जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद...', मौलाना महमूद मदनी का भड़काऊ बयान

#maulanamahmoodmadanijustifyingjihad_minority

Image 2Image 4

जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी अपने बयान की वजह से एक बार फिर चर्चा में हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में मौलाना महमूद असद मदनी के बयान ने विवाद बढ़ा दिया है। उन्होंने भोपाल में जिहाद और कोर्ट के फैसलों को लेकर बयान दिया और सरकार पर भी निशाना साधा।

जिहाद’ शब्द को बदनाम करने का आरोप

भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की नेशनल गवर्निंग बॉडी मीटिंग में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों ने जिहाद जैसी इस्लाम की पवित्र अवधारणा को दुर्व्यवहार, अव्यवस्था और हिंसा से जुड़े शब्दों में बदल दिया है। 'लव जिहाद', 'भूमि जिहाद', 'शिक्षा जिहाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके मुसलमानों को गहरी ठेस पहुंचाई गई है। इससे धर्म का अपमान होता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार और मीडिया में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने में कोई शर्म महसूस नहीं करते है।

एक विशेष समुदाय को जबरन निशाना बनाया जा रहा-मदनी

मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक है। दुःख की बात है कि एक विशेष समुदाय को जबरन निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अन्य समुदायों को कानूनी रूप से शक्तिहीन, सामाजिक रूप से अलग-थलग और आर्थिक रूप से अपमानित किया जा रहा है। भीड़ द्वारा हत्या, बुलडोजर कार्रवाई, वक्फ संपत्तियों पर कब्जा और धार्मिक मदरसों व सुधारों के विरुद्ध नकारात्मक अभियान जैसे व्यवस्थित और संगठित प्रयास उनके धर्म, पहचान और अस्तित्व को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट पर भी उठाया सवाल

मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाया। मौलाना मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालतें, सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। महमूद मदनी ने कहा, किसी देश में लॉ एंड ऑर्डर और क्राइम-फ्री समाज बनाना इंसाफ के बिना नामुमकिन है। दुख की बात है कि पिछले कुछ सालों में खासकर बाबरी मस्जिद और ट्रिपल तलाक जैसे मामलों में फैसलों के बाद यह आम सोच बन गई है कि कोर्ट सरकारी दबाव में काम कर रहे हैं। अल्पसंख्यकों से जुड़े संवैधानिक नियमों और बुनियादी सिद्धांतों की कई व्याख्याओं ने न्यायपालिका की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट उस समय तक ही सुप्रीम कहलाने का हकदार है, जब तक आईन की पाबंदी करे और कानून के कर्तव्य का ख्याल रखे। अगर ऐसा न करे तो वह नैतिक तौर पर सुप्रीम कहलाने का हकदार नहीं है।

हमले में मारा गया मसूद अजहर का पूरा परिवार, ऑपरेशन सिंदूर में अपनों की मौत पर फूट-फूटकर रोया दहशतगर्द

#jaishchiefmaulanamasoodazharjaishfamilymemberskilled

भारत ने आतंकियों को मिट्टी में मिलाने का वादा किया था। 7 मई को बारतीय सेना ने उसे पूरा कर दिखाया। भारत की एयरस्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई है। भारत के सर्जिकल स्ट्राइक में मसूद अजहर का पूरा परिवार खत्म हो गया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने बुधवार तड़के पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित सुभान अल्लाह मस्जिद परिसर पर चार मिसाइल दागी। इस हमले में ये इमारत पूरी तरह तबाह हो गई। इस हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्यों और उसके गुट के चार आतंकियों सहित उसके 14 करीबी लोगों की मौत हुई है।

Image 2Image 4

मसूद अजहर ने 10 अपनों की मौत की बात कबूली

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक बुधवार तड़के जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर के घर पर भारतीय वायुसेना ने हमला किया। इस हमले में परिवार के 14 आतंकवादी मारे गए। हालांकि, मसूद अजहर ने 10 मौत की ही बात कबूली है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मसूद अजहर ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आज शाम चार बजे बहावलपुर में मसूद अजहर के परिजनों को दफनाया जाएगा।

अपनों की मौत पर फूट-फूटकर रोया मसूद अजहर

मसूद अजहर ने बयान जारी कर बताया है कि हमले में उसके परिजनों के अलावा चार करीबी सहयोगी भी मारे गए हैं। बहावलुपर में जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह पर हुए हमले में जैश ए मोहम्मद चीफ मसूद अजहर की बड़ी बहन और उसके पति, भांजे और उसकी पत्नी और अन्य भतीजों और परिवार के पांच बच्चों की मौत हुई है। हमले में मसूद अजहर के करीबी सहयोगी और उसकी मां और दो अन्य करीबी सहयोगियों की भी मौत हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में अपनों के मारे जाने पर मसूद अजहर फूट-फूटकर रोया।

‘वह भी मर जाता तो अच्छा रहता’

मसूद ने परिवार के लोगों की मौत पर रोते हुए कहा कि अगर वह भी मर जाता तो अच्छा रहता। मसूद ने बताया कि भारत के हमले में मेरा भाई हुजैफा, मेरे प्यारी बड़ी बहन, उनके अजीज पति, मेरा भांजा, उसकी पत्नी और मेरी प्यारी भांजी, उनके बच्चों को जन्नत नसीब हो गई। आतंकी मसूद ने आगे कहा कि न अफसोस है, न मायूसी, मगर बार-बार दिल में आता है कि मैं भी इस खुशनसीब लोगों के काफिले में शामिल होता। मगर अल्लाह से मुलाकात का वक्त बहुत पक्का है और वह आगे-पीछे नहीं हो सकता।

जैश-ए-मोहम्मद का ऑपरेशनल हेडवक्वार्टर तबाह

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के नौ ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। पाकिस्तानी मीडिया में बताया गया है कि बहावलपुर के मसूद अजहर के मदरसे मरकज सुभानअल्लाह पर चार मिसाइलें दागी गई हैं। यह परिसर जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशनल हेडवक्वार्टर के तौर के रूप में काम करता है। बहावलपुर स्थित इसी परिसर में जैश चीफ मौलाना मसूद अजहर और दूसरे कई आतंकियों का घर भी है। ऐसे में इस हमले में मसूद का परिवार भी खत्म हो गया है।

औरंगजेब विवाद के बीच मौलाना साजिद रशीदी के बिगड़े बोल, शिवाजी महाराज पर दिया विवादित बयान

#muslimmaulanasajidrashidistatementonchhatrapatishivajimaharaj

Image 2Image 4

औरंगजेब को लेकर महाराष्ट्र का सियासी पारा हाई है। ये विवाद अभी थमा नहीं है कि राजपूत योद्धा राणा सांगा को लेकर राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन के द्वारा राणा सांगा को लेकर दी गई विवादास्पद टिप्पणी से राजस्थान के अलावा पूरे देश में सियासी उबाल देखने को मिल रहा है। इस बीच मुस्लिम धर्मगुरु साजिद रशीदी ने एक बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर कहा कि उनकी मराठाओं के लिए कोई बड़ी उपलब्धि नहीं थी और वे भी एक सामान्य राजा थे।

एएनआई से बातचीत में अखिल भारतीय इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि शिवाजी महाराज ने मराठाओं के कई राजाओं को मारा था और उनके राज्य पर कब्ज़ा किया था। शिवाजी महाराज की कोई इतनी बड़ी उपलब्धि नहीं है कि उनको इतना बड़ा बताया जाता है। भारत में महाराणा सांगा बाबर को लाया था और महाराणा सांगा ने कई राजपूत राजाओं को मारा था। उन्होंने आगे कहा कि लोग औरंगजेब को गाली देते हैं, लेकिन इतिहास की सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता।

हिंदू धर्म को लेकर उठाए सवाल

मुस्लिम धर्मगुरु साजिद रशीदी हिंदू धर्म को लेकर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा, आपमें एक बड़ी कमी है कि आप लोगों को यह नहीं बता सकते कि हिंदू धर्म क्या है। यह सनातन है या हिंदू धर्म, कुछ भी नहीं। वैदिक धर्म में मूर्ति पूजा नहीं होती थी। यह प्रथा 150-200 साल में आई है। आप मुझे बता दीजिए कि राम किसे पूजते थे? कृष्ण किसे पूजते थे?

