अब न्याय किससे मांगा जाए : पुलिस ने ही रच डाली युवती की बदनामी की कहानी...?

सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर से मिलकर रची साजिश, तोड़े नियम

भोपाल। एक झूठी और कपोल कल्पित कहानी को सच के करीब लाने के लिए एक साजिश रच दी गई। एक बुजुर्ग NRI और पुलिस की मिलीभगत से रची गई साजिश में तीसरा एंगल सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर को बनाया गया। नियम, कायदे, गवाह, सुबूत को इंसाफ की दुहाई देने वाली पुलिस ने इस त्रिकोण से एक शिक्षित लड़की को बदनाम करने की योजना को अंजाम दे दिया। 

मामला राजधानी भोपाल के कोलार थाने का बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि बुजुर्ग NRI डॉ. नरेश शर्मा अपने सगे भांजे की साजिशों और दोगलेपन से आहत थे। अपनी पारिवारिक खींचतान का कोई ठोस निराकरण पाने के लिए उन्होंने कोलार थाने में शिकायत दर्ज कराई। सूत्रों का कहना है कि इस बीच बुजुर्गियत और NRI की हैसियत देखते हुए कई बातें तय हुईं थीं।

दोगले के साथ दोस्तों पर भी वार

सूत्रों का कहना है कि NRI डॉ. नरेश शर्मा ने अपने भांजे एडवोकेट नीतीश त्रिपाठी को सबक सिखाने और अपने बीच के मतभेद को निपटाने के लिए उनके साथियों को भी घेरे में ले लिया गया। थाना कोलार में की गई शिकायत में उन्होंने एडवोकेट नीतीश त्रिपाठी की जूनियर और इंटर्न रही एडवोकेट प्रगति श्रीवास्तव को भी सहयोगी आरोपी बना दिया। जबकि प्रगति इस मामले की इतनी दोषी थी कि वह निशीथ त्रिपाठी को एक वकील और सीनियर के रूप में जानती थी और इस नाते निशीथ के NRI मामा की उनके विभिन्न कामों में मदद किया करती थी।

फिर बनी यह कहानी

सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने इस मामले को अधिक पुख्ता बनाने के लिए प्रगति श्रीवास्तव पर ही कई झूठे और मनगढंत आरोप लगा दिए। इसको तूल देने के लिए उसके साथ मीडिया तो नहीं आ पाया, लेकिन एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर को आधार बना लिया। इस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने भी संविधान, कानून, प्रचलित व्यवस्था और नियमों से बाहर जाकर मनगढ़ंत पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इस दौरान उन्होंने प्रगति के फोटो और विडियो को भी सार्वजनिक कर उन्हें सामाजिक बदनामी में धकेल दिया। सूत्रों का कहना है कि इस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर की धमकी यह है कि वह भविष्य में इस तरह की पोस्ट से प्रगति की और बदनामी कर सकता है।

- अब मामले में शिकायत 

सूत्रों का कहना है कि प्रगति श्रीवास्तव इस मामले को साइबर थाने की शरण में पहुंची है। नियम और मीडिया संविधान के विपरीत सोशल मीडिया खबर में उनके फोटो इस्तेमाल करने पर उन्होंने ऐतराज उठाया है। आगे चलकर वे इस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर के खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज करने वाली हैं।

वक्फ जमीन का करोड़ों का सौदा !

- कूटरचित दस्तावेजों से बिकी दरगाह-इमामबाड़े की भूमि

- मामला ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट पहुंचेगा, प्रशासन पर लीपापोती के आरोप

खान आशु |

भोपाल | 16 जून 2026। नरसिंहपुर जिले में वक्फ संपत्ति की कथित अवैध बिक्री का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़े की करोड़ों रुपये मूल्य की कृषि भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर निजी संपत्ति बताकर बेच दिया गया। इतना ही नहीं, सौदे के तुरंत बाद रजिस्ट्री भी कर दी गई। अब यह मामला भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल और जबलपुर हाईकोर्ट तक पहुंचने की तैयारी में है।

वक्फ हितैषियों का आरोप है कि जिला प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए मामले में लीपापोती कर रहा है तथा भूमि को निजी बताने के प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे घटनाक्रम पर सामाजिक संगठनों, मुस्लिम समाज और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

₹1.24 करोड़ में हुआ सौदा

मामला नरसिंहपुर के नेहरू वार्ड स्थित वक्फ दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़े से जुड़ी खसरा नंबर 35/1 और 35/2 की कृषि भूमि का है। आरोप है कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पर्याप्त जांच-पड़ताल किए बिना उक्त भूमि की रजिस्ट्री 1 करोड़ 24 लाख रुपये में कर दी गई। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वक्फ बोर्ड ने कलेक्टर नरसिंहपुर को पत्र भेजकर नामांतरण पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

नामांतरण रोकने के निर्देश, फिर भी प्रक्रिया जारी !

