‘मस्जिद नहीं, अवैध इमारत गिरी’, सहारनपुर विवाद पर संगीत सोम ने अखिलेश-राहुल-ओवैसी को घेरा
-‘मुस्लिमों की बर्बादी के पीछे अखिलेश-राहुल और ओवैसी’, संगीत सोम का तीखा हमला
-कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई, फिर बखेड़ा क्यों?’ सहारनपुर पर संगीत सोम का विपक्ष से सवाल
-'2013 की तरह फिर पश्चिमी यूपी में दंगा कराना चाहते हैं अखिलेश, संगीत सोम ने सपा को घेरा
-अखिलेश-राहुल-ओवैसी पर संगीत सोम का हमला- ‘संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाते हैं’
लखनऊ। सहारनपुर में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मस्जिद पर हुई कार्रवाई को लेकर बीजेपी नेता संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर तीखा हमला बोला है। संगीत सोम ने साफ कहा कि मीडिया और विपक्ष को यह समझना होगा कि सहारनपुर में किसी मस्जिद को नहीं गिराया गया, बल्कि अवैध जमीन पर बनी एक अवैध इमारत को कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाया गया है। संगीत सोम ने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान इमारत के नीचे करीब 400 साल पुराना कुआं भी मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो भी निर्माण अवैध जमीन पर या अतिक्रमण करके किया गया है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसी धर्म को निशाना बनाने का सवाल ही नहीं है।
‘मुस्लिमों का आका बनने की होड़ में हैं विपक्षी नेता’
बीजेपी नेता ने अखिलेश यादव, राहुल गांधी और असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दिनों उत्तर प्रदेश में यह होड़ लगी है कि मुस्लिमों का सबसे बड़ा आका कौन बनेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी राजनीति के चलते सहारनपुर की कार्रवाई को धार्मिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।
संगीत सोम ने ओवैसी पर भी हमला बोलते हुए पुराने दस्तावेजों और बिजली बिल से जुड़े दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब 1911 में सहारनपुर में बिजली की व्यवस्था ही नहीं थी, तो उस दौर का बिजली बिल कहां से आया? सोम ने इसे फर्जीवाड़े का उदाहरण बताते हुए कहा कि ओवैसी जैसे नेता ऐसे ही दावों के सहारे लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
‘कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई, फिर बखेड़ा क्यों?’
संगीत सोम ने कहा कि जिस इमारत पर कार्रवाई हुई, वह कोर्ट के आदेश के बाद की गई। ऐसे में विपक्ष का इस मुद्दे को लेकर हंगामा खड़ा करना उनकी मंशा पर सवाल पैदा करता है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और ओवैसी तीनों संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, लेकिन जब अदालत के आदेश पर कार्रवाई होती है तो उसी कार्रवाई को धार्मिक रंग देने की कोशिश शुरू हो जाती है। उन्होंने तीनों नेताओं को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह राजनीति संविधान और कानून की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि वोट बैंक की राजनीति के लिए की जा रही है।
‘पश्चिमी यूपी में फिर दंगा कराना चाहते हैं अखिलेश’
संगीत सोम ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता सहारनपुर के मुद्दे के बहाने पश्चिमी उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करना चाहते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव पर हमला करते हुए 2013 के दंगों का भी जिक्र किया और कहा कि अब एक बार फिर पश्चिमी यूपी में तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते उत्तर प्रदेश में किसी को दंगा कराने या कानून व्यवस्था को चुनौती देने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर अखिलेश यादव अपने समर्थकों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
‘मुस्लिमों की बर्बादी के पीछे अखिलेश, ओवैसी और राहुल’
संगीत सोम ने कहा कि मुस्लिमों की तीन बर्बादी- अखिलेश, ओवैसी और राहुल गांधी। उन्होंने कहा कि विपक्ष जानबूझकर यह नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहा है कि मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि कार्रवाई का निशाना धर्म नहीं बल्कि अवैध कब्जा और भूमाफिया हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक कुछ लोगों ने मुस्लिमों का इस्तेमाल किया, उनसे कब्जे करवाए और अपनी जेबें भरीं।