हिंदू विवाह पद्धति पर क्या बोले?

रशीदी ने हिंदू विवाह पद्धति को लेकर भी टिप्पणी की और कहा, आज शादियों में कहा जाता है कि 36 गुण मिलने चाहिए, लेकिन ये गुण पंडे मिलाते हैं और फिर एक महीने में तलाक हो जाता है। पंडों ने हिंदू धर्म के साथ खिलवाड़ किया है।

क्या था रामजी लाल का बयान?

इसे पहले राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा था कि भाजपा के लोगों का तकियाकलाम हो गया है कि इनमें बाबर का डीएनए है। उन्होंने कहा कि वे लोग हर जगह इस बात को दोहराते हैं। सपा सांसद ने आगे कहा था कि वह जानना चाहते हैं कि बाबर को आखिर लाया कौन? इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को राणा सांगा लाया था। मुसलमान अगर बाबर की औलाद हैं तो तुम लोग उस गद्दार राणा सांगा की औलाद हो।

मोहम्मद शमी के रमजान में एनर्जी ड्रिंक पीने से बवाल, मैच के दौरान रोजा न रखने पर भड़के मौलाना

#maulana_shahabuddin_reprimands_cricketer_shami_roza

टीम इंडिया के धाकड़ तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मोहम्मद शमी की एक तस्वीर को लेकर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। मोहम्मद शमी चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एनर्जी ड्रिंक पीते नजर आए। यह मैच रमजान के दौरान हुआ, जब दुनिया भर के मुसलमान रोजा रखते हैं। इस वजह से सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। इस बीच मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना शहाबुद्दीन रजवी टीम ने भी मोहम्मद शमी से खासी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शमी ने रमजान में रोजा नहीं रखा, जो गुनाह है।

Image 2Image 4

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शमी को अपराधी बताया है।शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, शरीयत के नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। इस्लाम में रोजा रखना फर्ज है। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर रोजा नहीं रखता, तो वह इस्लामिक कानून के अनुसार गुनहगार माना जाता है। क्रिकेट खेलना बुरा नहीं है, लेकिन धार्मिक जिम्मेदारियों को भी निभाना चाहिए। मैं हिदायत देता हूं कि शमी शरीयत के नियमों का पालन करें और अपने धर्म के प्रति जिम्मेदार बनें।

मौलान अरशद ने किया शमी का समर्थन

वहीं, मोहम्मद शमी को दिल्ली की मोती मस्जिद के इमाम मौलाना अरशद का समर्थन मिला है। उन्होंने कहा है कि मोहम्मद शमी को ट्रोल करने वाले लोग न तो इस्लाम को जानते हैं और न ही कुरान को। उन्होंन कहा कि इस्लाम में मुसाफिर पर रोज़ा न रखने की छूट है। मौलाना ने कहा, 'मोहम्मद शमी इस समय सफर पर भारत से बाहर हैं, तो उन पर भी ये बात लागू होती हैं। रोज़े के मामले में सिर्फ कुरान का हुक्म माना जाए, बरेली के किसी मौलाना या दूसरे लोगों का नहीं। शमी देश के लिए खेल रहे हैं, सबको ये बात याद रखनी चाहिए।'

वहीं, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी पर भाजपा नेता मोहसिन रजा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, यह इंसान और अल्लाह के बीच का मामला है और मुल्ला को बीच में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। वह (मोहम्मद शमी) अपना राष्ट्रीय कर्तव्य निभाने गए हैं और हमारा धर्म ऐसा करने की इजाजत देता है। मौलाना ने बयान देकर खुद पाप किया है। उन्हें पूरे देश से माफी मांगने की जरूरत है।

आतंकी हाफिज सईद के साले की पाकिस्तान में हत्या, बाइक सवार ने घर के बाहर मारी गोली

#pak_lashkar_e_tayyiba_leader_maulana_kashif_ali_killed

भारत की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल इंटरनेशनल आतंकवादी हाफिज सईद के साले मौलाना काशिफ अली को गोली मार दी गई है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के राजनीतिक विंग के प्रमुख मौलाना काशिफ अली की हत्या हो गई है। सोमवार को स्वाबी स्थित उसके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाया।

Image 2Image 4

खुरासान डायरी ने पुलिस के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के नेता काशिफ अली को पख्तूनख्वा प्रांत के स्वाबी में उनके घर के दरवाजे पर गोली मारी गई। अज्ञात हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर भाग निकले।

आतंकवादी काशिफ अली युवाओं का ब्रेनवाश करता था। उन्हें आतंकवादी संगठन में भर्ती करता था। काशिफ अली कई मस्जिदों और मदरसों का इंचार्ज भी था। वह आतंकवाद का पाठ पढ़ाकर अपने मकसद के लिए पाकिस्तानी युवाओं को बरगला कर आतंकवादी संगठन में भर्ती करता था। इसके अलावा वह आतंकवाद के ट्रेनिंग सेंटरों में जिहादी लेक्चर देने का काम भी करता था।

पीएमएमएल की स्थापना हाफिज सईद ने की थी। इसे लश्कर-ए-तैयबा की राजनीतिक शाखा के रूप में देखा जाता है। मौलाना काशिफ को हाफिज सईद का दाहिना हाथ समझा जाता था। पीएमएमल के प्रवक्ता ने काशिफ अली की मौत को आतंकवादी घटना बताया है। काशिफ अली की हत्या ने पाकिस्तान में सनसनी फैला दी है। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठनों ने पाकिस्तान सरकार की आलोचना की है और हत्यारों की तत्काल की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

पिछले 1 महीने के दौरान आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादी रहस्यमयी परिस्थितियों में किसी न किसी घटना में मारे गए हैं। इनमें से दो आतंकवादी कथित सड़क दुर्घटना में मारे गए थे। 1 महीने के दौरान काशिफ अली चौथा की हत्या चौथी वारदात है। काशिफ अली के मारे जाने के बाद आतंकवादी संगठन के बड़े सरगनाओ में एक बार फिर हड़कंप और दहशत फैल गई है।

मुसलमानों नया साल नहीं मनाने की हिदायत, मौलाना ने जारी किया फतवा, बताया शरियत के खिलाफ

#muslimsdonotcelebratenewyear2025maulanaissued_fatwa

Image 2Image 4

साल 2024 बस खत्म होने ही वाला है। हर तरफ नए साल के स्वागत की तैयारियां हो रही हैं। इस बीच एक मौलाना ने मुसलमानों को लिए फतवा जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि ये नया साल हमारा नहीं, बल्कि, ईसाइयों का है। इसलिए नए साल का जश्न मुसलमानों को नहीं मनाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के बरेली के मौलाना चश्म-ए-दारुल इफ्ता ने नए साल का जश्न मनाने और मुबारकबाद देने को गैर इस्लामी करार दिया है।उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए नया साल मनाना हराम है और गुनाह है। ये इसाइयों का धार्मिक त्योहार है, जिसे मुसलमानों को नहीं मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गैर-मजहबी प्रथाओं को मानना मुसलमानों के लिए सख्त नाजायज है। ऐसे में मुसलमानों खासतौर पर नए लड़के-लड़कियों को नए साल का जश्न मनाने से बचना चाहिए। मौलाना ने कहा कि मुसलमान के लिए नए साल का जश्न मनाना फख्र की बात नहीं है।

नया साल ईसाईयों का ?

