चित्रकूट में बाढ़ के बाद योगी का एक्शन प्लान: क्षति का तत्काल सर्वे, मुआवजा और मंदाकिनी से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
लखनऊ। अतिवृष्टि से प्रभावित चित्रकूट धाम का दौरा कर लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और फसल व मकान की क्षति का तत्काल सर्वे कराकर पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को कहा। प्रभावित किसानों की फसल क्षति का सर्वे भी शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।

- व्यापारियों और मठ-मंदिरों को भी मिलेगी सहायता
योगी ने चित्रकूट धाम के बाढ़ प्रभावित व्यापारियों को हुए नुकसान का आकलन कराने और उन्हें सहायता व मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा। मठ-मंदिरों को हुई क्षति का भी सर्वे कराने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण में शासन आवश्यक सहयोग करेगा।
राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने शेष राहत किट का वितरण 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत सामग्री पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को प्रभावित परिवारों के बीच लगातार मौजूद रहकर उनकी जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

- बाढ़ के बाद बीमारियों से निपटने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरतमंदों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीमें बीमारी के लक्षणों पर नजर रखें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करें।

- मंदाकिनी के कैचमेंट से हटेगा अतिक्रमण
मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण का चिन्हांकन कर नियमानुसार उसे हटाने के निर्देश दिए। इसके लिए जनपदीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद करने को कहा गया। साथ ही घाटों के विस्तारीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदाकिनी में किसी भी दशा में सीवर और नालों का पानी नहीं जाना चाहिए। पर्यटन, सिंचाई और नगर विकास विभाग आपसी समन्वय से इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदाकिनी चित्रकूट की आस्था से जुड़ी नदी है और इसकी स्वच्छता व निर्मलता बनाए रखना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

- फुट ओवरब्रिज की सुरक्षा जांच के निर्देश
मंदाकिनी नदी पर बने फुट ओवरब्रिज का सेफ्टी ऑडिट कराने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े सभी निर्माण कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जरूरत के अनुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई हो।चित्रकूट धाम से एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग की भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क का निर्माण कार्य विजयादशमी से पहले हर हाल में पूरा कराया जाए। विलंब के कारणों की समीक्षा कर जिम्मेदारी तय करने को भी कहा।
- गोशालाओं में चारे और पशु स्वास्थ्य की जांच
मुख्यमंत्री ने पशुधन की सुरक्षा के लिए गोशालाओं की जांच कराने और वहां पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंपी डिजीज से बचाव के लिए भी आवश्यक प्रबंध करने को कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत और पुनर्वास के साथ चित्रकूट के लिए दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि भविष्य में अतिवृष्टि और बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। इसमें मंदाकिनी के प्राकृतिक प्रवाह, कैचमेंट एरिया, अतिक्रमण और जल निकासी व्यवस्था को विशेष रूप से शामिल किया जाए।
सर्वोदय विद्यालयों के 3 हजार से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ मिलेगा हुनर
- 'प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत 31 संस्थाओं को प्रशिक्षण का जिम्मा, 30 सितंबर तक शुरू होगी ट्रेनिंग

लखनऊ। प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों को अब स्कूली शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण भी मिलेगा। समाज कल्याण विभाग के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रशिक्षित करने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रशिक्षण के लिए 31 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी केंद्रों पर 30 सितंबर तक प्रशिक्षण शुरू करना अनिवार्य किया गया है।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रोजेक्ट प्रवीण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ ऐसे कौशल से जोड़ना है, जो आगे चलकर उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर करियर के अवसर दिलाने में मददगार हों। विद्यार्थियों की रुचि और उपलब्ध प्रशिक्षण के आधार पर उन्हें अपैरल, आईटी-आईटीईएस, मैनेजमेंट सहित अन्य रोजगारपरक सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

- 300 घंटे तक होगी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण को स्कूली पढ़ाई के साथ संचालित करने के लिए एक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थी शामिल किए जाएंगे। प्रशिक्षण की कुल अवधि 300 घंटे तक होगी। इससे विद्यार्थियों की नियमित शिक्षा प्रभावित किए बिना उन्हें व्यावहारिक एवं व्यावसायिक दक्षता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
मिशन ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता और पारदर्शिता के लिए प्रक्रिया भी तय की है। प्रशिक्षण प्रदाता को मिशन मुख्यालय में अनुबंध जमा कर उसकी पुष्टि करानी होगी। इसके बाद ही संबंधित जिले की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (DPMU) को बैच गठित करने की अनुमति दी जाएगी।

