ब्लड बैंक में अनियमितताओं पर जिलाधिकारी ने दिए जांच के निर्देश,तीन सदस्यीय टीम गठित
डोनर और रक्तदान करने वालों की हो जांच

रक्तदान में बिचौलियों का हाथ होने पर होगी कार्यवाही

फर्रुखाबाद । डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक में बिचौलियों की सक्रियता, रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर अवैध धनराशि वसूले जाने और संचालन में अनियमितताओं से संबंधित समाचारों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली अथवा बिचौलियों की संलिप्तता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि वरिष्ठ चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए। जांच के दौरान ब्लड बैंक प्रभारी, चिकित्सकों, लैब तकनीशियनों, कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों तथा आवश्यकतानुसार मरीजों एवं तीमारदारों के बयान दर्ज किए जाएं। साथ ही गत तीन माह के रक्तदाता पंजीकरण, रक्त निर्गमन, रिप्लेसमेंट डोनर, स्टॉक एवं अन्य अभिलेखों का मिलान कर सत्यापन किया जाए।
उन्होंने ब्लड बैंक परिसर एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराने, बाहरी एवं अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने तथा प्रवेश-निकास का समुचित अभिलेखीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ब्लड बैंक के बाहर प्रमुख स्थानों पर सूचना पट्ट लगाकर यह भी प्रदर्शित करने को कहा गया है कि रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर किसी को कोई धनराशि न दें तथा किसी प्रकार की मांग होने पर तत्काल अस्पताल प्रशासन अथवा हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि मरीजों एवं तीमारदारों को रक्त प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र लाभार्थियों को शासन के प्रावधानों के अनुरूप निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाए। ब्लड बैंक के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से यह घोषणा-पत्र भी प्राप्त किया जाएगा कि उनका किसी दलाल अथवा अनधिकृत व्यक्ति से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया है कि तीन दिवस के भीतर बिंदुवार जांच आख्या, दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई तथा ब्लड बैंक व्यवस्था में किए गए सुधारों का फोटोग्राफ सहित अनुपालन आख्या उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी प्रकार की शिथिलता अथवा औपचारिक कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जनहित सर्वोपरि रखते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जननी सुरक्षा योजना में फर्रुखाबाद ने रचा नया इतिहास, प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध लाभ पहुंचाने में बनाया नया क
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर उल्लेखनीय प्रदर्शन, 63वें स्थान से प्रदेश में द्वितीय स्थान तक पहुंचा जनपद, संस्थागत प्रसव एवं मातृ सुरक्षा को मिला नया आयाम
फर्रुखाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित जननी सुरक्षा योजना (JSY) में जनपद फर्रुखाबाद ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जनपद में गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा स्वास्थ्य विभाग की सतत मॉनिटरिंग एवं टीमवर्क का परिणाम है।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित आंकड़ों के अनुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि में जनपद के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 4462 लाभार्थियों के संस्थागत प्रसव हुए, जिनमें से 3682 महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का भुगतान किया गया। इस प्रकार जनपद ने 82.52 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करते हुए प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि पिछले माह जनपद का भुगतान प्रतिशत मात्र 19.36 प्रतिशत था तथा प्रदेश में 63वीं रैंक थी। अल्प समय में यह परिवर्तन स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली, नियमित समीक्षा, सतत अनुश्रवण एवं डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का परिणाम है।
क्या है जननी सुरक्षा योजना (JSY)?
