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Jun 03 2021, 16:18

मुंबई में वैक्सीन की कमी, शहर के 342 केंद्रों पर आज नहीं होगा कोरोना वैक्सीनेशन
  


मुंबई: मुंबई में अब कोरोना का कहर कम होने लगा है लेकिन इस बीच यहाँ वैक्सीनेशन बहुत धीमी गति से हो रहा है। अब आज ही बृहन्मुम्बई महानगरपालिका ने यह बताया है कि कोविड-19 टीकों की पूरी संख्या उपलब्ध नहीं होने के कारण आज यानी गुरुवार को नगर निकाय और महाराष्ट्र सरकार के केंद्रों पर टीकारकण नहीं होगा। जी हाँ, आपको हम यह भी जानकारी दे दें कि शहर में कोविड-19 टीकाकरण के कुल 342 केंद्र हैं जिनमें 243 का प्रबंधन बीएमसी और 20का प्रबंधन महाराष्ट्र सरकार के हाथों में है।

ऐसे में नगर निकाय की तरफ से जारी की गई एक विज्ञप्ति में यह कहा गया है कि ''पर्याप्त संख्या में टीकों की खुराक उपलब्ध नहीं होने के कारण गुरुवार को टीकाकरण बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

मुंबई मे एक जून तक 33,24,428 कोविड टीके की खुराक दी गयी है।'' इसके अलावा बीएमसी का कहना है कि, ''हमे तीन जून को कभी भी टीके मिल जाने की उम्मीद है जिसके बाद टीकाकरण अगले दिन बहाल कर दिया जाएगा।'' वैसे आपको हम यह भी बता दें कि मुंबई देश का पहला ऐसा शहर है जिसने गर्भवती महिलाओं के लिए वैक्सीनेशन का ऐलान किया है।

यहाँ गर्भवती महिलाओं के लिए यह जरूरी है कि वे एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करे और अपने गायनाकॉलोजिस्ट से इस बात का प्रमाण पत्र लेकर आए कि वे वैक्सीनेशन के लिए पूरी तरह से फिट हैं। लेकिन हाँ, यहाँ अब तक एक भी गर्भवती महिला वैक्सीन लेने के लिए आगे नहीं आई है। अब अगर हम महाराष्ट्र में होने वाली मौतों के बारे में बात करें तो यहाँ काफी सख्ती होने के बाद भी रोजाना 15 हजार से ज्यादा नए कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। बीते बुधवार को राज्य में 15,169 नए मामले सामने आए और इस दौरान 285 मरीजों ने दम तोड़ा।
   

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Jun 03 2021, 16:17

सीएम जगन ने शुरू की 15.6 लाख घरों के निर्माण के लिए YSR कॉलोनियों की परियोजना
  


गुरुवार को मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी वाईएसआर जगन्नाथ कालोनियों परियोजना का वस्तुतः शुभारंभ करेंगे। बता दें कि इस परियोजना के तहत पहले चरण में 28,084 करोड़ रुपये की लागत से 15.6 लाख मकान बनाए जाएंगे. उल्लेखनीय है कि यहां जून 2023 तक पूरी परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार ने लगभग 30.76 लाख लाभार्थियों को आवास स्थलों का वितरण किया था और एक नया इतिहास शुरू किया था।

वही अब सरकार मकानों के निर्माण को हाथ में लेकर एक और कीर्तिमान बनाने को तैयार है, जहां पहले चरण में 28,084 करोड़ रुपये की लागत से 15,60,227 घरों का निर्माण किया जाएगा और बड़े पैमाने पर आवास परियोजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा.

गुरुवार (3 जून) को मंत्री। उल्लेखनीय है कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार ने जून 2023 तक 'पेडलंधरकी इलू' योजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। दोनों चरणों में 50,944 करोड़ रुपये की लागत से 28,30,227 घरों का निर्माण किया जाएगा, जहां चरण में - 1,15.50 लाख मकान और फेज-2,12.70 लाख मकान बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रथम चरण के निर्माण कार्यों को जून 2022 तक, दूसरे चरण के कार्यों को जून 2023 तक पूरा करने का निर्देश दिया। पहले चरण में 8,905 लेआउट में से 11.26 लाख घरों का निर्माण वाईएसआर जगन्नाथ कॉलोनियों के रूप में किया जा रहा है। इसी प्रकार आवंटित भूमि वाले हितग्राहियों के लिए 1,40,465 आवासों के साथ-साथ हितग्राहियों को उनकी अपनी भूमि से 2,92,984 आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। कोरोना के दूसरे चरण के मद्देनजर मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में निर्माण से मजदूरों को 21.70 करोड़ मानव दिवस रोजगार मिलेगा।
 