- मान्यता प्राप्त जॉब रोल में ही प्रशिक्षण
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं मान्य प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए बैच को मंजूरी देने से पहले NCVET और NQR पोर्टल पर संबंधित जॉब रोल की जांच की जाएगी। केवल वैध और मान्यता प्राप्त जॉब रोल में ही प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। पोर्टल पर उन्हीं बैच और सेक्टर को मंजूरी मिलेगी, जो संबंधित प्रशिक्षण संस्था को आवंटित किए गए हैं। इससे प्रशिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।

- सात दिन में देनी होगी पाठ्य सामग्री
प्रशिक्षण प्रदाताओं को बैच शुरू होने के सात दिन के भीतर विद्यार्थियों को आवश्यक पाठ्य सामग्री उपलब्ध करानी होगी। सामग्री दिए जाने की हस्ताक्षरित रसीद और तस्वीरें मिशन पोर्टल पर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC) के निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए भुगतान निर्धारित कॉमन कॉस्ट नॉर्म्स के आधार पर होगा।

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा और नियमों के अनुसार पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मिशन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रशिक्षण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तव में उपयोगी और गुणवत्तापूर्ण कौशल हासिल हो। स्कूल स्तर पर ही कौशल प्रशिक्षण मिलने से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में रोजगार एवं बेहतर करियर के अवसरों के लिए अधिक सक्षम बनेंगे।
आईटीआई अलीगंज में 11 सितंबर को लगेगा विशाल महिला रोजगार मेला
- हीरो मोटोकॉर्प, हिंदुस्तान यूनिलीवर समेत चार कंपनियां करेंगी भर्ती, 50 छात्राओं को हीरो में मिलेगा मौका

लखनऊ। महिलाओं और युवतियों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), अलीगंज में 11 सितंबर को विशाल महिला रोजगार एवं प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित किया जाएगा। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इस रोजगार मेले में हीरो मोटोकॉर्प, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और अल्मास एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड प्रतिभाग करेंगी। चयन के लिए कैंपस प्लेसमेंट के साथ वॉक-इन इंटरव्यू भी होंगे।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि रोजगार मेले का उद्देश्य महिलाओं एवं युवतियों को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। आईटीआई सहित अन्य निर्धारित शैक्षिक योग्यता रखने वाली अभ्यर्थी विभिन्न पदों के लिए चयन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगी।
- हीरो मोटोकॉर्प में 50 पदों पर भर्ती
प्लेसमेंट अधिकारी एम. ए. खां के अनुसार, हीरो मोटोकॉर्प के हरिद्वार प्लांट में केवल छात्राओं के लिए 50 पदों पर कैंपस प्लेसमेंट होगा। इसके लिए 10वीं पास तथा फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, मशीनिस्ट, टर्नर, पेंटर, COPA और ट्रैक्टर मैकेनिक आदि आईटीआई ट्रेड में NCVT/SCVT पासआउट वर्ष 2024, 2025 और 2026 की छात्राएं तथा अपीयरिंग छात्राएं पात्र होंगी। अभ्यर्थियों की आयु 18 से 26 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
चयनित छात्राओं को 26,450 रुपये सीटीसी और करीब 18,487 रुपये प्रतिमाह इन-हैंड वेतन मिलेगा। इसके अलावा कैंटीन, यूनिफॉर्म, ईएसआई और मेडिकल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
- हिंदुस्तान यूनिलीवर में 15 महिलाओं का चयन
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के सुमेरपुर (हमीरपुर) प्लांट में ट्रेनी पद के लिए 15 महिलाओं का चयन किया जाएगा। 21 से 29 वर्ष की आयु की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। इलेक्ट्रीशियन, फिटर, मशीनिस्ट, टर्नर और इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक ट्रेड में आईटीआई पास अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को 14 हजार रुपये प्रतिमाह इन-हैंड वेतन मिलेगा।
- एसबीआई लाइफ में एडवाइजर पद का मौका
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की ओर से लखनऊ लोकेशन के लिए फाइनेंशियल कंसल्टेंट (एडवाइजर) पद पर वॉक-इन इंटरव्यू होगा। 18 से 30 वर्ष की 12वीं पास अथवा स्नातक महिलाएं इसमें शामिल हो सकती हैं। कॉलिंग वर्क के तहत 20 हजार रुपये प्रतिमाह तक आय (पेयआउट) का अवसर मिलेगा।
- महिला टेलर के पदों पर भर्ती
अल्मास एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, जानकीपुरम विस्तार में महिला टेलर के पदों पर भर्ती की जाएगी। सिलाई-टेलरिंग में दक्ष महिलाएं और फ्रेशर, दोनों आवेदन कर सकती हैं। आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। चयनित अभ्यर्थियों को न्यूनतम 8 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।
- प्रमाणपत्र और बायोडाटा साथ लाना होगा
रोजगार मेले में शामिल होने वाली इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने शैक्षिक एवं तकनीकी योग्यता प्रमाणपत्र, पहचान संबंधी दस्तावेज, अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र और बायोडाटा साथ लाना होगा। अभ्यर्थियों को 11 सितंबर को सुबह 10 बजे राजकीय आईटीआई, अलीगंज के विवेकानंद हॉल एवं परिसर में उपस्थित होना होगा।
‘मस्जिद नहीं, अवैध इमारत गिरी’, सहारनपुर विवाद पर संगीत सोम ने अखिलेश-राहुल-ओवैसी को घेरा