जननी सुरक्षा योजना भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 12 अप्रैल 2005 को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के अंतर्गत प्रारम्भ की गई एक महत्वपूर्ण सुरक्षित मातृत्व योजना है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में सुरक्षित प्रसव हेतु प्रोत्साहित करना है, ताकि प्रसव के दौरान होने वाली मातृ एवं नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
योजना के अंतर्गत पात्र गर्भवती महिलाओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराई जाती है। इससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध एवं सरल बनी है तथा बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
जननी सुरक्षा योजना का महत्व
जननी सुरक्षा योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं, बल्कि सुरक्षित मातृत्व की दिशा में भारत सरकार की सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक है।
इस योजना के माध्यम से—
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलता है।
मातृ मृत्यु दर (MMR) में कमी आती है।
नवजात शिशु मृत्यु दर (NMR) कम होती है।
प्रसव प्रशिक्षित चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स की निगरानी में होता है।
प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं का तत्काल उपचार संभव हो पाता है।
गरीब एवं वंचित परिवारों की महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध होती है।
प्रसवोत्तर देखभाल एवं नवजात की प्रारंभिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होती हैं।
गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाता है।
फर्रुखाबाद की उपलब्धि बनी प्रदेश के लिए उदाहरण
जनपद फर्रुखाबाद ने जिस प्रकार अल्प अवधि में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर अपनी स्थिति को बेहतर बनाया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। पिछले माह जहां जनपद 63वें स्थान पर था, वहीं नियमित समीक्षा, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण, बैंक विवरणों के सत्यापन, पोर्टल पर समयबद्ध डेटा अपलोड तथा ब्लॉक स्तर पर निरंतर अनुश्रवण के फलस्वरूप जनपद प्रदेश में द्वितीय स्थान तक पहुंच गया।
यह उपलब्धि केवल एक रैंक नहीं, बल्कि उन हजारों गर्भवती महिलाओं के प्रति स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता एवं सेवा भावना का प्रमाण है जिन्हें समय पर योजना का लाभ उपलब्ध कराया गया।

नियमित मॉनिटरिंग, डिजिटल भुगतान व्यवस्था एवं टीमवर्क से मिली ऐतिहासिक सफलता
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद फर्रुखाबाद के उल्लेखनीय प्रदर्शन के पीछे स्वास्थ्य विभाग की निरंतर समीक्षा, डिजिटल भुगतान प्रणाली को गति देने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण तथा ब्लॉक स्तर पर प्रभावी अनुश्रवण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन एवं एसीएमओ (RCH) एवं नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव के सतत मार्गदर्शन में जननी सुरक्षा योजना के प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की गई। पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते, आधार सीडिंग, पोर्टल पर डेटा अपलोड एवं भुगतान प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी बाधाओं का निरंतर समाधान कराया गया, जिससे जनपद प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त करने में सफल रहा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला चिकित्सालय स्तर पर लंबित प्रकरणों की दैनिक समीक्षा की गई। जिन लाभार्थियों के भुगतान में बैंक विवरण, आधार प्रमाणीकरण अथवा पोर्टल संबंधी तकनीकी समस्याएं थीं, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर भुगतान प्रक्रिया को गति प्रदान की गई।
ब्लॉकवार प्रदर्शन रहा संतोषजनक
जननी सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन में अधिकांश ब्लॉकों का प्रदर्शन सराहनीय रहा।
कमालगंज में 831 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 680 भुगतान दर्ज किए गए तथा भुगतान प्रतिशत 82 प्रतिशत से अधिक रहा।
मोहम्मदाबाद में 484 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 390 लाभार्थियों को भुगतान करते हुए लगभग 81 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई।
नवाबगंज में 327 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 268 भुगतान किए गए तथा आगे की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य जारी है।
शमसाबाद में भी लगभग 81 प्रतिशत भुगतान कर बेहतर प्रदर्शन किया गया।
राजेपुर एवं बढ़पुर ब्लॉकों में भी भुगतान प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया तथा लंबित प्रकरणों का निरंतर निस्तारण किया जा रहा है।
जनपद के सर्वाधिक संस्थागत प्रसव वाले कायमगंज ब्लॉक में 1155 प्रसव दर्ज किए गए। यहां अधिक संख्या होने के कारण भुगतान कार्य चुनौतीपूर्ण रहा, फिर भी अधिकांश पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा चुका है तथा शेष भुगतान प्रक्रिया तीव्र गति से जारी है।
जिला महिला चिकित्सालय, सिविल हॉस्पिटल तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा भी पात्र लाभार्थियों का समयबद्ध सत्यापन एवं भुगतान सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।
डिजिटल व्यवस्था ने बढ़ाई पारदर्शिता
जननी सुरक्षा योजना में सभी भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किए जाते हैं। इससे भुगतान प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी हुई है तथा प्रत्येक भुगतान की ऑनलाइन निगरानी संभव हो सकी है।