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Jun 03 2021, 16:16

महाराष्ट्र: गांवों को कोरोना मुक्त बनाने पर मिलेगा 50 लाख का इनाम
  


मुंबई: कोरोना वायरस का कहर अब कम होने लगा है। ऐसे में महाराष्ट्र के गांवों में कोरोना ने अपना कब्जा जमाया है लेकिन अब इन्ही गाँवों को कोरोना से मुक्त करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जी दरअसल उद्धव सरकार ने कोरोना मुक्त गांव प्रतियोगिता की घोषणा की है। मिली जानकारी के तहत अब जो गांव जितनी जल्दी कोरोना से मुक्त होगा उसे 50 लाख रुपये तक का पुरस्कार भी दिया जाएगा। जी हाँ, इस मामले में मिली जानकारी के तहत गांव को कोरोना मुक्त बनाने के लिए बेहतरीन प्रबंधन के साथ अच्छा काम करने वाले तीन ग्राम पंचायतों का चुनाव किया जाएगा।

वहीँ इसमें जो पहले स्थान पर रहेगा उसे 50 लाख का इनाम दिया जाएगा जबकि वहीं दूसरे स्थान पर रहने वाले गांव को 25 लाख का इनाम और तीसरे स्थान पर आने वाले गांव को 15 लाख का इनाम दिया जाएगा।

आप सभी तो जानते ही होंगे कि कुछ दिन पहले ही सीएम उद्धव ठाकरे ने कुछ गांवों की तरफ से कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जमकर तारीफ की थी। उसी के बाद उन्होंने मेरा गांव कोरोना मुक्त की पहल शुरू की थी।

हाल ही में कोरोना मुक्त गांव प्रतियाोगिता के बारे में जानकारी देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुशरिफ ने कहा, ''यह प्रतियोगिता सीएम की तरफ से घोषित की गई पहल का ही हिस्सा है। इसमें सबसे बड़ा इनाम 50 लाख को होगा जबकि सबसे छोटा इनाम 15 लाख रुपये का होगा।'' अब अगर हम कोरोना के मामलों के बारे में बात करें तो बीते बुधवार को राज्य में कोरोना के 15,169 कुल मामले दर्ज किए गए। इसी के साथ पिछले 24 घंटे में राज्य में कोरोना वायरस से 285 लोगों की मौत हुई।
 

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Jun 03 2021, 16:14

मोदी सरकार ने बदले पेंशन के नियम, सेना के पूर्व अधिकारी बोले- ये देश के लिए हानिकारक
  


नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने सिविल सर्वेंट्स के पेंशन नियमों में संशोधन किया है. इसके तहत सिक्योरिटी और इंटेलीजेंस ऑर्गेनाइजेशन के रिटायर्ड अधिकारियों को ऑर्गेनाइजेशन हेड की मंजूरी के बगैर अपनी संस्था से जुड़ा कुछ भी प्रकाशित करने से प्रतिबंधित किया गया है. किन्तु कारगिल युद्ध के दौरान आर्मी का नेतृत्व करने वाले पूर्व सेनाध्यक्ष वीपी मलिक का कहना कि ये देश के लिए नुकसानदायक है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वीपी मलिक ने कहा है कि, 'मूल ​​समस्या पेंशन नियम नहीं है, बल्कि यह है कि यह लोगों को लिखने से रोकेगा. पेंशन सिर्फ एक खतरा है, प्रमुख मुद्दा यह है कि किसी को अपने अनुभव के बारे में लिखने में सक्षम होना चाहिए या नहीं.

मेरी चिंता यह है कि अगर आप सेवा से रिटायर होने वाले लोगों को अपना अनुभव शेयर करने की इजाजत नहीं दे रहे हैं, तो कोई कैसे, विशेषज्ञ टिप्पणियों को पारित करने और किसी विशेष घटना का विश्लेषण करने और उन घटनाओं से सीखने में सक्षम होगा. ऐसे देश हारेगा."

वहीं, IB के एक पूर्व अफसर ने कहा है कि नए पेंशन नियम सरकार को किसी ऐसे शख्स को दंडित करने का अधिकार देते हैं जिसके विचार उसे पसंद नहीं आए. एक पूर्व रॉ चीफ ने कहा कि, 'आप मेरी पेंशन को खतरे में क्यों डालना चाहते हैं? मैं खुशी-खुशी एक रिटायर्ड जीवन व्यतीत कर रहा हूं.' वहीं एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि, "किसी भी प्रकार से ये नियम ऐसे किसी भी पूर्व अधिकारी को अपने विचार व्यक्त करने से मना नहीं करते हैं. वास्तव में, यह इसे आसान बनाता है."
  