-‘मुस्लिमों की बर्बादी के पीछे अखिलेश-राहुल और ओवैसी’, संगीत सोम का तीखा हमला

-कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई, फिर बखेड़ा क्यों?’ सहारनपुर पर संगीत सोम का विपक्ष से सवाल

-'2013 की तरह फिर पश्चिमी यूपी में दंगा कराना चाहते हैं अखिलेश, संगीत सोम ने सपा को घेरा

-अखिलेश-राहुल-ओवैसी पर संगीत सोम का हमला- ‘संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाते हैं’

लखनऊ। सहारनपुर में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मस्जिद पर हुई कार्रवाई को लेकर बीजेपी नेता संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा हमला बोला है। संगीत सोम ने साफ कहा कि मीडिया और विपक्ष को यह समझना होगा कि सहारनपुर में किसी मस्जिद को नहीं गिराया गया, बल्कि अवैध जमीन पर बनी एक अवैध इमारत को कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाया गया है। संगीत सोम ने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान इमारत के नीचे करीब 400 साल पुराना कुआं भी मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो भी निर्माण अवैध जमीन पर या अतिक्रमण करके किया गया है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसी धर्म को निशाना बनाने का सवाल ही नहीं है।

‘मुस्लिमों का आका बनने की होड़ में हैं विपक्षी नेता’

बीजेपी नेता ने अखिलेश यादव, राहुल गांधी और असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दिनों उत्तर प्रदेश में यह होड़ लगी है कि मुस्लिमों का सबसे बड़ा आका कौन बनेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी राजनीति के चलते सहारनपुर की कार्रवाई को धार्मिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।

संगीत सोम ने ओवैसी पर भी हमला बोलते हुए पुराने दस्तावेजों और बिजली बिल से जुड़े दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब 1911 में सहारनपुर में बिजली की व्यवस्था ही नहीं थी, तो उस दौर का बिजली बिल कहां से आया? सोम ने इसे फर्जीवाड़े का उदाहरण बताते हुए कहा कि ओवैसी जैसे नेता ऐसे ही दावों के सहारे लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

‘कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई, फिर बखेड़ा क्यों?’

संगीत सोम ने कहा कि जिस इमारत पर कार्रवाई हुई, वह कोर्ट के आदेश के बाद की गई। ऐसे में विपक्ष का इस मुद्दे को लेकर हंगामा खड़ा करना उनकी मंशा पर सवाल पैदा करता है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और ओवैसी तीनों संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, लेकिन जब अदालत के आदेश पर कार्रवाई होती है तो उसी कार्रवाई को धार्मिक रंग देने की कोशिश शुरू हो जाती है। उन्होंने तीनों नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह राजनीति संविधान और कानून की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि वोट बैंक की राजनीति के लिए की जा रही है।

‘पश्चिमी यूपी में फिर दंगा कराना चाहते हैं अखिलेश’