मौलाना शहाबुद्दीन ने फतवा जारी करते हुए कहा- नए साल का जश्न मनाना, मुबारकबाद देना और प्रोग्राम आयोजित करना इस्लामी शरियत की रोशनी में नाजायज है। फतवे में कहा गया है कि नया साल जनवरी से शुरू होता है जो अंग्रेज, ईसाईयों का नया साल है। ईसाईयों का मजहबी और धार्मिक कार्यक्रम है कि वो हर साल के पहले दिन ज़श्न मनाते हैं. इसमें विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन करते हैं. ये ईसाईयों का खालीस ‘मजहबी शिआर’ (धार्मिक कार्यक्रम) है. इसलिए मुसलमानों को नए साल का जश्न मनाना जायज नहीं है. इस्लाम इस तरह के कार्यक्रमों को सख्ती के साथ रोकता है.

फतवे में इन्हें बताया गया नाजायज

शाहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फतवे में आगे कहा- नए साल का जश्न मनाना, एक दूसरे को मुबारकबाद देना, पटाखे दागना, तालियां बजाना, शोर मचाना, सीटियां बजाना, लाइट बंद करके हुड़दंग करना फिर लाइट को दोबारा जलाना, नाच-गाना करना, शराब पीना, जुआ खेलना, अपने मोबाइल वाट्सअप से एक -दूसरे को मैसेज भेजकर मुबारकबाद देना, ये सारे काम इस्लामी शरियत की रोशनी में नाजायज हैं।

क्या होता है फतवा?

मालूम हो कि इस्लामिक फतवा एक धार्मिक राय या निर्णय है, जो इस्लामी कानून के अनुसार दिया जाता है। यह एक इस्लामी विद्वान या मुफ्ती द्वारा दिया जाता है, जो इस्लामी कानून के जानकार होते हैं। फतवा किसी धार्मिक मसले पर पूछे गये सवाल पर मुफ्ती द्वारा जारी जवाब का दस्तावेज होता है। हालांकि, फतवे को मानना वांछनीय होता है लेकिन बाध्यकारी नहीं है।

बांग्लादेशी मौलाना इनायतुल्लाह अब्बासी ने भारत के खिलाफ उगला जहर, दिल्ली में इस्लाम का झंडा फहराने की धमकी

#bangladesh_maulana_inayatullah_abbasi 

Image 2Image 4

बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनों से हिंदुओं पर अत्याचार काफी बढ़ गए हैं। बांग्लादेश में राजनीति और सत्ता में परिवर्तन के साथ ही अल्पसंख्यकों ख़ासकर हिंदुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस हालात को काबू करने में नाकाम रहे हैं। हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला है। हसीना ने आरोप लगाया कि यूनुस ने हिंदुओं के नरसंहार में सक्रिय रूप से भाग लिया है। इससे पहले भी मोहम्मद यूनुस पर बांग्लादेश में कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के भी आरोप लग रहे हैं। इस बीत एक कट्टरपंथी बांग्लादेशी मौलाना ने भारत के खिलाफ जहर उगला है।

 बांग्लादेश के मौलाना इनायतुल्लाह अब्बासी ने पीएम मोदी और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है। यही नहीं, मौलवी ने भारत की राजधानी में इस्लाम का झंडा फहराने की धमकी दी है। मौलाना इनायतुल्ला अब्बासी ने बांग्लादेश में हिंदुओं की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कहा है कि 14 करोड़ बांग्लादेशी मुसलमान अपने 28 करोड़ हाथों में लाठी लेकर एक साथ आएंगे और लाल किले पर कब्जा कर लेंगे। मौलाना का ये वीडियो वायरल हो रहा है।

अब्बासी वीडियो में कहता है कि मैं मौदी और ममता बनर्जी को बता देना चाहता हूं कि अगर तुमने अपना हाथ बांग्लादेश की की तरफ बढ़ाया तो 14 करोड़ मुसलमान तुम्हारा हाथ तोड़ देंगे। बांग्लादेश का दुश्मन हिंदुस्तान है। अब्बासी ने कहा कि अगर 14 करोड़ मुसलमान अपने 28 करोड़ हाथों में लाठी लेकर एक साथ आ गए तो लाल किले पर कब्जा कर लेंगे।

हर मदरसे को छावनी में बदलने की दी थी धमकी

इनायतुल्लाह अब्बासी ने भारत के खिलाफ ऐसे जहरीली बात पहली बार नहीं कही है। इसी साल अप्रैल में मौलवी अब्बास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह कहता हुआ सुना जा सकता है कि इस देश में इस्लामवादी उनकी आंखें निकाल लेंगे। अगर कोई बांग्लादेश में एक इंच भी आक्रमण करने आया तो हर मदरसा हथियारों से छावनी में तब्दील हो जाएगा। हर मुसलमान जिहाद के लिए बांग्लादेश की सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा। बांग्लादेशी मुसलमान दिल्ली में भी इस्लाम का झंडा बुलंद करने की क्षमता रखते हैं और हम इसे भविष्य में दिखाएंगे।

चीन को अपना दोस्त मानता है मौलवी अब्बास

अपने भड़काऊ भाषणों को लेकर चर्चाओं में रहने वाला मौलाना इनायतुल्लाह अब्बासी जहां एक तरफ भारत को लेकर तल्ख बयान देता है वहीं दूसरी तरफ वह चीन की तरफदारी भी करता हुआ दिखता है। उसने अपने एक भाषण के दौरान कहा था कि अल्लाह ने चीन को भारत को सबक सिखाने के लिए ही तैयार रखा है। मौलवी अब्बास समय-समय पर भारत विरोधी बयान देता रहा है। वो चीन को भारत से बेहतर मानता है और बताता है कि चीन बांग्लादेश की तकदीर को बदलने वाला देश बनेगा।

बांग्लादेश में इस्लामी ताकतें सिर उठा रही

बता दें कि हाल के दिनों में बांग्लादेश में इस्लामी ताकतें सिर उठा रही हैं। खासकर इसी साल अगस्त मे शेख हसीने के तख्तापलट के बाद। शेख हसीने के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने मानों कट्टरपंथियों को खुली छूट दे रखी है। तभी तो देश के हालात बिगड़ रहे हैं पर यूनुस हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

CSC India and DevElet’s National Teaching Excellence Awards 2024: Celebrating India’s Distinguished Educators on National Education Day

In a fitting tribute on National Education Day,  the Council for Skills and Competencies (CSC India) and DevElet came together to host the National Teaching Excellence Awards 2024, celebrating outstanding educators who have had a transformative impact on India’s youth. This landmark event, organized in partnership with CSC India and DevElet, brought together luminaries from academia, industry leaders, and policymakers from across the nation, reinforcing the critical role of quality education in nation-building.

The ceremony was graced by Chief Guest Dr. G. Jaya Suma, Registrar and Professor at JNTU-GV, Vizianagaram, whose keynote address highlighted the indelible contributions of educators to society, paying homage to Maulana Abul Kalam Azad’s vision for an educated nation. Guest of Eminence Dr. R. Sujatha, Principal of Entrepreneur Education at the Wadhwani Entrepreneurship Network, offered insights on fostering entrepreneurial skills among students, while Guest of Honor Shri Krishna Chippalkatti, Joint Director and Chief Investigator in the IOT Group at C-DAC Bengaluru and FS Prime, emphasized the significance of integrating technology into education to prepare future-ready students.

The awards spanned multiple categories, recognizing excellence in areas such as Teaching, Leadership, Innovative Pedagogy, Curriculum Innovation, Research, and Professional Development. Recipients from various educational institutions nationwide were celebrated for their dedication to advancing educational standards and pioneering innovative teaching methods in alignment with India’s National Education Policy 2020.

Key Honorees:

Honorary Leadership for Academic Achievement:

  • Dr. VSK Reddy, Vice Chancellor, Malla Reddy University, Hyderabad – for his contributions to transformative education.
  • Dr. PHV Sesha Talpa Sai, Director - R&D, IQAC & Startups, Malla Reddy University, Hyderabad – for his exemplary academic leadership.
  • Dr. Srinivasa Rao, Principal, Malla Reddy College of Engineering & Technology, Hyderabad – for his visionary leadership in education.