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Jun 03 2021, 16:13

बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू, पटना AIIMS में 3 बच्चों को दी गई Covaxine की पहली डोज़
  


पटना: कोरोना की तीसरी लहर से पहले बच्चों के टीके पर काम शुरू हो गया है. भारत बायोटेक की को-वैक्सीन का बच्चों पर ट्रायल पटना के AIIMS में आरंभ हुआ है. जानकारी के अनुसार, 2 जून को पटना AIIMS में बच्चों के ऊपर को-वैक्सीन का ट्रायल आरंभ किया गया, जिसके अंतर्गत तीन बच्चों को पहले दिन इस वैक्सीन की पहली खुराक दी गई.

को-वैक्सीन के ट्रायल के लिए पहले दिन 15 बच्चे पहुंचे थे, जिनमें से 3 बच्चों को पहली खुराक लेने के लिए फिट पाया गया. ट्रायल के लिए जितने बच्चे पहुंचे थे, सबसे पहले उन सभी का RT-PCR और एंटीबॉडी टेस्ट किया गया और 3 बच्चों को पूरी तरीके से सामान्य पाए जाने के बाद ही उनको वैक्सीन की पहली खुराक दी गई. इन तीनों बच्चों को पहली डोज देने के बाद उनकी 2 घंटे तक उनके स्वास्थ्य का अवलोकन किया गया, जिसमें किसी बच्चे पर भी वैक्सीन का साइड इफ़ेक्ट नहीं दिखा.

नियमों के अनुसार, इन तीन बच्चों को को वैक्सीन की अगली खुराक 28 दिनों के बाद दी जाएगी.

पटना AIIMS में बच्चों के ऊपर को-वैक्सीन का ट्रायल जो आरंभ हुआ है ,उसकी निगरानी पटना AIIMS के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ चंद्रमणि सिंह कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार, पटना AIIMS में अगले कुछ दिनों में 2 से 18 वर्ष की आयु के 100 बच्चों को वैक्सीन के ट्रायल में शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
   

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Jun 03 2021, 16:10

डोमिनिका की कोर्ट ने खारिज की भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी की जमानत अर्जी
  


मुंबई: डोमिनिका की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के देश में अवैध प्रवेश के मामले में उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। इसी के साथ अब चोकसी के वकील विजय अग्रवाल का कहना है कि वह इस मामले को लेकर ऊपरी अदालत का रुख करेंगे। जी दरअसल कोर्ट में चोकसी की तरफ से दाखिल की गई याचिका में यह दावा किया गया था कि उसे अगवा कर जबरदस्ती इस कैरेबियाई द्वीपीय देश में लाया गया है। ऐसे में बीते दिनों ही डोमिनिका के हाई कोर्ट ने यह आदेश दिया था कि भगोड़े कारोबारी को देश में उसके अवैध प्रवेश के आरोपों का जवाब देने के लिए एक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया जाए।

लेकिन अब इस मामले की देखरेख निचली अदालत करने वाली है। ऐसे में चोकसी के मामले पर अगली सुनवाई आने वाले 14 जून को होगी। आपको हम यह भी बता दें कि चोकसी की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए अभियोजन पक्ष ने यह कह दिया है कि, ''बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका मान्य नहीं है क्योंकि उसने अवैध रूप से देश में प्रवेश किया था और बाद में उसे हिरासत में लिया गया था।'

इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक के धोखाधड़ी के आरोपी चोकसी के भारत प्रत्यर्पण को लेकर आज डोमिनिका की हाई कोर्ट में सुनवाई होने वाली है। जी दरअसल चोकसी 23 मई को एंटीगा एंड बारबुडा से रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था, वहां वह साल 2018 से एक नागरिक के रूप में रह रहा है। यह सब होने के बाद 26 मई को उसे डोमिनिका में अवैध रूप से घुसने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। ऐसा माना गया कि वह यहां अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहुंचा था।
   

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Jun 03 2021, 16:07

सर्जिकल ब्लेड और सायनाइड लेकर डासना मंदिर में घुसे काशिफ और विपुल, यति नरसिंहानंद की हत्या की साजिश
  