संगीत सोम ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता सहारनपुर के मुद्दे के बहाने पश्चिमी उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करना चाहते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव पर हमला करते हुए 2013 के दंगों का भी जिक्र किया और कहा कि अब एक बार फिर पश्चिमी यूपी में तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते उत्तर प्रदेश में किसी को दंगा कराने या कानून व्यवस्था को चुनौती देने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर अखिलेश यादव अपने समर्थकों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

‘मुस्लिमों की बर्बादी के पीछे अखिलेश, ओवैसी और राहुल’

संगीत सोम ने कहा कि मुस्लिमों की तीन बर्बादी- अखिलेश, ओवैसी और राहुल गांधी। उन्होंने कहा कि विपक्ष जानबूझकर यह नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहा है कि मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि कार्रवाई का निशाना धर्म नहीं बल्कि अवैध कब्जा और भूमाफिया हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक कुछ लोगों ने मुस्लिमों का इस्तेमाल किया, उनसे कब्जे करवाए और अपनी जेबें भरीं।

संगीत सोम ने आखिर में फिर विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और ओवैसी ने मुस्लिम समाज को सबसे ज्यादा छला है और अब भी वे उत्तर प्रदेश की शांति और कानून व्यवस्था को राजनीतिक फायदे के लिए दांव पर लगाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “उत्तम प्रदेश” बनने की राह पर है और किसी को भी अराजकता फैलाकर इस रास्ते को रोकने नहीं दिया जाएगा।

‘यूपी डायलॉग’ में जुटे 100 से ज्यादा युवा, उत्तर प्रदेश के एक दशक के बदलाव पर हुई चर्चा

- प्रदेश की अर्थव्यवस्था और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर हुई चर्चा

- विशेषज्ञों ने कहा, ‘2017 में ₹52 हजार थी प्रति व्यक्ति आय, अब ₹1.20 लाख’

- जनजातीय समाज और युवाओं के लिए चल रही योजनाओं पर भी चर्चा

लखनऊ। लखनऊ के हजरतगंज स्थित एसेंस बैंक्वेट में फ्रेंड्स ऑफ यूपी की ओर से यूपी डायलॉग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम 'उत्तर प्रदेश का एक दशक' रही। इसमें ‘फ्रेंड्स ऑफ योगी’ के 100 से ज्यादा युवा वॉलंटियर्स शामिल हुए। इस दौरान पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलाव और आने वाले समय में प्रदेश के विकास को लेकर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल, प्रोफेसर अमित कुशवाह और पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस दौरान युवाओं ने वक्ताओं से कई मुद्दों पर सवाल पूछे और उत्तर प्रदेश के भविष्य को लेकर अपने सुझाव भी दिए।

आर्थिक बदलाव और एक्सप्रेसवे पर हुई चर्चा

प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में आए बदलावों पर बात की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश की जीडीपी में लगातार दो अंकों की बढ़ोतरी हुई है। उत्तर प्रदेश से होने वाले निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने प्रदेश में लिंगानुपात बेहतर होने की बात भी कही। प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में केवल एक एक्सप्रेसवे था, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर दस हो गई है। उन्होंने दावा किया कि देश के करीब 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं।

‘₹52 हजार से बढ़कर ₹1.20 लाख हुई प्रति व्यक्ति आय’

पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह ने कहा कि 2017 के मुकाबले उत्तर प्रदेश की आर्थिक और वित्तीय स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस की स्थिति में है। उनके मुताबिक वर्ष 2017 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब 52 हजार रुपये थी, जो 2026 में बढ़कर करीब 1.20 लाख रुपये हो गई है।

उन्होंने जनजातीय समाज के लिए किए जा रहे कामों का भी जिक्र किया। सिंह ने बताया कि 65 गांवों में लोगों को जमीन का मालिकाना हक दिया गया है। मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों तक घर, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। वहीं, अभ्युदय योजना के जरिए युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। युवाओं से प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर जागरूक रहने और अपने सुझाव सामने रखने की अपील भी की गई।

चित्रकूट में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सीएम योगी, बोले- संकट की घड़ी में सरकार आपके साथ

मंदाकिनी की भीषण बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री ने बांटी राहत सामग्री, मुआवजे और आवास का दिया भरोसा

चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में आई अभूतपूर्व बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट के लोगों को राहत और भरोसा देने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को जिले में पहुंचे। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 12 बजे चित्रकूट हवाई पट्टी पर उतरा। यहां उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्य तथा प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री रामघाट और रामायण मेला परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की।

 रामायण मेला परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी स्थिति में खुद को अकेला नहीं समझना चाहिए। सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार राहत, बचाव और पुनर्वास के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद रामघाट पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जिस समय बाढ़ की सूचना मिली तत्काल आवश्यक निर्देश देकर बचाव दलों को रवाना किया गया।

 उन्होंने बताया कि शुरुआत में चित्रकूट में एसडीआरएफ की एक टीम उपलब्ध थी, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी फ्लड की कुल आठ टीमों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार मंदाकिनी नदी में पिछले वर्ष की तुलना में करीब दोगुना पानी आया है। इतनी भीषण बाढ़ चित्रकूट में पहली बार देखने को मिली है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार नुकसान का आकलन कराकर प्रभावित किसानों, व्यापारियों और परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराएगी।

 बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि चित्रकूट का भगवान राम से गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि जब प्रभु राम वनवास के दौरान चित्रकूट आए थे, तब इस धरती ने उनका साथ दिया था। आज वही चित्रकूट संकट में है, इसलिए वह एक रामभक्त के रूप में यहां लोगों के साथ खड़े होने आए हैं।

 उन्होंने कहा कि राहत और पुनर्वास के कार्यों में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

 

सीएम योगी से मिले यूपी प्रभारी विनोद तावड़े, सह-प्रभारी जगदीश पटेल भी रहे मौजूद
- दो दिवसीय यूपी दौरे पर हैं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की। तावड़े इन दिनों दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर हैं। उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश के सह-प्रभारी जगदीश ईश्वरभाई पटेल भी मौजूद रहे।
दोनों भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग पहुंचकर योगी आदित्यनाथ से भेंट की। मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया है।
परिवहन कार्यालय में औचक निरीक्षण, दो कर्मचारी मिले अनुपस्थित
- अपर परिवहन आयुक्त ने आवेदकों से लिया फीडबैक, सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों को आईडी कार्ड पहनने के निर्देश