मंत्रा पोर्टल एवं मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनपद में अधिकांश भुगतान प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। जिन मामलों में तकनीकी अथवा बैंकिंग संबंधी कारणों से भुगतान लंबित है, उनका भी शीघ्र निस्तारण कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस उपलब्धि में चिकित्सा अधिकारियों, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों एवं समस्त स्वास्थ्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक पंजीकरण, नियमित प्रसवपूर्व जांच हेतु प्रेरित करना, निर्धारित समय पर स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाना तथा प्रसव के उपरांत आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का कार्य किया गया।
एएनएम एवं स्टाफ नर्सों ने गर्भावस्था की नियमित निगरानी, सुरक्षित प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल तथा लाभार्थियों के अभिलेखों को समय पर पोर्टल पर दर्ज करने का कार्य किया। वहीं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।


भविष्य की कार्ययोजना : शत-प्रतिशत भुगतान एवं सुरक्षित मातृत्व पर विशेष फोकस
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना में प्रदेश स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करना जनपद के लिए गर्व का विषय है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल रैंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से जनपद में आगामी महीनों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
कार्ययोजना के अंतर्गत प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई पर लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा बैंक खाते, आधार प्रमाणीकरण अथवा अन्य तकनीकी कारणों से लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी पात्र महिला का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, प्रसवपूर्व जांच (ANC), उच्च जोखिम गर्भावस्था (HRP) की पहचान, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के अंतर्गत नियमित जांच, संस्थागत प्रसव तथा प्रसवोत्तर देखभाल को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम एवं स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवारों को संस्थागत प्रसव, समय पर जांच तथा जननी सुरक्षा योजना के लाभों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
हर पात्र महिला तक पहुंचे योजना का लाभ
एसीएमओ (RCH) एवं नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक गर्भवती महिला एवं नवजात शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि लाभार्थियों के दस्तावेजों का समय पर सत्यापन, पोर्टल पर प्रविष्टि तथा भुगतान संबंधी समस्त कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। साथ ही ब्लॉक स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर प्रगति की निगरानी की जा रही है।
सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
जननी सुरक्षा योजना ने जनपद में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ-साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ किया है। समय पर स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव होने से जटिल परिस्थितियों में तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो जाती है, जिससे मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में सहायता मिलती है। यही कारण है कि यह योजना सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक मानी जाती है।
फर्रुखाबाद का प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि स्वास्थ्य विभाग केवल योजनाओं का संचालन ही नहीं कर रहा, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से आमजन तक वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जनसहभागिता का भी है महत्वपूर्ण योगदान
स्वास्थ्य विभाग ने जनपदवासियों से अपील की है कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण कराएं, सभी प्रसवपूर्व जांच अवश्य कराएं तथा प्रसव केवल सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में ही कराएं। इससे मां एवं शिशु दोनों सुरक्षित रहेंगे और पात्रता के अनुसार जननी सुरक्षा योजना का लाभ भी प्राप्त होगा।
समापन
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर जनपद फर्रुखाबाद ने यह सिद्ध किया है कि प्रभावी नेतृत्व, नियमित अनुश्रवण, डिजिटल भुगतान व्यवस्था एवं स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पित प्रयासों से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं तक जननी सुरक्षा योजना का लाभ पहुंचाने, सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में निरंतर सुधार के लिए प्रयासरत रहेगा।
पेट्रोलियम डीलरों के साथ जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक, दिए दिशा निर्देश
फर्रुखाबाद l पेट्रोल पंपों के विभिन्न विभागों से  एनओसी के संबंध में जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आहूत की गई जिसमें प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी विभाग, अपर जिलाधिकारी समस्त एसडीएम पी डब्लू डी के दोनों अधिशासी अभियंता  विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता अग्निशमन अधिकारी जिला पूर्ति अधिकारी  आई ओ सी ए ल कंपनी के सेल्स ऑफिसर बी पी सी ए ल कंपनी के सेल्स ऑफिसर वह सभी आवेदन उपस्थित रहे!!!
बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा सर्वप्रथम अवगत कराया गया कि जनपद में एनओसी  निर्गत करने हेतु अपर जिलाधिकारी नोडल अधिकारी नामित है संबंधित पटल से प्राप्त सूची के अनुसार जनपद में कुल 35 प्रकरण एनओसी हेतु लंबित हैं जबकि संबंधित तेल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर्स के अनुसार जनपद में केवल 22 प्रकरण ही लंबित अवगत कराए गए इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि जो प्रकरण अतिरिक्त हैं अथवा आवेदक की एनओसी लेने में रुचि नहीं है उन प्रकरण को संबंधित सेल्स ऑफिसर निरस्त किए जाने हेतु लिखित रूप में अपर जिलाधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी को अवगत करा दें । जिलाधिकारी द्वारा एक-एक करके आवेदकों से बात करते हुए संबंधित पेट्रोल पंपों की एनओसी  के संबंध में समीक्षा प्रारंभ की गई जिनमें कुल चार प्रकरण ऐसे पाए गए जो पीडब्ल्यूडी द्वारा इंटरसेक्शन से संबंधित हैं होने पर आपत्ति लगाई गई थी जिस पर जिलाधिकारी द्वारा अपर जिला अधिकारी को टीम गठित कर उसकी निराकरण हेतु निर्देशित किया गया इसके अतिरिक्त वन विभाग एवं अग्निशमन विभाग को निर्देशित किया गया कि आपके स्तर पर जो भी  एनओसी लंबित हैं उसको नियमानुसार एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करना सुनिश्चित करें ।
जनसुनवाई व्यवस्था को और सशक्त बनाने की पहल, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया समर्पित हेल्पलाइन नंबर
फर्रुखाबाद। जनपदवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में सीयूजी नंबर के अतिरिक्त एक समर्पित हेल्पलाइन मोबाइल नंबर 9473720195 संचालित किया गया है। इस नंबर के माध्यम से आमजन अपनी स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें, सुझाव एवं समस्याएं कार्यालय समय में सीधे दर्ज करा सकेंगे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं जवाबदेह स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जनहितैषी बनाया गया है। प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत का विधिवत संज्ञान लेकर उसे संबंधित अधिकारी को प्रेषित किया जाएगा तथा निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उपकेंद्र अथवा स्वास्थ्य विभाग की किसी भी सेवा से संबंधित कोई समस्या, असुविधा या शिकायत हो तो नागरिक 9473720195 पर अपनी बात दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों की नियमित समीक्षा कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे आमजन को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार एवं शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के लिए इस हेल्पलाइन सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें। स्वास्थ्य विभाग जनहित सर्वोपरि की भावना के साथ प्रत्येक शिकायत के प्रभावी समाधान एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
अंतरराज्यीय साइबर ठगी करने वाला आरोपी पुलिस हिरासत में
अमृतपुर- फर्रुखाबाद। थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड और 3,155 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी ट्रांसपोर्ट सुविधा और ड्राईफ्रूट का कारोबार कराने के नाम पर लोगों को झांसा देकर अंतरजनपदीय और अंतरराज्यीय स्तर पर साइबर ठगी करता था।
पुलिस के मुताबिक 12 जुलाई की रात उपनिरीक्षक आशुतोष सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की जांच और साइबर शिकायतों के सत्यापन में लगे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कमालुद्दीनपुर निवासी अनुज चौहान पुत्र यशपाल सिंह बक्शपुर गांव के सामने डबरी-राजेपुर मार्ग पर खड़ा है और साइबर ठगी में प्रयुक्त मोबाइल फोन उसके पास हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान उसकी तलाशी में एक वीवो एंड्रॉयड मोबाइल, एक लावा कीपैड मोबाइल, तीन सिम कार्ड तथा 3,155 रुपये नकद बरामद हुए।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ट्रांसपोर्ट और ड्राईफ्रूट उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करता था और बरामद नकदी इसी ठगी से अर्जित की गई थी। हालांकि इस कथित स्वीकारोक्ति की पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