लखनऊ: बीते 20 दिनों में दूसरी दफा ऐसा हुआ है, जब गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति पीठ के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या की कोशिश की गई है। बुधवार (जून 2, 2021) को दो संदिग्ध युवक मंदिर परिसर में घुस आए। सेवादारों को जब संदेह हुआ तो उन्होंने इन दोनों की तलाशी ली। इनके पास से तीन सर्जिकल ब्लेड व कुछ आपत्तिजनक दवाएँ मिली हैं। महंत के अनुयायियों ने बताया कि ये एक घातक ड्रग 'सायनाइड' है। बता दें कि किसी व्यक्ति को Cyanide दे दिया जाए तो ये ड्रग शरीर को ऑक्सीजन का इस्तेमाल करने से रोक देता है, जिससे दिल और दिमाग भी काम करना बंद कर देते हैं। इससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

दोनों संदिग्धों को पकड़ कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। दोनों ने मंदिर में घुसते वक़्त खुद को हिन्दू बताया था, किन्तु पुलिस ने उनमें से एक की पहचान काशिफ़ के रूप में की है। दोनों से पूछताछ जारी है। महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने इस घटना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया है कि मंदिर में पुलिस की ओर से एक गार्ड की तैनाती रहती है। दोनों युवक रात के करीब 9 बजे मंदिर परिसर में घुसे। महंत नरसिंहानंद ने आगे बताया कि दोनों ने मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर एंट्री रजिस्टर में अपना नाम डॉक्टर विपुल विजय वर्गीय नागपुर और काशी गुप्ता के रूप में दर्ज कराया। हालांकि, उस समय महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती मंदिर में मौजूद नहीं थे। वे एक चैनल के लाइव डिबेट में शामिल होने गए हुए थे।

उनके अनुयायी अनिल यादव ने पुलिस में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है। जिस शख्स ने अपना नाम विपुल विजयवर्गीय बताया है, उसने कहा कि वो डॉक्टर है और ब्लेड का उपयोग मरीजों के उपचार में करता है। काशिफ़ ने पूछताछ में बताया कि विपुल से उसकी दोस्ती फेसबुक के माध्यम से हुई थी और फिर फोन पर बातचीत होने लगी। वो इस दोस्ती का उद्देश्य नहीं बता पाया। उसने कहा कि विपुल कुछ दिनों से गाजियाबाद आया हुआ था और उसे डासना के मंदिर में दर्शन करना था, इसीलिए वो उन्हें यहाँ लेकर आया था। काशिफ़ गाजियाबाद के ही संजयनगर का निवासी है। महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने आरोप लगाते हुए कहा है कि दोनों आरोपित किसी जिहादी संगठन से सम्बन्ध रखते हैं और उन्हें उनकी हत्या के लिए भेजा गया था।

बता दें कि इससे पहले 17 मई को जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज के एक होटल से गिरफ्तार किया था। उसके पास से भगवा कपड़ा व पूजा-पाठ की सामग्रियाँ मिली थी। जम्मू कश्मीर का ये आतंकी महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के क़त्ल की सुपारी लेकर आया था। उसके पास से एक पिस्टल और 2 मैगजीन के अलावा 15 कारतूस भी बरामद हुए थे। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आका आबिद ने उसे ट्रेनिंग देकर भेजा था।
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Jun 03 2021, 16:05

देश में 22 करोड़ से अधिक लगी कोरोना टीके की खुराक
  


नई दिल्ली: देश ने कोरोना टीकाकरण अभियान में एक महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किया है तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की बुधवार शाम तक की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक टीके की 22 करोड़ से ज्यादा खुराक लगाई गई हैं। मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को 18-44 वर्ष आयु वर्ग के 11,37,597 लोगों को टीके की पहली खुराक दी गयी जबकि 19,523 को दूसरी खुराक लगाई गई।

मंत्रालय ने कहा कि देश में टीकाकरण के तीसरे चरण के आरम्भ से अब तक 37 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में 2,25,40,803 लोगों ने कोरोना टीके की पहली खुराक और 59,052 लोगों ने दूसरी खुराक ले ली है। उन्होंने कहा कि बिहार, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल में 18-44 साल के 10 लाख से अधिक लोगों को कोरोना टीके की पहली खुराक लगा दी गयी है।

मंत्रालय ने कहा कि आज शाम सात बजे तक की अंतिरम रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अब तक कोरोना की 22,08,62,449 खुराक लगायी जा चुकी हैं। इनमें 99,11,519 स्वास्थ्यकर्मियों को पहली खुराक , 68,14,165 स्वास्थ्यकर्मियों को दूसरी खुराक, 1,58,39,812 अग्रिम मोर्चा कर्मियों को पहली खुराक और 85,76,750 अग्रिम मोर्चा कर्मियों को दूसरी खुराक लगाई गई। मंत्रालय के मुताबिक, 18-44 वर्ष की आयु के 2,25,40,803 लोगों को कोरोना टीके की पहली खुराक और 59,052 लोगों को दूसरी खुराक दी गयी है।
   