संगीत सोम ने आखिर में फिर विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और ओवैसी ने मुस्लिम समाज को सबसे ज्यादा छला है और अब भी वे उत्तर प्रदेश की शांति और कानून व्यवस्था को राजनीतिक फायदे के लिए दांव पर लगाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “उत्तम प्रदेश” बनने की राह पर है और किसी को भी अराजकता फैलाकर इस रास्ते को रोकने नहीं दिया जाएगा।










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लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शनिवार को अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन टीम ने बीबीडी थाना क्षेत्र में करीब 140 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही 11 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान निजी विकासकर्ताओं द्वारा किए गए अवैध निर्माण भी बुलडोजर से ढहा दिए गए। इसके साथ ही चौक, बाजारखाला, सआदतगंज, दुबग्गा और बीबीडी क्षेत्र में आठ अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया गया। प्रवर्तन जोन-1 के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह ने बताया कि बीबीडी थाना क्षेत्र के बगुलहा और सिकन्दरपुर खुर्द में इंदिरा नहर तथा किसान पथ के आसपास अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही थी। जांच के बाद कार्रवाई करते हुए करीब 140 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही 11 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बीबीडी थाना क्षेत्र के लौलाई, हासेमऊ और भरवारा में अवैध रो-हाउस समेत तीन अवैध निर्माणों को सील किया गया। वहीं, प्रवर्तन जोन-7 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार के नेतृत्व में चौक, बाजारखाला, सआदतगंज और दुबग्गा क्षेत्र में भी अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न लोगों द्वारा किए जा रहे पांच अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया गया। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक, प्राधिकरण की ओर से अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
लखनऊ। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आज धरने का आठवां दिन था जिसमें चंदौली, सोनभद्र से सवर्ण समाज के लोगों बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि समाज में जहर फैलाने वाले काला कानून यूजीसी, एससीएसटी एक्ट आरक्षण सामाजिक समरसता सौहार्द बिगाड़ने का काम कर रहा है, सामान्य वर्ग के बच्चे जैसे ही डिग्री कॉलेज, यूनिवर्सिटी मेडिकल कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने जायेगे उन्हें अपराधी,शोषण करता यूजीसी रेगुलेशन 2026 घोषित कर दे रहा है यूजीसी रेगुलेशन में यदि सवर्ण के साथ किसी तरह का अत्याचार उत्पीड़न होता है तो वह जातीय भेद भाव नहीं माना जाएगा लेकिन दूसरी तरफ दलित, ओबीसी का बच्चा सामान्य वर्ग की बेटी के साथ अभद्रा करता है वह उसका विरोध करती है तो यूजीसी रेगुलेशन में के तहत दलीय ओबीसी का बच्चा शिकायत करता है तो यह जातिय भेद भाव माना जाएगा लेकिन सामान्य वर्ग का बच्चा के साथ शोषण हुआ वह जातीय भेद भाव नहीं माना जाएगा, गरीबी जाति देख कर नहीं आती है हर वर्ग हर जाती में गरीब होते हैं तो आरक्षण जाती के नाम पर क्यों,आरक्षण वास्तव में जिसको चाहिए उन्हें न मिलकर उसी वर्ग के पीढ़ी डर पीढ़ी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं गरीब दलित का हक अमीर दलित खा रहा है जबकि दोष सवर्ण पर दिया जा रहा है, एससीएसटी एक्ट का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है अलीगढ़ में एक दलित महिला ने फर्जी मुकदमा एससीएसटी एक्ट में सवर्ण ओबीसी पर लगाकर 10 साल में 41 लाख रुपए सरकार से एव समझौते के नाम पर ली स्वर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि न्याय समानता सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं यह हमारा हक है जिसे लेकर कर रहेगी सरकार सामान्य वर्ग को कमजोर समझने की भूल न करे दलित मुस्लिम तुष्टिकरण बंद करे सवर्ण समाज सरकार बनवा सकती है तो सरकार गिरा भी सजाती है यदि समय रहते सरकार यूजीसी रेगुलेशन वापस नहीं लेती रिजर्वेशन रिफॉर्म नहीं करती है तो 2027,2029 बीजेपी को वही भेज दिया जाएगा जहां 2014 के पहले थी
- 15 सितंबर तक फिटनेस प्रमाण-पत्र, जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड करना होगा अनिवार्य
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Sep 06 2026, 17:16
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