Best Researcher Award:

  • Dr. T. Kishore Kumar, Professor & Head, Centre for Training and Learning, National Institute of Technology, Warangal.
  • Dr. A.N. Sathyanarayana, former Group Head of the Antenna Maintenance Group at NRSC-ISRO and Professor at Sreenidhi Institute of Science & Technology, Hyderabad.
  • Dr. N. Balaji, Professor and Director of Legal & Government Affairs, Jawaharlal Nehru Technological University, Kakinada.

Awards were also presented to distinguished faculty from prestigious institutions such as the Indian Institute of Science, Bangalore; Srinivas University, Mangalore; CHRIST University, Bangalore; NIT Warangal; JNTU campuses in Kakinada and Anantapur; Sri Sri University, Cuttack; and numerous other esteemed institutions across the country.

Shared Vision and Commitment: The organizers, CSC India and DevElet, reiterated their shared commitment to bridging academia and industry. Known for pioneering digital learning and AI in education, DevElet has empowered thousands of students and professionals, while CSC India, a non-profit industry body, actively drives skill development and employment opportunities through strategic collaborations and initiatives.

The National Teaching Excellence Awards 2024 underscored CSC India and DevElet’s ongoing mission to support India’s educators, equipping students with the skills they need to thrive in a rapidly evolving world. In closing, Mr. Kishan Tiwari, CEO of DevElet LLP, and Mr. Y. Rammohan Rao, Senior Consultant at CSC India, expressed their heartfelt gratitude to all attendees, underscoring their dedication to recognizing and honoring excellence in education.

CSC India and DevElet’s National Teaching Excellence Awards 2024: Celebrating India’s Distinguished Educators on National Education Day

In a fitting tribute on National Education Day,  the Council for Skills and Competencies (CSC India) and DevElet came together to host the National Teaching Excellence Awards 2024, celebrating outstanding educators who have had a transformative impact on India’s youth. This landmark event, organized in partnership with CSC India and DevElet, brought together luminaries from academia, industry leaders, and policymakers from across the nation, reinforcing the critical role of quality education in nation-building.

The ceremony was graced by Chief Guest Dr. G. Jaya Suma, Registrar and Professor at JNTU-GV, Vizianagaram, whose keynote address highlighted the indelible contributions of educators to society, paying homage to Maulana Abul Kalam Azad’s vision for an educated nation. Guest of Eminence Dr. R. Sujatha, Principal of Entrepreneur Education at the Wadhwani Entrepreneurship Network, offered insights on fostering entrepreneurial skills among students, while Guest of Honor Shri Krishna Chippalkatti, Joint Director and Chief Investigator in the IOT Group at C-DAC Bengaluru and FS Prime, emphasized the significance of integrating technology into education to prepare future-ready students.

The awards spanned multiple categories, recognizing excellence in areas such as Teaching, Leadership, Innovative Pedagogy, Curriculum Innovation, Research, and Professional Development. Recipients from various educational institutions nationwide were celebrated for their dedication to advancing educational standards and pioneering innovative teaching methods in alignment with India’s National Education Policy 2020.

Key Honorees:

Honorary Leadership for Academic Achievement:

  • Dr. VSK Reddy, Vice Chancellor, Malla Reddy University, Hyderabad – for his contributions to transformative education.
  • Dr. PHV Sesha Talpa Sai, Director - R&D, IQAC & Startups, Malla Reddy University, Hyderabad – for his exemplary academic leadership.
  • Dr. Srinivasa Rao, Principal, Malla Reddy College of Engineering & Technology, Hyderabad – for his visionary leadership in education.

Best Researcher Award:

  • Dr. T. Kishore Kumar, Professor & Head, Centre for Training and Learning, National Institute of Technology, Warangal.
  • Dr. A.N. Sathyanarayana, former Group Head of the Antenna Maintenance Group at NRSC-ISRO and Professor at Sreenidhi Institute of Science & Technology, Hyderabad.
  • Dr. N. Balaji, Professor and Director of Legal & Government Affairs, Jawaharlal Nehru Technological University, Kakinada.

Awards were also presented to distinguished faculty from prestigious institutions such as the Indian Institute of Science, Bangalore; Srinivas University, Mangalore; CHRIST University, Bangalore; NIT Warangal; JNTU campuses in Kakinada and Anantapur; Sri Sri University, Cuttack; and numerous other esteemed institutions across the country.

Shared Vision and Commitment: The organizers, CSC India and DevElet, reiterated their shared commitment to bridging academia and industry. Known for pioneering digital learning and AI in education, DevElet has empowered thousands of students and professionals, while CSC India, a non-profit industry body, actively drives skill development and employment opportunities through strategic collaborations and initiatives.

The National Teaching Excellence Awards 2024 underscored CSC India and DevElet’s ongoing mission to support India’s educators, equipping students with the skills they need to thrive in a rapidly evolving world. In closing, Mr. Kishan Tiwari, CEO of DevElet LLP, and Mr. Y. Rammohan Rao, Senior Consultant at CSC India, expressed their heartfelt gratitude to all attendees, underscoring their dedication to recognizing and honoring excellence in education.


यूपी में बड़े पैमाने पर हिन्दू अपनाएंगे इस्लाम, मौलाना तौकीर रजा के संगठन ने किया ऐलान, मचा हड़कंप

#maulana_tauqeer_raza_said_on_21_july_5_hindu_boys_and_girls_will_be_converted_to_islam

Image 2Image 4

योगी राज में सामूहिक धर्म परिवर्तन का ऐलान हुआ है।बरेली दंगे के मास्टरमाइंड इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा के एक बयान ने फिजा में जहर घोलने का काम का है।आईएमसी के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि कई हिंदू लड़के और लड़कियां उनके संपर्क में हैं, जो सनातम धर्म छोड़कर इस्‍लाम कबूल करना चाहते हैं। इतना ही नहीं अपने पसंद के मुस्लिम लड़के और लड़की से शादी करना चाहते हैं। इसको लेकर 21 जुलाई को सामूहिक विवाह समारोह की अनुमति मांगी है।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए मांगी अनुमति

रजा ने कहा 21 जुलाई को सुबह 11 बजे खलील हायर सेकेंडरी स्कूल में पहले चरण में 5 जोड़ों का धर्म परिवर्तन और निकाह होगा।तौकीर रजा ने अपने दरगाह आला हजरत स्थित आवास पर प्रेस कांफ्रेंस कर ये ऐलान किया। रजा ने कहा कि पहले 5 हिन्दू लड़के और लड़कियों का मुस्लिम रीति रिवाज से कलमा पढ़वाकर और नमाज पढ़वाकर इस्लाम कबूल करवाया जाएगा और उन्हें मुसलमान बनाया जाएगा। जिसके बाद पांचों जोड़ों का निकाह करवाया जाएगा। रजा ने कहा कि हमने तो परमीशन मांगी है, हिन्दू तो वो भी नहीं मांगते है।

बड़ी संख्या में हिन्दू मुसलमान बनना चाहते हैं-रजा

मौलाना तौकीर रजा ने ये ऐलान किया है कि दो सालों से उन्होंने धर्म परिवर्तन पर रोक लगा रखी थी, लेकिन अब मौलानाओं का बहुत ज्यादा प्रेशर पड़ रहा है क्योंकि बड़ी संख्या में हिन्दू मुसलमान बनना चाहते हैं, जिस वजह से अब हिंदुओं को मुसलमान बनाने की बंदिशों को खत्म कर दिया गया है।

रजा के बयान पर भड़के वीएचपी नेता

तौकीर रजा के बयान पर वीएचपी के केंद्रीय प्रबंधन समिति के सदस्य राजकमल गुप्ता ने कहा कि डीएनए करा लें अपना और घर वापसी कर लें। हिन्‍दू धर्म में उनका हम स्वागत करेंगे। उन्‍होंने कहा कि तौकीर रजा मानसिक रूप से बीमार हो गए हैं। उन्‍होंने कहा कि ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। हम विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता किसी को भी धर्म परिवर्तन नहीं करने देंगे।वीएचपी नेता की यूपी सरकार और केंद्र सरकार से मांग है कि तौकीर रजा की तुरंत गिरफ्तारी की जाए।

जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद...', मौलाना महमूद मदनी का भड़काऊ बयान

#maulanamahmoodmadanijustifyingjihad_minority

Image 2Image 4

जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी अपने बयान की वजह से एक बार फिर चर्चा में हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में मौलाना महमूद असद मदनी के बयान ने विवाद बढ़ा दिया है। उन्होंने भोपाल में जिहाद और कोर्ट के फैसलों को लेकर बयान दिया और सरकार पर भी निशाना साधा।

जिहाद’ शब्द को बदनाम करने का आरोप

भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की नेशनल गवर्निंग बॉडी मीटिंग में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों ने जिहाद जैसी इस्लाम की पवित्र अवधारणा को दुर्व्यवहार, अव्यवस्था और हिंसा से जुड़े शब्दों में बदल दिया है। 'लव जिहाद', 'भूमि जिहाद', 'शिक्षा जिहाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके मुसलमानों को गहरी ठेस पहुंचाई गई है। इससे धर्म का अपमान होता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार और मीडिया में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने में कोई शर्म महसूस नहीं करते है।

एक विशेष समुदाय को जबरन निशाना बनाया जा रहा-मदनी

मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक है। दुःख की बात है कि एक विशेष समुदाय को जबरन निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अन्य समुदायों को कानूनी रूप से शक्तिहीन, सामाजिक रूप से अलग-थलग और आर्थिक रूप से अपमानित किया जा रहा है। भीड़ द्वारा हत्या, बुलडोजर कार्रवाई, वक्फ संपत्तियों पर कब्जा और धार्मिक मदरसों व सुधारों के विरुद्ध नकारात्मक अभियान जैसे व्यवस्थित और संगठित प्रयास उनके धर्म, पहचान और अस्तित्व को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट पर भी उठाया सवाल

मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाया। मौलाना मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालतें, सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। महमूद मदनी ने कहा, किसी देश में लॉ एंड ऑर्डर और क्राइम-फ्री समाज बनाना इंसाफ के बिना नामुमकिन है। दुख की बात है कि पिछले कुछ सालों में खासकर बाबरी मस्जिद और ट्रिपल तलाक जैसे मामलों में फैसलों के बाद यह आम सोच बन गई है कि कोर्ट सरकारी दबाव में काम कर रहे हैं। अल्पसंख्यकों से जुड़े संवैधानिक नियमों और बुनियादी सिद्धांतों की कई व्याख्याओं ने न्यायपालिका की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट उस समय तक ही सुप्रीम कहलाने का हकदार है, जब तक आईन की पाबंदी करे और कानून के कर्तव्य का ख्याल रखे। अगर ऐसा न करे तो वह नैतिक तौर पर सुप्रीम कहलाने का हकदार नहीं है।

हमले में मारा गया मसूद अजहर का पूरा परिवार, ऑपरेशन सिंदूर में अपनों की मौत पर फूट-फूटकर रोया दहशतगर्द

#jaishchiefmaulanamasoodazharjaishfamilymemberskilled

भारत ने आतंकियों को मिट्टी में मिलाने का वादा किया था। 7 मई को बारतीय सेना ने उसे पूरा कर दिखाया। भारत की एयरस्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई है। भारत के सर्जिकल स्ट्राइक में मसूद अजहर का पूरा परिवार खत्म हो गया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने बुधवार तड़के पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित सुभान अल्लाह मस्जिद परिसर पर चार मिसाइल दागी। इस हमले में ये इमारत पूरी तरह तबाह हो गई। इस हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्यों और उसके गुट के चार आतंकियों सहित उसके 14 करीबी लोगों की मौत हुई है।

Image 2Image 4

मसूद अजहर ने 10 अपनों की मौत की बात कबूली

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक बुधवार तड़के जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर के घर पर भारतीय वायुसेना ने हमला किया। इस हमले में परिवार के 14 आतंकवादी मारे गए। हालांकि, मसूद अजहर ने 10 मौत की ही बात कबूली है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मसूद अजहर ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आज शाम चार बजे बहावलपुर में मसूद अजहर के परिजनों को दफनाया जाएगा।

अपनों की मौत पर फूट-फूटकर रोया मसूद अजहर

मसूद अजहर ने बयान जारी कर बताया है कि हमले में उसके परिजनों के अलावा चार करीबी सहयोगी भी मारे गए हैं। बहावलुपर में जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह पर हुए हमले में जैश ए मोहम्मद चीफ मसूद अजहर की बड़ी बहन और उसके पति, भांजे और उसकी पत्नी और अन्य भतीजों और परिवार के पांच बच्चों की मौत हुई है। हमले में मसूद अजहर के करीबी सहयोगी और उसकी मां और दो अन्य करीबी सहयोगियों की भी मौत हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में अपनों के मारे जाने पर मसूद अजहर फूट-फूटकर रोया।

‘वह भी मर जाता तो अच्छा रहता’

मसूद ने परिवार के लोगों की मौत पर रोते हुए कहा कि अगर वह भी मर जाता तो अच्छा रहता। मसूद ने बताया कि भारत के हमले में मेरा भाई हुजैफा, मेरे प्यारी बड़ी बहन, उनके अजीज पति, मेरा भांजा, उसकी पत्नी और मेरी प्यारी भांजी, उनके बच्चों को जन्नत नसीब हो गई। आतंकी मसूद ने आगे कहा कि न अफसोस है, न मायूसी, मगर बार-बार दिल में आता है कि मैं भी इस खुशनसीब लोगों के काफिले में शामिल होता। मगर अल्लाह से मुलाकात का वक्त बहुत पक्का है और वह आगे-पीछे नहीं हो सकता।

जैश-ए-मोहम्मद का ऑपरेशनल हेडवक्वार्टर तबाह

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के नौ ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। पाकिस्तानी मीडिया में बताया गया है कि बहावलपुर के मसूद अजहर के मदरसे मरकज सुभानअल्लाह पर चार मिसाइलें दागी गई हैं। यह परिसर जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशनल हेडवक्वार्टर के तौर के रूप में काम करता है। बहावलपुर स्थित इसी परिसर में जैश चीफ मौलाना मसूद अजहर और दूसरे कई आतंकियों का घर भी है। ऐसे में इस हमले में मसूद का परिवार भी खत्म हो गया है।

औरंगजेब विवाद के बीच मौलाना साजिद रशीदी के बिगड़े बोल, शिवाजी महाराज पर दिया विवादित बयान

#muslimmaulanasajidrashidistatementonchhatrapatishivajimaharaj

Image 2Image 4

औरंगजेब को लेकर महाराष्ट्र का सियासी पारा हाई है। ये विवाद अभी थमा नहीं है कि राजपूत योद्धा राणा सांगा को लेकर राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन के द्वारा राणा सांगा को लेकर दी गई विवादास्पद टिप्पणी से राजस्थान के अलावा पूरे देश में सियासी उबाल देखने को मिल रहा है। इस बीच मुस्लिम धर्मगुरु साजिद रशीदी ने एक बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर कहा कि उनकी मराठाओं के लिए कोई बड़ी उपलब्धि नहीं थी और वे भी एक सामान्य राजा थे।

एएनआई से बातचीत में अखिल भारतीय इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि शिवाजी महाराज ने मराठाओं के कई राजाओं को मारा था और उनके राज्य पर कब्ज़ा किया था। शिवाजी महाराज की कोई इतनी बड़ी उपलब्धि नहीं है कि उनको इतना बड़ा बताया जाता है। भारत में महाराणा सांगा बाबर को लाया था और महाराणा सांगा ने कई राजपूत राजाओं को मारा था। उन्होंने आगे कहा कि लोग औरंगजेब को गाली देते हैं, लेकिन इतिहास की सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता।

हिंदू धर्म को लेकर उठाए सवाल

मुस्लिम धर्मगुरु साजिद रशीदी हिंदू धर्म को लेकर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा, आपमें एक बड़ी कमी है कि आप लोगों को यह नहीं बता सकते कि हिंदू धर्म क्या है। यह सनातन है या हिंदू धर्म, कुछ भी नहीं। वैदिक धर्म में मूर्ति पूजा नहीं होती थी। यह प्रथा 150-200 साल में आई है। आप मुझे बता दीजिए कि राम किसे पूजते थे? कृष्ण किसे पूजते थे?

