चित्रकूट में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सीएम योगी, बोले- संकट की घड़ी में सरकार आपके साथ
मंदाकिनी की भीषण बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री ने बांटी राहत सामग्री, मुआवजे और आवास का दिया भरोसा
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में आई अभूतपूर्व बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट के लोगों को राहत और भरोसा देने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को जिले में पहुंचे। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 12 बजे चित्रकूट हवाई पट्टी पर उतरा। यहां उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्य तथा प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री रामघाट और रामायण मेला परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की।
रामायण मेला परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी स्थिति में खुद को अकेला नहीं समझना चाहिए। सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार राहत, बचाव और पुनर्वास के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद रामघाट पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जिस समय बाढ़ की सूचना मिली तत्काल आवश्यक निर्देश देकर बचाव दलों को रवाना किया गया।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में चित्रकूट में एसडीआरएफ की एक टीम उपलब्ध थी, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी फ्लड की कुल आठ टीमों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार मंदाकिनी नदी में पिछले वर्ष की तुलना में करीब दोगुना पानी आया है। इतनी भीषण बाढ़ चित्रकूट में पहली बार देखने को मिली है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार नुकसान का आकलन कराकर प्रभावित किसानों, व्यापारियों और परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराएगी।
बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि चित्रकूट का भगवान राम से गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि जब प्रभु राम वनवास के दौरान चित्रकूट आए थे, तब इस धरती ने उनका साथ दिया था। आज वही चित्रकूट संकट में है, इसलिए वह एक रामभक्त के रूप में यहां लोगों के साथ खड़े होने आए हैं।
उन्होंने कहा कि राहत और पुनर्वास के कार्यों में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
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लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शनिवार को अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन टीम ने बीबीडी थाना क्षेत्र में करीब 140 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही 11 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान निजी विकासकर्ताओं द्वारा किए गए अवैध निर्माण भी बुलडोजर से ढहा दिए गए। इसके साथ ही चौक, बाजारखाला, सआदतगंज, दुबग्गा और बीबीडी क्षेत्र में आठ अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया गया। प्रवर्तन जोन-1 के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह ने बताया कि बीबीडी थाना क्षेत्र के बगुलहा और सिकन्दरपुर खुर्द में इंदिरा नहर तथा किसान पथ के आसपास अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही थी। जांच के बाद कार्रवाई करते हुए करीब 140 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही 11 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बीबीडी थाना क्षेत्र के लौलाई, हासेमऊ और भरवारा में अवैध रो-हाउस समेत तीन अवैध निर्माणों को सील किया गया। वहीं, प्रवर्तन जोन-7 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार के नेतृत्व में चौक, बाजारखाला, सआदतगंज और दुबग्गा क्षेत्र में भी अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न लोगों द्वारा किए जा रहे पांच अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया गया। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक, प्राधिकरण की ओर से अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
लखनऊ। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आज धरने का आठवां दिन था जिसमें चंदौली, सोनभद्र से सवर्ण समाज के लोगों बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि समाज में जहर फैलाने वाले काला कानून यूजीसी, एससीएसटी एक्ट आरक्षण सामाजिक समरसता सौहार्द बिगाड़ने का काम कर रहा है, सामान्य वर्ग के बच्चे जैसे ही डिग्री कॉलेज, यूनिवर्सिटी मेडिकल कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने जायेगे उन्हें अपराधी,शोषण करता यूजीसी रेगुलेशन 2026 घोषित कर दे रहा है यूजीसी रेगुलेशन में यदि सवर्ण के साथ किसी तरह का अत्याचार उत्पीड़न होता है तो वह जातीय भेद भाव नहीं माना जाएगा लेकिन दूसरी तरफ दलित, ओबीसी का बच्चा सामान्य वर्ग की बेटी के साथ अभद्रा करता है वह उसका विरोध करती है तो यूजीसी रेगुलेशन में के तहत दलीय ओबीसी का बच्चा शिकायत करता है तो यह जातिय भेद भाव माना जाएगा लेकिन सामान्य वर्ग का बच्चा के साथ शोषण हुआ वह जातीय भेद भाव नहीं माना जाएगा, गरीबी जाति देख कर नहीं आती है हर वर्ग हर जाती में गरीब होते हैं तो आरक्षण जाती के नाम पर क्यों,आरक्षण वास्तव में जिसको चाहिए उन्हें न मिलकर उसी वर्ग के पीढ़ी डर पीढ़ी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं गरीब दलित का हक अमीर दलित खा रहा है जबकि दोष सवर्ण पर दिया जा रहा है, एससीएसटी एक्ट का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है अलीगढ़ में एक दलित महिला ने फर्जी मुकदमा एससीएसटी एक्ट में सवर्ण ओबीसी पर लगाकर 10 साल में 41 लाख रुपए सरकार से एव समझौते के नाम पर ली स्वर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि न्याय समानता सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं यह हमारा हक है जिसे लेकर कर रहेगी सरकार सामान्य वर्ग को कमजोर समझने की भूल न करे दलित मुस्लिम तुष्टिकरण बंद करे सवर्ण समाज सरकार बनवा सकती है तो सरकार गिरा भी सजाती है यदि समय रहते सरकार यूजीसी रेगुलेशन वापस नहीं लेती रिजर्वेशन रिफॉर्म नहीं करती है तो 2027,2029 बीजेपी को वही भेज दिया जाएगा जहां 2014 के पहले थी
- 15 सितंबर तक फिटनेस प्रमाण-पत्र, जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड करना होगा अनिवार्य
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Sep 06 2026, 14:58
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