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर विभाग संयोजक प्रवीण, जिला सह मंत्री अभय मिश्र , जिला प्रचार प्रसार प्रमुख अरविन्द सारस्वत, विमर्श प्रमुख अशोक दुबे, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री अशुकांत चुनाहे, लक्ष्मीकांत पाण्डेय, गौ सम्मान अभियान के प्रमुख ब्रह्मदेव त्रिपाठी, जिला कोषाध्यक्ष पंकज टंडन विभाग सह संयोजक अशोक,जिला संयोजक बजरंग दल चन्द्र प्रकाश, देवप्रकाश पाठक, मयंक गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष सपना सिंह व अमर बहादुर सरोज, नगर सह मंत्री दीपक वर्मा, नगर सह संयोजक प्रमोद सोनकर, कार्यालय प्रमुख विजय, नगर सत्संग प्रमुख दिनय दुबे, मातृशक्ति प्रमुख शैफाली जैन, जिला कालेज विद्यार्थी सम्पर्क प्रमुख सुब्रतो गुप्ता, रूपनारायन अग्रहरि,भाजपा नेत्री दीपा उमर व शिखा अग्रवाल , गोवर्धन त्रिपाठी, पवन शर्मा, शुभ गुप्ता आदि लोग उपस्थित रहे।
किताबों के बजाए काम का बोझ' मिर्ज़ापुर में कम्पोजिट विद्यालय के वारयल वीडियो ने बाल अधिकार अधिनियम की खोल दी पोल, सपा ने सौंपा ज्ञापन
'
मिर्ज़ापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों की बदहाली का एक पर एक मामल सामने आ रहा है। कंपोजिट विद्यालय चेरुईराम तक जाने का मामला ठंडा हुआ भी नहीं था कि 
कंपोजिट विद्यालय पिउरी के वायरल वीडियो ने मुश्किलें बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी ने 
बाल अधिकार का हनन एवं बाल अधिकार अधिनियम के उल्लघन का मामला बताते हुए प्रधानाध्यापक के उपर एफआईआर दर्ज कराने की मांग जिलाधिकारी से की है।
जिले के विकास खण्ड पटेहरा के ग्रामसभा पिउरी में कम्पोजिट विद्यालय है जहां पर ग्रामसभा के अबोध और असहाय आर्थिक रूप से कमजोर घरो के बच्चे पढ़ते हैं।ग्रामसभा के स्कूल में खाद्यान्न की बोरी एवं मिड-डे मिल भोजन बनाने में प्रयुक्त लकड़ी की ढुलाई तथा कक्षा कक्ष में बच्चों से झाडू़ू लगवाया जा रहा है। सपा नेता रोहित शुक्ला 'लल्लू' ने आरोप लगाया है कि जानबूझ कर ऐसा कार्य बच्चों के अबोध मस्तिस्क का प्रयोग अपने निजी स्वार्थ में कराया जा रहा है‌। ग्रामीणों का आरोप है कि इस सम्बन्ध में अनेकों बार विद्यालय का भ्रमण किया गया सुझाव और आवश्यक कार्यवाही के लिए बीएसए मीरजापुर से भी शिकायत की गई।
लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही एवं बाल अधिकार पर रोक नहीं लगाया जा सका। विद्यालय संचालन व्यवस्था पर एकाधिकार होना प्रतीत हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद जहां हड़कंप मचा हुआ है वहीं ग्रामीण संग सपा नेता रोहित शुक्ला 'लल्लू' ने गुरुवार को जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग कि है।
आकाश आनंद पर अखिलेश का बड़ा दांव?
बसपा से बाहर हुए मायावती के भतीजे की सपा में एंट्री को लेकर सवाल

अखिलेश बोले- ‘तुम लेकर आओगे तो जरूर ले लेंगे’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर चर्चा में है। बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद अब उनके अगले सियासी कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से जब आकाश आनंद के सपा में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उनके जवाब ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी।

एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव से पूछा गया कि अगर आकाश आनंद समाजवादी पार्टी में आना चाहें तो क्या उन्हें पार्टी में जगह दी जाएगी? इस पर अखिलेश ने कहा, “अगर तुम लेकर आओगे तो जरूर ले लेंगे। उनसे बातचीत करेंगे।” अखिलेश के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।

मायावती ने भतीजे को पार्टी से किया बाहर

दरअसल, बसपा प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद और उनके ससुर सिद्धार्थ सिंह को पार्टी से बाहर कर दिया है। आकाश आनंद को बसपा की प्राथमिक सदस्यता से भी मुक्त कर दिया गया। इसके बाद आकाश आनंद के अगले राजनीतिक कदम को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

मायावती ने सिद्धार्थ सिंह के राजनीति से संन्यास लेने के फैसले को लेकर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर यह कदम पहले उठा लिया गया होता तो आकाश आनंद को लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।

सपा ने भी खोले दरवाजे!

आकाश आनंद के सपा में जाने की संभावनाओं पर सपा प्रवक्ता आशुतोष ने भी सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि अगर आकाश आनंद समाजवादी विचारधारा के साथ आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी में जगह विचारधारा के आधार पर ही होगी।

बदला सोशल मीडिया बायो, बढ़ी अटकलें

बसपा से निष्कासन के बाद आकाश आनंद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के बायो में भी बदलाव किया है। उन्होंने इसमें “पार्टी सपोर्टर बीएसपी” और “यंग सपोर्टर बाबा साहेब विजन” लिखा है। हालांकि, आकाश आनंद की ओर से किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मायावती से राजनीतिक राह अलग होने के बाद आकाश आनंद समाजवादी पार्टी का दामन थामेंगे, या फिर अपनी अलग सियासी रणनीति बनाएंगे? फिलहाल अखिलेश यादव के बयान ने यूपी की राजनीति में इस चर्चा को जरूर तेज कर दिया है।