वक्फ बोर्ड के पत्र क्रमांक 42/आर/नरसिंहपुर/2026/1421 दिनांक 22 मई 2026 में स्पष्ट रूप से नामांतरण रोकने की बात कही गई है। इसके बावजूद सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के जवाब में तहसीलदार कार्यालय द्वारा नामांतरण प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

भाजपा शासन में कांग्रेसियों का दबदबा ?

सूत्रों के अनुसार इस कथित सौदे में कुछ कांग्रेस नेताओं की भूमिका की चर्चा है। आरोप है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच करने के बजाय दोषियों को बचाने की दिशा में काम कर रहा है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अभी तक किसी का नाम सामने नहीं आया है।

22 साल के युवक के नाम पर ही क्यों हुआ सौदा ?

सूत्रों का दावा है कि पूरे प्रकरण में एक 22 वर्षीय युवक को सामने रखकर दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई। जानकारों का मानना है कि भविष्य में किसी कानूनी या सामाजिक विवाद की स्थिति में वास्तविक लाभार्थियों को बचाने के लिए ऐसा किया गया हो सकता है।

सांप्रदायिक सौहार्द पर भी मंडरा रहा खतरा

दरगाह और इमामबाड़े से जुड़ी भूमि के विवादित सौदे को लेकर क्षेत्र में असंतोष बढ़ रहा है। मुहर्रम का समय निकट होने के कारण स्थानीय स्तर पर तनाव की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। समाज के कई जिम्मेदार लोगों ने प्रशासन से तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

प्रमुख बिंदु

वक्फ संपत्ति की कथित अवैध बिक्री का मामला

▪ कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप

▪ ₹1.24 करोड़ में हुई रजिस्ट्री

▪ वक्फ बोर्ड ने नामांतरण रोकने के निर्देश दिए

▪ मामला ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट तक पहुंचेगा

▪ प्रशासन पर लीपापोती और दोषियों को बचाने के आरोप

▪ सांप्रदायिक तनाव की आशंका से इनकार नहीं

मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर निजामुद्दीन दरगाह में विशेष दुआ

मुस्लिम भाजपाइयों ने प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की तरक्की के लिए मांगी दुआएं

भोपाल/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश की राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह में विशेष दुआ और चादरपोशी का आयोजन किया गया। पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति (पंजीकृत) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य तथा भारत की निरंतर प्रगति और समृद्धि के लिए सामूहिक दुआ की गई।

कार्यक्रम के दौरान देश में शांति, सौहार्द, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की भी प्रार्थना की गई। समिति के मुख्य संरक्षक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता इरफ़ान अहमद तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष एहसान अब्बासी के नेतृत्व में दरगाह पर चादर और अकीदत के फूल पेश किए गए।

जनकल्याणकारी योजनाओं को बताया विकास की आधारशिला

इस अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में वक्ताओं ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को विकास, सुशासन और जनकल्याण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया। मुख्य संरक्षक इरफ़ान अहमद ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी पहल ने गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने दावा किया कि इन योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग, स्वास्थ्य, आवास, स्वच्छता, रोजगार, पेयजल और खाद्यान्न जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिला है। साथ ही पसमांदा मुस्लिम समाज की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया।

अनेक गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य मुन्नव्वरी बेगम, अकरम हाशमी, बिलाल जै़दी, गुलाम निज़ाम निज़ामी, इकबाल खान, फुरकान सलमानी, बाबर निज़ामी, मजाहिर हुसैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु:-

- हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन।

- प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की उन्नति के लिए प्रार्थना।

- पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति द्वारा चादरपोशी।

- केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों पर चर्चा।

- शांति, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का संदेश।