लखनऊ। परिवहन विभाग की अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन) चित्रलेखा सिंह ने शनिवार को सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय, विस्तार पटल, ट्रांसगोमती, देवा रोड का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय परिसर के बाहर और अंदर मौजूद आवेदकों से सीधे संवाद कर कार्यालय आने का कारण और कर्मचारियों द्वारा किसी तरह की अतिरिक्त धनराशि की मांग किए जाने के संबंध में जानकारी ली। पूछताछ में सभी लोग स्वयं आवेदक पाए गए और किसी ने अतिरिक्त धनराशि मांगे जाने की शिकायत नहीं की।
अपर परिवहन आयुक्त ने कार्यालय के विभिन्न पटलों का निरीक्षण करते हुए कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इस दौरान सभी सरकारी कर्मचारी आईडी कार्ड पहने हुए मिले। हालांकि, लाइसेंस प्रिंटिंग का काम कर रहे सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों के पास कंपनी का आईडी कार्ड नहीं था। इस पर उन्होंने संबंधित कंपनी को सभी कर्मचारियों को आईडी कार्ड उपलब्ध कराने और ड्यूटी के दौरान उसे अनिवार्य रूप से धारण कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय की उपस्थिति पंजिका में **दो सरकारी कर्मचारी अनुपस्थित** पाए गए। अपर परिवहन आयुक्त ने अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन रोकने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की कवरेज का भी जायजा लिया। कार्यालय में कुल **13 सीसीटीवी कैमरे** लगे पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि कैमरों की करीब 15 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहती है। अपर परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिया कि सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग उसी दिन शाम तक मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
इसके बाद उन्होंने कार्यालय के सभी रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया। अत्यधिक रिकॉर्ड के कारण कार्यालय में जगह की कमी को देखते हुए उन्होंने मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार तत्काल रिकॉर्ड की बिडिंग कराने के निर्देश दिए। जिन अभिलेखों की बिडिंग संभव नहीं है, उनकी स्कैनिंग के संबंध में मुख्यालय को प्रस्ताव भेजने के लिए भी कहा।
निरीक्षण के दौरान उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र), लखनऊ राधेश्याम तथा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) हिमांशु जैन समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
एलडीए का बुलडोजर एक्शन, 140 बीघा में 11 अवैध प्लाटिंग ध्वस्त - चौक, बाजारखाला, सआदतगंज, दुबग्गा और बीबीडी में आठ अवैध व्यावसायिक निर्माण सील
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शनिवार को अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन टीम ने बीबीडी थाना क्षेत्र में करीब 140 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही 11 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान निजी विकासकर्ताओं द्वारा किए गए अवैध निर्माण भी बुलडोजर से ढहा दिए गए। इसके साथ ही चौक, बाजारखाला, सआदतगंज, दुबग्गा और बीबीडी क्षेत्र में आठ अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया गया। प्रवर्तन जोन-1 के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह ने बताया कि बीबीडी थाना क्षेत्र के बगुलहा और सिकन्दरपुर खुर्द में इंदिरा नहर तथा किसान पथ के आसपास अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही थी। जांच के बाद कार्रवाई करते हुए करीब 140 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही 11 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बीबीडी थाना क्षेत्र के लौलाई, हासेमऊ और भरवारा में अवैध रो-हाउस समेत तीन अवैध निर्माणों को सील किया गया। वहीं, प्रवर्तन जोन-7 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार के नेतृत्व में चौक, बाजारखाला, सआदतगंज और दुबग्गा क्षेत्र में भी अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न लोगों द्वारा किए जा रहे पांच अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया गया। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक, प्राधिकरण की ओर से अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सवर्ण को कमजोर समझने की भूल न करे सरकार यूजीसी काला कानून वापस रिजर्वेशन रिफॉर्म करा कर ही रहेंगे : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष
लखनऊ। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आज धरने का आठवां दिन था जिसमें चंदौली, सोनभद्र से सवर्ण समाज के लोगों बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि समाज में जहर फैलाने वाले काला कानून यूजीसी, एससीएसटी एक्ट आरक्षण  सामाजिक समरसता सौहार्द बिगाड़ने का काम कर रहा है, सामान्य वर्ग के बच्चे जैसे ही डिग्री कॉलेज, यूनिवर्सिटी मेडिकल कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने जायेगे उन्हें अपराधी,शोषण करता यूजीसी रेगुलेशन 2026 घोषित कर दे रहा है यूजीसी रेगुलेशन में यदि सवर्ण के साथ किसी तरह का अत्याचार उत्पीड़न होता है तो वह जातीय भेद भाव नहीं माना जाएगा लेकिन दूसरी तरफ दलित, ओबीसी का बच्चा सामान्य वर्ग की बेटी के साथ अभद्रा करता है वह उसका विरोध करती है तो यूजीसी रेगुलेशन में के तहत दलीय ओबीसी का बच्चा शिकायत करता है तो यह जातिय भेद भाव माना जाएगा लेकिन सामान्य वर्ग का बच्चा के साथ शोषण हुआ वह जातीय भेद भाव नहीं माना जाएगा, गरीबी जाति देख कर नहीं आती है हर वर्ग हर जाती में गरीब होते हैं तो आरक्षण जाती के नाम पर क्यों,आरक्षण वास्तव में जिसको चाहिए उन्हें न मिलकर उसी वर्ग के पीढ़ी डर पीढ़ी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं गरीब दलित का हक अमीर दलित खा रहा है जबकि दोष सवर्ण पर दिया जा रहा है, एससीएसटी एक्ट का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है अलीगढ़ में एक दलित महिला ने फर्जी मुकदमा एससीएसटी एक्ट में सवर्ण ओबीसी पर लगाकर 10 साल में 41 लाख रुपए सरकार से एव समझौते के नाम पर ली स्वर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि न्याय समानता सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं यह हमारा हक है जिसे लेकर कर रहेगी सरकार सामान्य वर्ग को  कमजोर समझने की भूल न करे दलित मुस्लिम तुष्टिकरण बंद करे सवर्ण समाज सरकार बनवा सकती है तो सरकार गिरा भी सजाती है यदि समय रहते सरकार यूजीसी रेगुलेशन वापस नहीं लेती रिजर्वेशन रिफॉर्म नहीं करती है तो 2027,2029 बीजेपी को वही भेज दिया जाएगा जहां 2014 के पहले थी