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Jun 03 2021, 16:03

क्या PETA पर लगेगा बैन ? AMUL ने पीएम मोदी को लिखा यह पत्र
  


नई दिल्ली: PETA के साथ जारी विवाद के बीच भारतीय डेयरी अमूल ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखते हुए पेटा पर कार्रवाई करने की माँग की है। अमूल के वॉइस प्रेसीडेंट वलमजी हंबल (Valamji Humbal) ने पेटा पर लोगों की आजीविका के साधन को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए उस पर बैन लगाने का अनुरोध किया है। हंबल ने यह भी कहा कि पेटा की हरकतों से भारतीय डेयरी क्षेत्र की छवि धूमिल हो रही है।

एक प्रेस विज्ञप्ति में हंबल ने जोर देते हुए कहा कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में डेयरी क्षेत्र का अहम योगदान है और ऐसे NGO की गलत सूचनाओं से GDP पर विपरीत असर हो सकता है। उन्होंने भारत के दुग्ध उद्योग के खिलाफ षड्यंत्र का भी आरोप लगाया है।

गुजरात के दुग्ध उत्पादकों का हवाला देते हुए, हंबल ने डेयरी उद्योग की छवि को नुकसान पहुंचने की साजिश करने वालों पर बैन लगाने की माँग की है। हंबल ने कहा कि, 'भारत की GDP में डेयरी क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है, किन्तु इस गैर सरकारी संगठन जैसे अवसरवादी तत्वों द्वारा फैलाई गई गलत सूचना से GDP पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। ऐसे संगठन भारत के दूध उत्पादकों को बेरोजगार करने की साजिश का हिस्सा हैं। '

हंबल ने आगे कहा कि, 'गुजरात के दूध उत्पादक पीएम मोदी से ये आग्रह कर रहे हैं कि वे उन संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए जरुरी कार्रवाई शुरू करें, जो गलत और भ्रामक सूचना अभियानों के माध्यम से डेयरी क्षेत्र की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। ये संगठन सिंथेटिक दूध का उत्पादन करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों के संयंत्रों को बढ़ावा दे रहे हैं।'
 

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Jun 03 2021, 16:02

इनसाइडर ट्रेडिंग को लेकर सेबी के आदेश के बाद इंफोसिस ने शुरू की आंतरिक जांच
  


आईटी प्रमुख इंफोसिस ने कहा है कि उसने अपने शेयरों में इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले में आंतरिक जांच शुरू की है, जिसमें बाजार नियामक सेबी ने अपने दो कर्मचारियों सहित अन्य को प्रतिबंधित कर दिया है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि 1 जून को उसे पूंजी बाजार नियामक द्वारा अंतरिम एकपक्षीय आदेश के बारे में सूचित किया गया था कंपनी इस मामले पर सेबी को आवश्यकतानुसार पूर्ण सहयोग देगी।

इसके अलावा, के परिणामस्वरूप आदेश, एक आंतरिक जांच शुरू की जा रही है और इस तरह की जांच के निष्कर्ष पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इंफोसिस ने कहा कि उसके पास अपने सभी कर्मचारियों को कवर करने वाली एक अच्छी तरह से परिभाषित आचार संहिता है और एक अंदरूनी व्यापार नीति है जो अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी से निपटने को नियंत्रित करती है।

सोमवार को एक आदेश में, सेबी ने इंफोसिस के शेयरों में अंदरूनी व्यापार में शामिल होने के लिए व्यक्तियों और दो वित्तीय कंपनियों सहित आठ संस्थाओं को प्रतिबंधित कर दिया। संस्थाएं हैं प्रांशु भूत्रा, अमित भूत्रा, भरत सी. जैन, मनीष सी. जैन, अंकुश भूत्रा, वेंकट सुब्रमण्यम वीवी, और फर्म कैपिटल वन पार्टनर्स और टेसोरा कैपिटल। जांच में पाया गया कि इनसाइडर ट्रेडिंग से उत्पन्न कुल आय 3.06 करोड़ रुपये से अधिक थी। सेबी ने इसमें शामिल लोगों के बैंक खातों को जब्त करने का निर्देश दिया है और उन्हें आदेश से 15 दिनों के भीतर संयुक्त रूप से और अलग-अलग एस्क्रो खाता बनाने और उस खाते में जब्त राशि जमा करने के लिए कहा है।