हिंदू विवाह पद्धति पर क्या बोले?

रशीदी ने हिंदू विवाह पद्धति को लेकर भी टिप्पणी की और कहा, आज शादियों में कहा जाता है कि 36 गुण मिलने चाहिए, लेकिन ये गुण पंडे मिलाते हैं और फिर एक महीने में तलाक हो जाता है। पंडों ने हिंदू धर्म के साथ खिलवाड़ किया है।

क्या था रामजी लाल का बयान?

इसे पहले राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा था कि भाजपा के लोगों का तकियाकलाम हो गया है कि इनमें बाबर का डीएनए है। उन्होंने कहा कि वे लोग हर जगह इस बात को दोहराते हैं। सपा सांसद ने आगे कहा था कि वह जानना चाहते हैं कि बाबर को आखिर लाया कौन? इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को राणा सांगा लाया था। मुसलमान अगर बाबर की औलाद हैं तो तुम लोग उस गद्दार राणा सांगा की औलाद हो।

मोहम्मद शमी के रमजान में एनर्जी ड्रिंक पीने से बवाल, मैच के दौरान रोजा न रखने पर भड़के मौलाना

#maulana_shahabuddin_reprimands_cricketer_shami_roza

टीम इंडिया के धाकड़ तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मोहम्मद शमी की एक तस्वीर को लेकर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। मोहम्मद शमी चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एनर्जी ड्रिंक पीते नजर आए। यह मैच रमजान के दौरान हुआ, जब दुनिया भर के मुसलमान रोजा रखते हैं। इस वजह से सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। इस बीच मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना शहाबुद्दीन रजवी टीम ने भी मोहम्मद शमी से खासी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शमी ने रमजान में रोजा नहीं रखा, जो गुनाह है।

Image 2Image 4

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शमी को अपराधी बताया है।शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, शरीयत के नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। इस्लाम में रोजा रखना फर्ज है। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर रोजा नहीं रखता, तो वह इस्लामिक कानून के अनुसार गुनहगार माना जाता है। क्रिकेट खेलना बुरा नहीं है, लेकिन धार्मिक जिम्मेदारियों को भी निभाना चाहिए। मैं हिदायत देता हूं कि शमी शरीयत के नियमों का पालन करें और अपने धर्म के प्रति जिम्मेदार बनें।

मौलान अरशद ने किया शमी का समर्थन

वहीं, मोहम्मद शमी को दिल्ली की मोती मस्जिद के इमाम मौलाना अरशद का समर्थन मिला है। उन्होंने कहा है कि मोहम्मद शमी को ट्रोल करने वाले लोग न तो इस्लाम को जानते हैं और न ही कुरान को। उन्होंन कहा कि इस्लाम में मुसाफिर पर रोज़ा न रखने की छूट है। मौलाना ने कहा, 'मोहम्मद शमी इस समय सफर पर भारत से बाहर हैं, तो उन पर भी ये बात लागू होती हैं। रोज़े के मामले में सिर्फ कुरान का हुक्म माना जाए, बरेली के किसी मौलाना या दूसरे लोगों का नहीं। शमी देश के लिए खेल रहे हैं, सबको ये बात याद रखनी चाहिए।'

वहीं, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी पर भाजपा नेता मोहसिन रजा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, यह इंसान और अल्लाह के बीच का मामला है और मुल्ला को बीच में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। वह (मोहम्मद शमी) अपना राष्ट्रीय कर्तव्य निभाने गए हैं और हमारा धर्म ऐसा करने की इजाजत देता है। मौलाना ने बयान देकर खुद पाप किया है। उन्हें पूरे देश से माफी मांगने की जरूरत है।

आतंकी हाफिज सईद के साले की पाकिस्तान में हत्या, बाइक सवार ने घर के बाहर मारी गोली

#pak_lashkar_e_tayyiba_leader_maulana_kashif_ali_killed

भारत की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल इंटरनेशनल आतंकवादी हाफिज सईद के साले मौलाना काशिफ अली को गोली मार दी गई है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के राजनीतिक विंग के प्रमुख मौलाना काशिफ अली की हत्या हो गई है। सोमवार को स्वाबी स्थित उसके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाया।

Image 2Image 4

खुरासान डायरी ने पुलिस के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के नेता काशिफ अली को पख्तूनख्वा प्रांत के स्वाबी में उनके घर के दरवाजे पर गोली मारी गई। अज्ञात हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर भाग निकले।

आतंकवादी काशिफ अली युवाओं का ब्रेनवाश करता था। उन्हें आतंकवादी संगठन में भर्ती करता था। काशिफ अली कई मस्जिदों और मदरसों का इंचार्ज भी था। वह आतंकवाद का पाठ पढ़ाकर अपने मकसद के लिए पाकिस्तानी युवाओं को बरगला कर आतंकवादी संगठन में भर्ती करता था। इसके अलावा वह आतंकवाद के ट्रेनिंग सेंटरों में जिहादी लेक्चर देने का काम भी करता था।

पीएमएमएल की स्थापना हाफिज सईद ने की थी। इसे लश्कर-ए-तैयबा की राजनीतिक शाखा के रूप में देखा जाता है। मौलाना काशिफ को हाफिज सईद का दाहिना हाथ समझा जाता था। पीएमएमल के प्रवक्ता ने काशिफ अली की मौत को आतंकवादी घटना बताया है। काशिफ अली की हत्या ने पाकिस्तान में सनसनी फैला दी है। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठनों ने पाकिस्तान सरकार की आलोचना की है और हत्यारों की तत्काल की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

पिछले 1 महीने के दौरान आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादी रहस्यमयी परिस्थितियों में किसी न किसी घटना में मारे गए हैं। इनमें से दो आतंकवादी कथित सड़क दुर्घटना में मारे गए थे। 1 महीने के दौरान काशिफ अली चौथा की हत्या चौथी वारदात है। काशिफ अली के मारे जाने के बाद आतंकवादी संगठन के बड़े सरगनाओ में एक बार फिर हड़कंप और दहशत फैल गई है।

मुसलमानों नया साल नहीं मनाने की हिदायत, मौलाना ने जारी किया फतवा, बताया शरियत के खिलाफ

#muslimsdonotcelebratenewyear2025maulanaissued_fatwa

Image 2Image 4

साल 2024 बस खत्म होने ही वाला है। हर तरफ नए साल के स्वागत की तैयारियां हो रही हैं। इस बीच एक मौलाना ने मुसलमानों को लिए फतवा जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि ये नया साल हमारा नहीं, बल्कि, ईसाइयों का है। इसलिए नए साल का जश्न मुसलमानों को नहीं मनाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के बरेली के मौलाना चश्म-ए-दारुल इफ्ता ने नए साल का जश्न मनाने और मुबारकबाद देने को गैर इस्लामी करार दिया है।उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए नया साल मनाना हराम है और गुनाह है। ये इसाइयों का धार्मिक त्योहार है, जिसे मुसलमानों को नहीं मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गैर-मजहबी प्रथाओं को मानना मुसलमानों के लिए सख्त नाजायज है। ऐसे में मुसलमानों खासतौर पर नए लड़के-लड़कियों को नए साल का जश्न मनाने से बचना चाहिए। मौलाना ने कहा कि मुसलमान के लिए नए साल का जश्न मनाना फख्र की बात नहीं है।

नया साल ईसाईयों का ?