जांच के दौरान आरोपी ने यूनियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया में अपने खाते होने की जानकारी दी। पुलिस ने साइबर पोर्टल और समन्वय पोर्टल पर खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कराई। जांच में यूनियन बैंक खाते पर गुजरात के भरूच जिले के अंकलेश्वर जीआईडीसी थाना क्षेत्र तथा बैंक ऑफ इंडिया खाते पर दिल्ली के रोहिणी साइबर क्राइम थाने से दर्ज साइबर शिकायतें मिलीं।
इसके अलावा आरोपी के मोबाइल नंबर और विभिन्न आईएमईआई नंबरों की जांच में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा समेत कई राज्यों से साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें दर्ज होना सामने आया। पुलिस का कहना है कि इससे आरोपी की साइबर अपराधों में संलिप्तता के प्राथमिक साक्ष्य मिले हैं।
राजेपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की धारा 318(4), 317(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66 डी के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बरामद मोबाइल, सिम कार्ड और नकदी को सील कर कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों में उसकी क्या भूमिका रही है।
जमीन ना बेचने पर पुत्र ने पिता की ईंट से कुचलकर निर्मम हत्या, हत्या के बाद पुत्र फरार

फर्रुखाबाद l थाना मोहम्मदाबाद  के लोहिया नगर में पुत्र ने पिता की सोते समय कुर्सी व ईंट मारकर बेरहमी से हत्या कर दी है जिसकी सूचना पुत्रवधू ने डायल 112 तथा थाना पुलिस को दी।
लोहिया नगर निवासी 68 वर्षीय रामदास को बीती रात्रि उनके पुत्र श्याम कुमार उर्फ रामू ने शराब के नशे में सोते समय चारपाई पलट दी और उठाकर पटक दिया उसके बाद कुर्सी व ईंट मारकर हत्या कर दी।
मृतक रामदास के अपने स्वर्गीय पुत्र ललित कुमार के घर पर अकेला सोया हुआ था। उसकी पुत्रवधू गुड्डी देवी के बड़े पुत्र सुमित की पत्नी पिंकी की डिलिवरी के लिए फर्रुखाबाद गए थे। तभी मौका पाकर श्याम कुमार उर्फ रामू ने घटना को अंजाम दिया।
श्याम कुमार ने 12 जुलाई 2026 को किस्तो पर बाइक निकाली थी। जिसके लिए उसने अपनी  बड़ी पुत्री काजल जिसकी 7 जुलाई 2026 को शादी कंपिल थाना क्षेत्र के ग्राम कटरा की थी। उसकी पुत्री अपने मायके आई हुई थी उसने अपनी पुत्री से जेवर को गिरबी रखने के लिए मांगा जब उसने मना कर दिया तो अपनी ससुराल फोन करके उनके साथ चली गई। बच्चों में सपना 14 वर्ष, दीपू 14 वर्ष नीरज 10 और पत्नी ममता के साथ मारपीट की। मारपीट के डर से बच्चे घर के बाहर निकल गए थे।
सूचना पाकर घटनास्थल पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, फॉरेंसिक टीम कार्यवाहक क्षेत्राधिकार राजेश कुमार द्विवेदी तथा अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। उप निरीक्षक कपिल कुमार कुशवाह ने पंचमाना भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि पिता से जमीन को बेचने का बार बार दबाव बनाकर बेचना चाहता था जिसके चलते दोनों में झगड़ा हुआ था बाद में उन्हें मौके पर ही रामदास की मृत्यु हो गई थी। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम गठित कर पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। तहरीर के आधार पर अभियुक्त पंजीकृत किया गया।
उपभोक्ताओं से लोड बढ़। कर वसूली के विरोध में उपभोक्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन, दिया ज्ञापन

फर्रुखाबाद। सोमवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम अघोषित विद्युत कटौती एवं उपभोक्ताओं के घरों पर बिना जांच किए लोड बढ़कर उपभोक्ताओं से अनावश्यक वसूली विरोध में अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना प्रदर्शन एवं ज्ञापन देने के लिए बहुत बड़ी संख्या में लोगों के साथ में पहुंचकर विद्युत कार्यालय पर जबरदस्त नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया अधीक्षण अभियंता को जानकारी होने के बाद भी अपने कार्यालय से गायब रहने पर फर्रुखाबाद विकास मंच जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा की अधिकारी इस सरकार में बेलगाम हो चुके हैं पूर्व में जानकारी होने के बाद भी जनता की समस्याओं को सुनने की बजाय वह मुंह छुपाए घूम रहे हैं यह बहुत गलत है इसको किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा लोगों में इस बात को लेकर बड़ा जबरदस्त गुस्सा था और उन्होंने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर ज्ञापन चश्पा कर दिया और लोगों ने कहा की जनता की समस्याओं को ना सुनने वाले अधिकारी कब तक गायब रहेंगे इसके बाद अधिशासी अभियंता फर्रुखाबाद को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया गया और अधिशासी अभियंता से मौके पर मौजूद बहुत से उपभोक्ताओं के बिजली बिलों को बढ़कर आने पर सही कराया गया और अधिकारियों से कहा गया कि जब तक लोगों के घरों का सर्वे करके लोड अगर आवश्यक है तो बढ़ाया जाए कार्यालय में बैठकर उपभोक्ताओं की जेब पर डाका ना डाला जाए क्योंकि जिनका लोड कम है उसके बाद भी उपभोक्ताओं का 2 किलोवाट से लोड बढ़कर 3 किलोवाट 4 किलोवाट कर दिया गया है जो कि न्याय संगत नहीं है किसी भी उपभोक्ता को परेशान ना किया जाए और डोर टू डोर सर्वे के बाद ही किसी का लोड बढ़ाया जाए
अधिशासी अभियंता शहर बृजभान सिंह ने बताया यह घोषित विद्युत कटौती जो की जा रही थी लाइनों को ट्रांसफर करने के लिए उसको बंद कर दिया जाएगा और लाइन शिफ्ट का काम अक्टूबर या नवंबर में कराया जाएगा गर्मी में उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होने दिया जाएगा
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री अंगद पांडे उर्फ कोमल ने कहा की बिजली विभाग अपना रवैया सुधारे और बेवजह जनता को परेशान करना बंद करें जिनके घरों में बहुत ज्यादा लोड नहीं है उसके बाद भी अनाप-शनाप बिल भेज कर उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है पहले दिन घरों में बिल 1000 से 2000 रुपए आते थे अब उनमें चार से 5000 का बिल आ रहा है जो की बहुत गलत है और यह बिजली विभाग के द्वारा लूट की नई व्यवस्था चालू की जा रही है इसको तत्काल बंद करना चाहिए किसी भी सूरत में जनता का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा
निषाद सभा के जिला अध्यक्ष अनिल कश्यप ने कहा कि गरीबों के साथ में विद्युत विभाग का रवैया ठीक नहीं रहता है अधिकारी सही से बात नहीं करते हैं अधिकारियों को अपना रवैया सुधारना होगा और जनता को परेशान करना बंद करना पड़ेगा
फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा कि जनता परेशान हो यह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को सही करें और बिना किसी घर का सर्वे के लोड ना बढ़ाएं नहीं तो जबरदस्त आंदोलन किया जाएगा ।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से  निशित दुबे उर्फ निशु, राजा मिश्रा राजीव वर्मा पंकज राठौर राजीव पाल, आलोक मिश्रा भूरे, अभिषेक श्रीवास्तव,विष्णु मिश्रा जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय बजरंग दल, आयुष सक्सेना एडवोकेट, अमल परिहार एडवोकेट, अनुज तिवारी एडवोकेट, केके द्विवेदी उर्फ बंटू ,शनि बाथम,सौरभ शुक्ला, रजत वर्मा, आकाश चतुर्वेदी, शिवलू खान, अनंत राम श्रीवास्तव ,कुलदीप दीक्षित अजयमिश्रा, नीतीश पांडे, राहुल दीक्षित गुड्डा एडवोकेट, आशू, मिश्रा, नीरज यादव, सचिन पांडे, अशफाक खान, आफताब खान, शिव शंकर मिश्रा, समीर खान, रेहान खान, ईशान कुमार, अनीश खान, मलखान सिंह राजपूत, रामबरन शाक्य, गुड्डू राजपूत शाहिद बहुत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे ।
धर्म कीर्ति सम्मान समारोह में नगर की 108 विभूतियों को सम्मानित किया गया
फर्रुखाबाद। पांचाल जगन्नाथ रथयात्रा महामहोत्सव के उपलक्ष्य में श्रीराधामाधव संकीर्तन मण्डल फर्रुखाबाद के तत्त्वाधान में पांचाल रथयात्रा समिति द्वारा “धर्म कीर्ति सम्मान समारोह 2026” का भव्य आयोजन हुआ. फर्रुखाबाद नगर के ऐसे सेवा परायण भक्तजन  जिनके सतत सहयोग एवं समर्पण भाव से विगत 20- 25 वर्षों से अनेकों धार्मिक महोत्सवों का सफल आयोजन सम्भव हुआ है ।  