मौलाना शहाबुद्दीन ने फतवा जारी करते हुए कहा- नए साल का जश्न मनाना, मुबारकबाद देना और प्रोग्राम आयोजित करना इस्लामी शरियत की रोशनी में नाजायज है। फतवे में कहा गया है कि नया साल जनवरी से शुरू होता है जो अंग्रेज, ईसाईयों का नया साल है। ईसाईयों का मजहबी और धार्मिक कार्यक्रम है कि वो हर साल के पहले दिन ज़श्न मनाते हैं. इसमें विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन करते हैं. ये ईसाईयों का खालीस ‘मजहबी शिआर’ (धार्मिक कार्यक्रम) है. इसलिए मुसलमानों को नए साल का जश्न मनाना जायज नहीं है. इस्लाम इस तरह के कार्यक्रमों को सख्ती के साथ रोकता है.

फतवे में इन्हें बताया गया नाजायज

शाहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फतवे में आगे कहा- नए साल का जश्न मनाना, एक दूसरे को मुबारकबाद देना, पटाखे दागना, तालियां बजाना, शोर मचाना, सीटियां बजाना, लाइट बंद करके हुड़दंग करना फिर लाइट को दोबारा जलाना, नाच-गाना करना, शराब पीना, जुआ खेलना, अपने मोबाइल वाट्सअप से एक -दूसरे को मैसेज भेजकर मुबारकबाद देना, ये सारे काम इस्लामी शरियत की रोशनी में नाजायज हैं।

क्या होता है फतवा?

मालूम हो कि इस्लामिक फतवा एक धार्मिक राय या निर्णय है, जो इस्लामी कानून के अनुसार दिया जाता है। यह एक इस्लामी विद्वान या मुफ्ती द्वारा दिया जाता है, जो इस्लामी कानून के जानकार होते हैं। फतवा किसी धार्मिक मसले पर पूछे गये सवाल पर मुफ्ती द्वारा जारी जवाब का दस्तावेज होता है। हालांकि, फतवे को मानना वांछनीय होता है लेकिन बाध्यकारी नहीं है।

बांग्लादेशी मौलाना इनायतुल्लाह अब्बासी ने भारत के खिलाफ उगला जहर, दिल्ली में इस्लाम का झंडा फहराने की धमकी

#bangladesh_maulana_inayatullah_abbasi 

Image 2Image 4

बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनों से हिंदुओं पर अत्याचार काफी बढ़ गए हैं। बांग्लादेश में राजनीति और सत्ता में परिवर्तन के साथ ही अल्पसंख्यकों ख़ासकर हिंदुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस हालात को काबू करने में नाकाम रहे हैं। हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला है। हसीना ने आरोप लगाया कि यूनुस ने हिंदुओं के नरसंहार में सक्रिय रूप से भाग लिया है। इससे पहले भी मोहम्मद यूनुस पर बांग्लादेश में कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के भी आरोप लग रहे हैं। इस बीत एक कट्टरपंथी बांग्लादेशी मौलाना ने भारत के खिलाफ जहर उगला है।

 बांग्लादेश के मौलाना इनायतुल्लाह अब्बासी ने पीएम मोदी और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है। यही नहीं, मौलवी ने भारत की राजधानी में इस्लाम का झंडा फहराने की धमकी दी है। मौलाना इनायतुल्ला अब्बासी ने बांग्लादेश में हिंदुओं की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कहा है कि 14 करोड़ बांग्लादेशी मुसलमान अपने 28 करोड़ हाथों में लाठी लेकर एक साथ आएंगे और लाल किले पर कब्जा कर लेंगे। मौलाना का ये वीडियो वायरल हो रहा है।

अब्बासी वीडियो में कहता है कि मैं मौदी और ममता बनर्जी को बता देना चाहता हूं कि अगर तुमने अपना हाथ बांग्लादेश की की तरफ बढ़ाया तो 14 करोड़ मुसलमान तुम्हारा हाथ तोड़ देंगे। बांग्लादेश का दुश्मन हिंदुस्तान है। अब्बासी ने कहा कि अगर 14 करोड़ मुसलमान अपने 28 करोड़ हाथों में लाठी लेकर एक साथ आ गए तो लाल किले पर कब्जा कर लेंगे।

हर मदरसे को छावनी में बदलने की दी थी धमकी

इनायतुल्लाह अब्बासी ने भारत के खिलाफ ऐसे जहरीली बात पहली बार नहीं कही है। इसी साल अप्रैल में मौलवी अब्बास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह कहता हुआ सुना जा सकता है कि इस देश में इस्लामवादी उनकी आंखें निकाल लेंगे। अगर कोई बांग्लादेश में एक इंच भी आक्रमण करने आया तो हर मदरसा हथियारों से छावनी में तब्दील हो जाएगा। हर मुसलमान जिहाद के लिए बांग्लादेश की सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा। बांग्लादेशी मुसलमान दिल्ली में भी इस्लाम का झंडा बुलंद करने की क्षमता रखते हैं और हम इसे भविष्य में दिखाएंगे।

चीन को अपना दोस्त मानता है मौलवी अब्बास

अपने भड़काऊ भाषणों को लेकर चर्चाओं में रहने वाला मौलाना इनायतुल्लाह अब्बासी जहां एक तरफ भारत को लेकर तल्ख बयान देता है वहीं दूसरी तरफ वह चीन की तरफदारी भी करता हुआ दिखता है। उसने अपने एक भाषण के दौरान कहा था कि अल्लाह ने चीन को भारत को सबक सिखाने के लिए ही तैयार रखा है। मौलवी अब्बास समय-समय पर भारत विरोधी बयान देता रहा है। वो चीन को भारत से बेहतर मानता है और बताता है कि चीन बांग्लादेश की तकदीर को बदलने वाला देश बनेगा।

बांग्लादेश में इस्लामी ताकतें सिर उठा रही

बता दें कि हाल के दिनों में बांग्लादेश में इस्लामी ताकतें सिर उठा रही हैं। खासकर इसी साल अगस्त मे शेख हसीने के तख्तापलट के बाद। शेख हसीने के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने मानों कट्टरपंथियों को खुली छूट दे रखी है। तभी तो देश के हालात बिगड़ रहे हैं पर यूनुस हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

CSC India and DevElet’s National Teaching Excellence Awards 2024: Celebrating India’s Distinguished Educators on National Education Day

In a fitting tribute on National Education Day,  the Council for Skills and Competencies (CSC India) and DevElet came together to host the National Teaching Excellence Awards 2024, celebrating outstanding educators who have had a transformative impact on India’s youth. This landmark event, organized in partnership with CSC India and DevElet, brought together luminaries from academia, industry leaders, and policymakers from across the nation, reinforcing the critical role of quality education in nation-building.

The ceremony was graced by Chief Guest Dr. G. Jaya Suma, Registrar and Professor at JNTU-GV, Vizianagaram, whose keynote address highlighted the indelible contributions of educators to society, paying homage to Maulana Abul Kalam Azad’s vision for an educated nation. Guest of Eminence Dr. R. Sujatha, Principal of Entrepreneur Education at the Wadhwani Entrepreneurship Network, offered insights on fostering entrepreneurial skills among students, while Guest of Honor Shri Krishna Chippalkatti, Joint Director and Chief Investigator in the IOT Group at C-DAC Bengaluru and FS Prime, emphasized the significance of integrating technology into education to prepare future-ready students.

The awards spanned multiple categories, recognizing excellence in areas such as Teaching, Leadership, Innovative Pedagogy, Curriculum Innovation, Research, and Professional Development. Recipients from various educational institutions nationwide were celebrated for their dedication to advancing educational standards and pioneering innovative teaching methods in alignment with India’s National Education Policy 2020.

Key Honorees:

Honorary Leadership for Academic Achievement:

  • Dr. VSK Reddy, Vice Chancellor, Malla Reddy University, Hyderabad – for his contributions to transformative education.
  • Dr. PHV Sesha Talpa Sai, Director - R&D, IQAC & Startups, Malla Reddy University, Hyderabad – for his exemplary academic leadership.
  • Dr. Srinivasa Rao, Principal, Malla Reddy College of Engineering & Technology, Hyderabad – for his visionary leadership in education.

Best Researcher Award:

  • Dr. T. Kishore Kumar, Professor & Head, Centre for Training and Learning, National Institute of Technology, Warangal.
  • Dr. A.N. Sathyanarayana, former Group Head of the Antenna Maintenance Group at NRSC-ISRO and Professor at Sreenidhi Institute of Science & Technology, Hyderabad.
  • Dr. N. Balaji, Professor and Director of Legal & Government Affairs, Jawaharlal Nehru Technological University, Kakinada.

Awards were also presented to distinguished faculty from prestigious institutions such as the Indian Institute of Science, Bangalore; Srinivas University, Mangalore; CHRIST University, Bangalore; NIT Warangal; JNTU campuses in Kakinada and Anantapur; Sri Sri University, Cuttack; and numerous other esteemed institutions across the country.

Shared Vision and Commitment: The organizers, CSC India and DevElet, reiterated their shared commitment to bridging academia and industry. Known for pioneering digital learning and AI in education, DevElet has empowered thousands of students and professionals, while CSC India, a non-profit industry body, actively drives skill development and employment opportunities through strategic collaborations and initiatives.

The National Teaching Excellence Awards 2024 underscored CSC India and DevElet’s ongoing mission to support India’s educators, equipping students with the skills they need to thrive in a rapidly evolving world. In closing, Mr. Kishan Tiwari, CEO of DevElet LLP, and Mr. Y. Rammohan Rao, Senior Consultant at CSC India, expressed their heartfelt gratitude to all attendees, underscoring their dedication to recognizing and honoring excellence in education.

CSC India and DevElet’s National Teaching Excellence Awards 2024: Celebrating India’s Distinguished Educators on National Education Day

In a fitting tribute on National Education Day,  the Council for Skills and Competencies (CSC India) and DevElet came together to host the National Teaching Excellence Awards 2024, celebrating outstanding educators who have had a transformative impact on India’s youth. This landmark event, organized in partnership with CSC India and DevElet, brought together luminaries from academia, industry leaders, and policymakers from across the nation, reinforcing the critical role of quality education in nation-building.

The ceremony was graced by Chief Guest Dr. G. Jaya Suma, Registrar and Professor at JNTU-GV, Vizianagaram, whose keynote address highlighted the indelible contributions of educators to society, paying homage to Maulana Abul Kalam Azad’s vision for an educated nation. Guest of Eminence Dr. R. Sujatha, Principal of Entrepreneur Education at the Wadhwani Entrepreneurship Network, offered insights on fostering entrepreneurial skills among students, while Guest of Honor Shri Krishna Chippalkatti, Joint Director and Chief Investigator in the IOT Group at C-DAC Bengaluru and FS Prime, emphasized the significance of integrating technology into education to prepare future-ready students.

The awards spanned multiple categories, recognizing excellence in areas such as Teaching, Leadership, Innovative Pedagogy, Curriculum Innovation, Research, and Professional Development. Recipients from various educational institutions nationwide were celebrated for their dedication to advancing educational standards and pioneering innovative teaching methods in alignment with India’s National Education Policy 2020.

Key Honorees:

Honorary Leadership for Academic Achievement:

  • Dr. VSK Reddy, Vice Chancellor, Malla Reddy University, Hyderabad – for his contributions to transformative education.
  • Dr. PHV Sesha Talpa Sai, Director - R&D, IQAC & Startups, Malla Reddy University, Hyderabad – for his exemplary academic leadership.
  • Dr. Srinivasa Rao, Principal, Malla Reddy College of Engineering & Technology, Hyderabad – for his visionary leadership in education.

Best Researcher Award:

  • Dr. T. Kishore Kumar, Professor & Head, Centre for Training and Learning, National Institute of Technology, Warangal.
  • Dr. A.N. Sathyanarayana, former Group Head of the Antenna Maintenance Group at NRSC-ISRO and Professor at Sreenidhi Institute of Science & Technology, Hyderabad.
  • Dr. N. Balaji, Professor and Director of Legal & Government Affairs, Jawaharlal Nehru Technological University, Kakinada.

Awards were also presented to distinguished faculty from prestigious institutions such as the Indian Institute of Science, Bangalore; Srinivas University, Mangalore; CHRIST University, Bangalore; NIT Warangal; JNTU campuses in Kakinada and Anantapur; Sri Sri University, Cuttack; and numerous other esteemed institutions across the country.

Shared Vision and Commitment: The organizers, CSC India and DevElet, reiterated their shared commitment to bridging academia and industry. Known for pioneering digital learning and AI in education, DevElet has empowered thousands of students and professionals, while CSC India, a non-profit industry body, actively drives skill development and employment opportunities through strategic collaborations and initiatives.

The National Teaching Excellence Awards 2024 underscored CSC India and DevElet’s ongoing mission to support India’s educators, equipping students with the skills they need to thrive in a rapidly evolving world. In closing, Mr. Kishan Tiwari, CEO of DevElet LLP, and Mr. Y. Rammohan Rao, Senior Consultant at CSC India, expressed their heartfelt gratitude to all attendees, underscoring their dedication to recognizing and honoring excellence in education.


यूपी में बड़े पैमाने पर हिन्दू अपनाएंगे इस्लाम, मौलाना तौकीर रजा के संगठन ने किया ऐलान, मचा हड़कंप

#maulana_tauqeer_raza_said_on_21_july_5_hindu_boys_and_girls_will_be_converted_to_islam

Image 2Image 4

योगी राज में सामूहिक धर्म परिवर्तन का ऐलान हुआ है।बरेली दंगे के मास्टरमाइंड इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा के एक बयान ने फिजा में जहर घोलने का काम का है।आईएमसी के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि कई हिंदू लड़के और लड़कियां उनके संपर्क में हैं, जो सनातम धर्म छोड़कर इस्‍लाम कबूल करना चाहते हैं। इतना ही नहीं अपने पसंद के मुस्लिम लड़के और लड़की से शादी करना चाहते हैं। इसको लेकर 21 जुलाई को सामूहिक विवाह समारोह की अनुमति मांगी है।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए मांगी अनुमति

रजा ने कहा 21 जुलाई को सुबह 11 बजे खलील हायर सेकेंडरी स्कूल में पहले चरण में 5 जोड़ों का धर्म परिवर्तन और निकाह होगा।तौकीर रजा ने अपने दरगाह आला हजरत स्थित आवास पर प्रेस कांफ्रेंस कर ये ऐलान किया। रजा ने कहा कि पहले 5 हिन्दू लड़के और लड़कियों का मुस्लिम रीति रिवाज से कलमा पढ़वाकर और नमाज पढ़वाकर इस्लाम कबूल करवाया जाएगा और उन्हें मुसलमान बनाया जाएगा। जिसके बाद पांचों जोड़ों का निकाह करवाया जाएगा। रजा ने कहा कि हमने तो परमीशन मांगी है, हिन्दू तो वो भी नहीं मांगते है।

बड़ी संख्या में हिन्दू मुसलमान बनना चाहते हैं-रजा

मौलाना तौकीर रजा ने ये ऐलान किया है कि दो सालों से उन्होंने धर्म परिवर्तन पर रोक लगा रखी थी, लेकिन अब मौलानाओं का बहुत ज्यादा प्रेशर पड़ रहा है क्योंकि बड़ी संख्या में हिन्दू मुसलमान बनना चाहते हैं, जिस वजह से अब हिंदुओं को मुसलमान बनाने की बंदिशों को खत्म कर दिया गया है।

रजा के बयान पर भड़के वीएचपी नेता

तौकीर रजा के बयान पर वीएचपी के केंद्रीय प्रबंधन समिति के सदस्य राजकमल गुप्ता ने कहा कि डीएनए करा लें अपना और घर वापसी कर लें। हिन्‍दू धर्म में उनका हम स्वागत करेंगे। उन्‍होंने कहा कि तौकीर रजा मानसिक रूप से बीमार हो गए हैं। उन्‍होंने कहा कि ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। हम विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता किसी को भी धर्म परिवर्तन नहीं करने देंगे।वीएचपी नेता की यूपी सरकार और केंद्र सरकार से मांग है कि तौकीर रजा की तुरंत गिरफ्तारी की जाए।