श्रीमन्माध्वगौडेश्वराचार्य मनमोहन गोस्वामी जी महाराज एवं आचार्य चिन्मय गोस्वामी जी द्वारा फरूखाबाद नगर के ऐसी 108 विभूतियों को सम्मानित किया गया । डा गोस्वामी जी ने इन सभी सम्मानित जनों के जीवन भर के सेवा भावना के लिये कृतज्ञता ज्ञापन करते हुये कहा सभी पर श्री भगवान् जगन्नाथ इसी तरह से अपनी कृपा वर्षा करते रहें. सम्मानित भक्त जनों में सर्व प्रथम डॉ मनोज कुमार मेहरोत्रा , डा हरिदत्त द्विवेदी, डा ऋषीन्द्र नाथ गौड़, सुरेन्द्र सफ्फर, अन्जुम दुबे, अनिल रस्तोगी , महेश वर्मा जी, अशोक अग्रवाल कन्हैया जी, शशि कान्त गुप्ता, विजय वर्मा, कृष्णमोहनरस्तोगी, सुनील मेहरोत्रा, राजेंद्र नाथ गुप्त,अनिल मेहरोत्रा , प्रवीण रस्तोगी, जय कुमार सारस्वत, पंकज अग्रवाल फतेहगढ़,दीप चन्द्र वर्मा, प्रदीप गुप्ता ,गोपाल जी टन्डन,रोहित गोयल, योगेश तिवारी कायम गंज, नवीन नब्बू जी,आलोक रस्तोगी, विनोद अग्निहोत्री, सिकन्दर अजय वर्मा, चैतन्य रस्तोगी,  पवन बन्सल, कौस्तुभ अग्रवाल,पंकज कपूर, गौरव मित्तल, हिमान्शु मिश्र, सौरभ मित्तल आदि मौजूद रहे।
आईटीआई में बच्चों को शिक्षक सिखा रहे हुनर सांसद
डिवाइस बनाकर छात्र ने बहुत बड़ा कार्य किया

रोजगार मेला में 500 अभ्यर्थियों को मिली नौकरी

संस्थान परिसर में सांसद ने किया वृक्षारोपण

फर्रुखाबाद। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित रोजगार मेला का सांसद मुकेश राजपूत ने उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संस्थान के शिक्षक बच्चों को हुनर  सिखा रहे हैं, जिसका उदाहरण संस्थान का एक छात्र है जिसने  एक ऐसी डिवाइस बनाई है जिसके माध्यम से हजारों मिल बैठकर उस डिवाइस के जरिए घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को आसानी से देख देख और बंद कर सकता है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने ऐसे हुनर सिखाकर जनपद का गौरव ही नहीं बल्कि देश का गौरव बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार मेले में कई कंपनियों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया है और इन कंपनियों के द्वारा बेरोजगार युवक युवतियों को रोजगार देने के लिए आमंत्रित किया था। कंपनियों ने लगभग 500 रोजगार युवक युवतियों को आज रोजगार देने का कार्य किया है जो बहुत ही सराहनीय है। कार्यक्रम के दौरान सांसद ने संस्थान परिसर में वृहद वृक्षारोपण का भी कार्य किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहायक होते हैं।
पांच वर्षीय बेटी सहित महिला गायब,पति ने दी तहरीर

अमृतपुर फर्रुखाबाद ।  कस्बा अमृतपुर निवासी श्रीनिवास सक्सेना उर्फ बिच्छू की पत्नी शकुंतला अपनी पांच वर्षीय बेटी राधा के साथ बीते लगभग 36 घंटे से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। महिला और मासूम बच्ची का कोई सुराग न मिलने से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। पति ने अमृतपुर थाने में लिखित प्रार्थना पत्र देकर दोनों की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई है।
श्रीनिवास ने बताया कि वह रोज की तरह सुबह मेहनत-मजदूरी के लिए घर से निकले थे। दोपहर में खाना खाने के लिए वापस घर पहुंचे तो बेटी के बारे में पूछने पर घर में मौजूद अन्य परिजनों ने बताया कि उनकी पत्नी शकुंतला पांच वर्षीय बेटी राधा को साथ लेकर राजेपुर में राधा नाम की एक महिला के साथ टोना-टोटका निकलवाने गई है। यह जानकारी मिलने के बाद वह दोबारा काम पर चले गए।
शाम को जब वह वापस घर लौटे तो पत्नी और बेटी दोनों घर नहीं पहुंची थीं। इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ की और रिश्तेदारों के यहां भी जानकारी की, लेकिन कहीं भी उनका कोई पता नहीं चल सका। काफी तलाश के बावजूद दोनों का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिवार के लोगों की चिंता और बढ़ गई।
श्रीनिवास ने बताया कि उनके परिवार में कुल आठ सदस्य हैं और वह मेहनत-मजदूरी करके पूरे परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी पत्नी शकुंतला मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है और उसका मानसिक संतुलन अक्सर ठीक नहीं रहता है। इसी कारण उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सता रही है।
करीब 36 घंटे बीत जाने के बाद भी जब महिला और बच्ची का कोई पता नहीं चला तो श्रीनिवास ने अमृतपुर थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी और पुलिस से दोनों की जल्द से जल्द सकुशल तलाश करने की मांग की। पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है तथा महिला और बच्ची की तलाश के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही है।